सोशल पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कथित एक पत्र वायरल हो रहा है जिसमें हिमंता बिस्वा शर्मा को समर्थन देने पर नाराज़गी जताई गई है. 6 अप्रैल 2026 के कथित तारीख वाले इस पत्र में RSS नागपुर द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी रिंकी भुयान से जुड़ी कथित खबरों पर चिंता जताई गई है. वायरल पत्र में दावा किया गया है कि मुख्यमंत्री की पत्नी के पास तीन मुस्लिम देशों के पासपोर्ट होने की जानकारी सामने आई है, जिसे गंभीर बताते हुए देश की सुरक्षा और सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया गया है.

साथ ही वायरल पत्र में गृह मंत्री की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं, जैसे- “क्या गृह मंत्री श्री अमित शाह जी किसी अनैतिक समझौते के तहत हिमंता बिस्वा सरमा एवं उनकी पत्नी को बचाने का प्रयास कर रहे हैं? क्या भाजपा ने चरित्र, नैतिकता और ईमानदारी का पूर्णतया त्याग कर दिया है? यदि नहीं, तो फिर एक ऐसे व्यक्ति, जिसकी पत्नी तीन मुस्लिम देशों की नागरिकता/पासपोर्ट रखती हो, भाजपा में क्या कर रहा है?”

वायरल पत्र में ये भी कहा गया है कि RSS ने पहले ही इस मामले पर ध्यान देने की बात की थी, लेकिन कथित रूप से उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. इसके अलावा, पत्र में प्रधानमंत्री से अपील की गई है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें और असम की जनता से हिमंता बिस्वा सरमा का बहिष्कार करने की अपील करें.

कांग्रेस कार्यकर्ता जावेद अहमद और एक्स-यूज़र Karri P Rani, यशोदानंदन शर्मा समेत कई यूज़र्स ने वायरल पत्र शेयर करते हुए दावा किया है कि आरएसएस प्रमुख मोहन भगवत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी के पास तीन मुस्लिम देशों के पासपोर्ट होने के मामले पर गंभीर चिंता जताया है.

This slideshow requires JavaScript.

 

This slideshow requires JavaScript.

अरुणाचल प्रदेश कांग्रेस पार्टी के आधिकारिक फ़ेसबुक पेज पर वायरल पत्र की तस्वीर बिना शेयर किये ऐसा ही दावा किया.

अरुणाचल प्रदेश कांग्रेस पार्टी के पोस्ट को कई फेसबुक यूज़र्स ने ज्यों का त्यों शेयर किया .

This slideshow requires JavaScript.

ऑल्ट न्यूज़ को व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर (+917600011160) RSS के वायरल पत्र का फ़ैक्ट-चेक करने के लिए कई लोगों ने रिक्वेस्ट भेजा.

इसके अलावा, इंडिया टीवी न्यूज़ चैनल के एक प्रोग्राम का 1 मिनट 50 सेकेंड का क्लिप भी वायरल है, जिसमें कथित रूप से न्यूज़ एंकर प्राची पाराशर और संवाददाता शोएब रजा दर्शकों को RSS का या कथित पत्र दिखा रहे हैं. एंकर कहता है, “6 अप्रैल 2026 को नागपुर से आरएसएस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भेजा है जिसमें असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा और उनके परिवार को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए पत्र में मुख्यमंत्री की पत्नी के पास तीन अलग-अलग देशों के पासपोर्ट होने पर गंभीर चिंता जताई है. सूत्रों के हवाले से खबर है कि आरएसएस ने इस चुनाव में हिमंता बिस्वा सरमा की मदद नहीं करने का फैसला किया है.”

@ChekrishnaCk नामक एक्स-हैंडल ने इंडिया टीवी को सोर्स बताकर वीडियो को शेयर किया और बिग ब्रेकिंग न्यूज़ बताया. इस यूज़र भी ऐसा ही दावा किया था लेकिन बाद में यह पोस्ट डिलीट कर दिया.

एक्स-यूजर्स प्रज्ञा गुप्ता, कांग्रेस कार्यकर्ता अमर सिंह चौहान, पत्रकार वसीम ज़ैदी, रूबी अरुण समेत @moini_565, @Vishwaguru2026 जैसे कई हैंडल्स ने इंडिया टीवी का वीडियो शेयर करते हुए ऐसा ही दावा किया.

This slideshow requires JavaScript.

फैक्ट-चेक

ऑल्ट न्यूज़ ने RSS के लेटरहेड वाले वायरल पत्र की सत्यता जांचने के लिए पत्र को ध्यानपूर्वक देखा, हमें वायरल पत्र में कई विसंगतिया मिलीं. जैसे कि लेटरहेड में ‘राष्‍ट्रीय स्वयंसेवक संघ’ शब्द एक सीधी लाइन में नहीं बल्कि ऊपर-नीचे लिखा हुआ है और दूसरा ‘प्रधानमंत्री सत्ता के लोभ में अंधे होने की बजाय कृपया आँखें खोलिए’ इस तरह की भाषा का प्रयोग आमतौर पर आधिकारिक पत्रों में नहीं किया जाता है.

हमने RSS के आधिकारिक सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म को खंगाला लेकिन हमें हाल ही जारी किया गया ऐसा कोई वायरल पत्र नहीं मिला, जो इस दावे के पुष्टि कर सके. हालांकि जांच के दौरान हमें दो हिंदी में लिखे और एक इंग्लिश में, तीन आधिकारिक लेटरहेड पर लिखे पत्र मिले.

इन तीनों की तुलना वायरल RSS वाली लेटरहेड से करने पर देखा कि सभी लेटर के font स्टाइल एक दूसरे से बहुत अलग हैं. सबसे पहले वायरल पत्र में ‘राष्ट्रीय‘ लिखा है लेकिन असली सभी पत्रों में ‘राष्‍ट्रीय‘ लिखा है. साथ ही दिनांक की जगह और स्टाइल काफी अलग है. इसके अलावा, आधिकारिक पत्रों में जारीकर्ता का नाम व हस्ताक्षर बाएं की ओर लिखा है जबकि वायरल पत्र में जारीकर्ता के नाम हस्ताक्षर दाईं ओर लिखा लिखा गया है.

कुल मिलाकर, वायरल पत्र एडिटिंग टूल की मदद से बनाया गया है, जिसे RSS का असली पत्र बताकर कांग्रेस और कुछ न्यूज़ मीडिया मोहन भागवत का प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर, हिमंता बिस्वा सरमा के मुद्दे पर गंभीर चिंता व्यक्त करने का झूठा दावा कर रहे हैं.

अब इंडिया टीवी के क्लिप की सच्चाई जानने के लिए वीडियो में चल रहे “न्यूज़ टिकर” को हमने की-वर्ड सर्च किया. हमें इंडिया टीवी के यूट्यूब चैनल पर करीब 20 मिनट लंबा ओरिजिनल वीडियो 8 अप्रैल 2026 को अपलोडेड मिला. इस रिपोर्ट में SIR पर मुलाकात करने दिल्ली पहुंची टीएमसी डेलिगेशन और चुनाव आयोग के बीच हंगामा और टीएमसी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन का चुनाव आयुक्तों पर चिल्लाने की ख़बर दी गई है.

हमने इंडिया टीवी की पूरी रिपोर्ट देखी और वायरल वीडियो से फ्रेम बाय फ्रेम मिला कर जांच की. और ये साफ़ हो गया कि इंडिया टीवी की रिपोर्ट के ओरिजिनल वीडियो में से काट-छांटकर ये फ़र्ज़ी क्लिप बनाई गई है. फ्रेम बाय फ्रेम वीडियो की जांच में हमने देखा कि दोनों वीडियो में एंकर और संवाददाता के फ्रेम और नीचे “न्यूज़ टिकर” एक ही है लेकिन इनके बीच में वायरल पत्र, नरेंद्र मोदी – मोहन भागवत, हिमंता बिस्वा सरमा की रैली का एक विज़ुअल है जबकि असल वीडियो में टीएमसी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन और दिल्ली में चुनाव आयोग के मुलाकात के बाद के विजुअल चलाए गए हैं.

इसके अलावा, न्यूज़ एंकर प्राची पाराशर और संवाददाता शोएब रज़ा की आवाज़ उनके ओरिजिनल रिपोर्ट की आवाज़ से बहुत अलग है. साथ ही वायरल वीडियो में इनके लिप्सिंक भी ऑडियो के साथ मेल नहीं खा रहे हैं. अक्सर इस प्रकार की कमियां हमें AI जनरेटेड वीडियो या एडिटिंग टूल की मदद से बनाये गए मॉर्फ्ड वीडियो में देखने को मिलती हैं.

संवाददाता शोएब रजा ने अपने एक्स-अकाउंट पर एक पोस्ट को कोट करते हुए वायरल वीडियो को फ़र्ज़ी बताया और लिखा, “कल मैंने चुनाव आयोग गए TMC डेलिगेशन की खबर की रिपोर्ट की थी, उस वीडियो के साथ किसी ने छेड़छाड़ करके ये फर्जी वीडियो बनाया. ना ये प्राची पाराशर की आवाज़ हैं ना ही मेरी.” साथ ही पोस्ट में दिल्ली पुलिस को मेंशन करके वीडियो को पोस्ट करने वाले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने मांग की.

कुल मिलाकर, RSS का पत्र और इंडिया टीवी की रिपोर्ट दोनों एडिटिंग टूल की मदद से बनाए गए है. इन्हें शेयर कर यूज़र्स झूठा दावा कर रहे हैं कि

वर्गीकरण करना कठिन
दावा:
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी से संबंधित मुद्दों पर चिंता जताई

There is insufficient information to make a definitive determination.

हमारी कार्यप्रणाली पढ़ें