सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल है जिसमें कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शूटिंग के जमावड़े के बीच एक चाय बागान में महिला वर्कर्स के साथ बातचीत कर रहे हैं. तस्वीर में दिख रहा है कि उनके चारों तरफ कई कैमरे हैं.
जैसा कि आप जानते हैं असम में विधानसभा चुनाव के बीच प्रधानमंत्री ने हाल ही में प्रचार के लिए राज्य का दौरा किया था. 1 अप्रैल को उन्होंने डिब्रूगढ़ में मनोहारी टी एस्टेट का दौरा किया और वहां महिला श्रमिकों के साथ चाय की पत्तियां भी तोड़ी और उनसे बातचीत की. पीएम ने खुद अपने चाय बागान दौरे का एक वीडियो शेयर किया.
पूर्व भारतीय क्रिकेटर और तृणमूल कांग्रेस सांसद कीर्ति आज़ाद (@KirtiAzaad) ने X पर तस्वीर पोस्ट की, जिसे ये आर्टिकल लिखे जाने तक 50 हज़ार से ज़्यादा बार देखा गया है. उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री की चाय बागान की यात्रा अनिर्धारित नहीं थी बल्कि पहले से योजनाबद्ध थी. उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर डाला कि पीएम मोदी ने LPG संकट के बीच इतने बड़े और महंगे फ़ोटोशूट की योजना बनाई. (आर्काइव)
एक और X यूज़र ‘@Jasmin01737661′ ने इसी दावे के साथ ये तस्वीर पोस्ट की. (आर्काइव)
इस तस्वीर को ऐसे ही दावों के साथ कई X यूज़र्स जैसे उरालिधरन गोपाल (@muralitwit), अभिषेक दत्त (@duttabhishek) और संजय हेगड़े (@sanjayuvacha) ने शेयर किया. (आर्काइव: 1, 2, 3)
फ़ैक्ट-चेक
वायरल तस्वीर को ध्यान से देखने पर ऑल्ट न्यूज़ को फोटो में कई गलतियाँ दिखीं.
सबसे पहले, जिस व्यक्ति को प्रधानमंत्री के रूप में दिखाया गया है वो साफ रूप से प्रधानमंत्री मोदी जैसा नहीं दिख रहा.
इसके बाद, तस्वीर में अलग-अलग साइन और बोर्ड पर सभी टेक्स्ट विकृत हैं जो AI-जनरेटेड तस्वीरों की एक विशिष्ट विशेषता है.
इसके अलावा, कथित फ़ोटो-ऑप को घेरने वाले लोगों का समूह धुंधला और आर्टिफ़िसियली पेश किया गया दिखाई देता है जिसमें बांस के स्टेज के शीर्ष पर तैनात कैमरामैन भी शामिल हैं.

इसके बाद, हमने तस्वीर को हाइव के AI डिटेक्शन टूल में डाला और हमें इसके आर्टिफ़िशियली होने की 99.9% संभावना दिखी.

कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री मोदी की डिब्रूगढ़ चाय बागान की हालिया यात्रा के दौरान एक फ़ोटो-ऑप दिखाने का दावा करने वाली वायरल तस्वीर असली नहीं है. इसे आर्टिफ़िशियली बनाया गया है.
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