सोशल मीडिया पर वायरल एक तस्वीर में महात्मा गांधी की सिर कटी मूर्ति है. भारत और बांग्लादेश के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच कई यूज़र्स इस तस्वीर को बांग्लादेश की घटना बता रहे हैं.
X यूज़र जनार्दन मिश्रा @janardanspeaks ने वायरल तस्वीर पोस्ट करते हुए कहा: “बापू ने 55 करोड़ रुपये देने के लिए भूख हड़ताल किए। उन्होंने हिंदुओं से पूर्ण अहिंसा की मांग की और मुसलमानों को अपने धर्म की रक्षा के अधिकारों का समर्थन किया, आज बांग्लादेशियों ने STSJ (सर तन से जुदा) करके गांधी जी के प्रति अपना सम्मान दिखाया।” बधाई हो बापू बिना सिर के गांधीगिरी जिंदाबाद.” (आर्काइव)
बांग्लादेश में आपका स्वागत है बापू…
बापू ने 55 करोड़ रुपये देने के लिए भूख हड़ताल किए। उन्होंने हिंदुओं से पूर्ण अहिंसा की मांग की और मुसलमानों को अपने धर्म की रक्षा के अधिकारों का समर्थन किया, आज बांग्लादेशियों ने STSJ (सर तन से जुदा) करके गांधी जी के प्रति अपना सम्मान… pic.twitter.com/tMO4dOuA8w
— Janardan Mishra (@janardanspeaks) January 18, 2026
एक अन्य X यूज़र काजल कुशवाह (@_काजलकुशवाहा) ने भी इसी दावे के साथ तस्वीर पोस्ट की. ये आर्टिकल लिखे जाने तक, इस पोस्ट को 24 हज़ार से ज़्यादा बार देखा और 750 से ज़्यादा रिशेयर किया गया था. (आर्काइव)
बांग्लादेश में आपका स्वागत है बापू।
बापू ने 55 करोड़ रुपये देने के लिए भूख हड़ताल किए। उन्होंने हिंदुओं से पूर्ण अहिंसा की मांग की और मुसलमानों को अपने धर्म की रक्षा के अधिकारों का समर्थन किया।
आज बांग्लादेशियों ने सर तन से जुदा करके गांधी जी के प्रति अपना सम्मान दिखाया।
बधाई… pic.twitter.com/FEZakFfqMD
— Kajal Kushwaha (@_KajalKushwaha) January 18, 2026
ये दावा कई अन्य X यूज़र्स ने भी पोस्ट किया जैसे @yagnaja, @Mata_Bhakta, @GolfVictor007, @brijeshchaodhry. (आर्काइव लिंक: 1, 2, 3, 4)
फ़ैक्ट-चेक
खंडित मूर्ति की तस्वीर सच में बांग्लादेश की थी या नहीं, ये जांचने के लिए हमने फ़ोटो का रिवर्स इमेज सर्च किया. हमें पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में स्थित एक समाचार/मीडिया आउटलेट ‘CCN संबाद’ नामक प्रोफ़ाइल से ये फेसबुक पोस्ट मिला.
🛑চাকুলিয়ায় SIR শুনানিকে কেন্দ্র করে বিডিও অফিসে তাণ্ডব, ভাঙা হলো মহাত্মা গান্ধীর মূর্তি🛑
#Chakulia #MahatmaGandhi #ccnsambadPosted by CCN Sambad on Friday 16 January 2026
इस फ़ेसबुक पोस्ट के कैप्शन के मुताबिक, ये घटना चाकुलिया में हुई जहां कथित तौर पर बीडीओ कार्यालय में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) सुनवाई के दौरान हिंसा भड़क गई थी. चाकुलिया पश्चिम बंगाल के उत्तरी दिनाजपुर ज़िले में एक विधानसभा क्षेत्र है.
हमने बंगाली में की-वर्ड्स सर्च किया और हमें 16 जनवरी को एबीपी आनंद की न्यूज़ रिपोर्ट मिली.

रिपोर्ट के मुताबिक, 16 जनवरी को चाकुलिया के गोलपोखर क्षेत्र के निवासियों ने बीडीओ कार्यालय पर हमला कर दिया था क्यूंकि उन्हें सूचना मिली थी कि क्षेत्र के लगभग 69,000 लोगों को SIR से संबंधित सुनवाई के लिए चुनाव आयोग द्वारा बुलाया गया था. ये कदम उन दावों के बावजूद उठाया गया कि चाकुलिया में प्रारंभिक सुनवाई पहले ही आयोजित की जा चुकी है.
द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में उत्तरी दिनाजपुर के एसपी जोबी थॉमस के हवाले से पुष्टि की गई है कि उत्तेजित भीड़ ने बीडीओ कार्यालय में तोड़फोड़ की थी. पुलिस लाठीचार्ज के बावजूद जारी हमलों में प्रभारी अधिकारी सहित 6 पुलिसकर्मी घायल हो गए.

17 जनवरी की द इंडियन एक्सप्रेस की एक और रिपोर्ट में ज़िक्र किया गया है कि घटना के सिलसिले में 19 लोगों को गिरफ़्तार किया गया था जिनमें से कई ने हिंसा से कोई संबंध नहीं होने का दावा किया था. बीडीओ कार्यालय में काम करने वाले एक व्यक्ति ने आउटलेट से बात की और बताया कि कार्यालय पर सुबह 9 बजकर 30 मिनट के आसपास हमला हुआ. दोपहर के करीब 12 बजे थे जब पुलिस अधीक्षक अपने दल-बल के साथ पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में लिया. उस समय तक, भीड़ के पास कार्यालय के कई विभागों में तोड़फोड़ करने, डाक्यूमेंट्स को नष्ट करने, कंप्यूटर और अन्य उपकरणों में आग लगाने और दो साल पहले परिसर में स्थापित महात्मा गांधी की मूर्ति को तोड़ दी गई थी.

हमें ज़ी 24 घंटा की एक वीडियो क्लिप भी मिली जिसमें बर्बरता की घटना पर रिपोर्ट की गई थी.
भाजपा की पश्चिम बंगाल यूनिट के ऑफ़िशियल हैंडल ने भी 16 जनवरी को इस घटना के बारे में पोस्ट किया था.
Mahatma Gandhi’s statue was vandalised in Chakulia during yesterday’s violence.
The head of the Father of the Nation was severed and left lying on the ground all night while the administration looked away.By morning, it was quietly removed. pic.twitter.com/UH69st1RNW
— BJP West Bengal (@BJP4Bengal) January 16, 2026
कुल मिलाकर, महात्मा गांधी की खंडित प्रतिमा की तस्वीर बांग्लादेश की नहीं है, जैसा कि सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में दावा किया गया है. मामला पश्चिम बंगाल के उत्तरी दिनाजपुर के चाकुलिया इलाके के गोलपोखर का है जहां 15 जनवरी को भीड़ ने बीडीओ ऑफ़िस में तोड़फोड़ की थी.
ये बताना उचित होगा कि भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य और लेखक स्वपन दासगुप्ता (@swapan55) ने भी वीडियो शेयर किया. हालांकि, उन्होंने बताया कि ये घटना पश्चिम बंगाल की थी, लेकिन उन्होंने ग़लत दावा किया कि असल में ये मुर्शिदाबाद ज़िले का मामला था.
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