4 अगस्त, 2026 को BJP के अलग अलग हैन्डल से कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे का 20 सेकंड का एक वीडियो सोशल मीडिया शेयर किया गया. BJP ने दावा किया कि प्रियांक खड़गे ने छात्रों को 25 दिन की भूख हड़ताल करने और लाठीचार्ज झेलने को कहा, तभी वो इस्तीफा देंगे. ये वीडियो बीजेपी हिमाचल प्रदेश, बीजेपी छत्तीसगढ़, बीजेपी जम्मू-कश्मीर और बीजेपी हरियाणा के फेसबुक अकाउंट से शेयर किया गया.

भाजपा के आधिकारिक अकाउंट से प्रियांक खड़गे के बयान को शेयर करते हुए इसे कांग्रेस सरकार के दोहरे मापदंड का सबूत बताया गया. साथ ही, प्रियांक खड़गे पर परीक्षार्थियों का मजाक उड़ाने का आरोप भी लगाया गया.

 

क्या है मामला? 

दरअसल 2 अगस्त 2026 को कर्नाटक में पुलिस कांस्टेबल के 1,453 खाली पदों पर भर्ती की परीक्षा थी, इस परीक्षा के दौरान विजयपुरा में कई उम्मीदवारों ने केंद्रों से बाहर निकलकर प्रश्नपत्र बांटने में देरी और ओएमआर शीट से जुड़ी गड़बड़ियों का आरोप लगाया. कर्नाटक इग्ज़ैमनैशन अथॉरिटी ने बाद में इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर कुछ केंद्रों पर भ्रम की स्थिति फैली, इस झूठी जानकारी की वजह से बनी कि प्रश्नपत्र और ओएमआर शीट की संख्या का मेल जरूरी है. हालांकि, अधिकारियों ने साफ़ किया कि कर्नाटक इग्ज़ैमनैशन अथॉरिटी की स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के अनुसार, OMR शीट और प्रश्न पत्र के सीरियल नंबर का मेल खाना ज़रूरी नहीं है. उन्होंने उम्मीदवारों को बताया कि उन्हें OMR शीट पर सिर्फ़ प्रश्न पत्र सीरीज़ कोड, वर्ज़न कोड और रजिस्ट्रेशन नंबर सही-सही भरना था.

3 अगस्त को विपक्षी भाजपा ने इस विवाद को हथियार बनाते हुए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक के नेतृत्व में विजयपुरा से जुड़ी एक घटना का हवाला देकर गृह मंत्री प्रियांक खड़गे के इस्तीफे की मांग कर दी. इसी दिन पत्रकारों के साथ बातचीत में एक पत्रकार ने प्रियांक खड़गे से बीजेपी और जेडी(एस) की ओर से इस्तीफ़े की मांग पर सवाल किया. इसपर जवाब देते हुए प्रियांक खड़गे ने कहा कि “मैं इस्तीफ़ा दे दूंगा, पहले वे 25 दिन की भूख हड़ताल पर बैठें. अगर वे नहीं माने, तो हम लाठीचार्ज करेंगे और फिर मैं इस्तीफ़ा दे दूंगा. ठीक वैसे ही जैसे उन्होंने पहले किया था.”. इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने नीट पेपर लीक मुद्दे पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन के दौरान भाजपा के रवैये की ओर इशारा किया था.

हालांकि, न्यूज़ एजेंसी पीटीआई ने जो रिपोर्ट प्रकाशित की उसमें प्रियांक खड़गे के बयान में बीजेपी और जेडी(एस) की जगह अभ्यर्थी शब्द जोड़ दिया गया जिससे लगा कि मंत्री परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों को 25 दिन भूखे रहने और पुलिस की लाठियां खाने को कह रहे हैं, तभी वो इस्तीफा देंगे. पीटीआई ने इसको लेकर जो पोस्ट किया था बाद में डिलीट कर दिया गया.

उस पोस्ट में लिखा था कि कर्नाटक राज्य पुलिस भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों पर कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा, “मैं इस्तीफ़ा दे दूंगा, लेकिन पहले उम्मीदवारों को 25 दिन की भूख हड़ताल करने दें, उन पर लाठीचार्ज होने दें और फिर मैं इस्तीफ़ा दूंगा. ठीक वैसे ही जैसे NEET पेपर लीक के बाद किया गया था.”


प्रियांक खड़गे ने 3 अगस्त को ही एक पोस्ट में पीटीआई के दावों का खंडन किया. उन्होंने कहा कि मुझसे ये सवाल पूछा गया था कि बीजेपी और विपक्ष के नेता आर. अशोक, विजयपुरा की घटना को लेकर आपके इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं. इस पर आपका क्या कहना है? “इसपर मेरा जवाब था कि अगर बीजेपी मेरे इस्तीफ़े की मांग को लेकर 25 दिन की भूख हड़ताल पर बैठने को तैयार है, तो मैं इस पर विचार करूंगा.”

प्रियांक खड़गे ने स्पष्ट रूप से कहा कि उनका निशाना भाजपा के राजनीतिक नाटक पर था न कि परीक्षार्थियों या छात्र प्रदर्शनकारियों पर.

 

 

फिर भी बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने 4 अगस्त को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जब कर्नाटक पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती में पेपर लीक को लेकर छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया, और जब प्रियांक खड़गे से पूछा गया कि क्या वो इसकी ज़िम्मेदारी लेंगे. तो उन्होंने कहा कि पहले छात्रों को 25 दिन तक भूख हड़ताल करने दो, फिर हम लाठीचार्ज करेंगे, और उसके बाद मैं अपने इस्तीफ़े के बारे में सोचूंगा.

 

NDTV ने इस मामले पर रिपोर्ट के हेडलाइन में प्रियांक खड़गे के हवाले से लिखा, “छात्रों पर लाठी चार्ज करूंगा फिर इस्तीफ़ा दूंगा”.

इसी प्रकार, भाजपा से राज्यसभा सांसद डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल और कई राइट-विंग अकाउंट्स, जैसे पॉलिटिकल् कीड़ा, इंडिया न्यूज़ अरीना ने भी इसी दावे के साथ प्रियांक खड़गे का वीडियो शेयर किया. इन सभी ने दावा किया कि प्रियांक खड़गे ने कहा कि मैं तब इस्तीफ़ा दूंगा जब छात्र 25 दिन तक भूख हड़ताल करेंगे, और उसके बाद हम उन पर लाठीचार्ज करेंगे.

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PTI ने गलती के लिए माफी मांगी

4 अगस्त को पीटीआई ने एक्स पर एक पोस्ट डाली जिसमें उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने प्रियांक खड़गे के बयान की गलत व्याख्या करते हुए पहले की पोस्ट में गलती से ‘अभ्यर्थी’ शब्द जोड़ दिया था. एजेंसी ने इस चूक पर खेद व्यक्त करते हुए बताया कि वो पोस्ट डिलीट कर दिया गया है. इसके बाद पीटीआई के विज़ुअल्स मीडिया संपादक शाज़ी ज़मां ने प्रियांक खड़गे को एक लिखित माफीनामा भेजा जिसमें इस पूरे प्रकरण को मानवीय भूल बताते हुए स्वीकार किया कि इससे गलतफहमी पैदा हुई.

पीटीआई के सुधार और माफी के बावजूद भाजपा के अकाउंट ने 4 अगस्त को दोबारा वही गलत बयान बिना संदर्भ के पोस्ट किया. पोस्ट में पत्रकार के सवाल वाले हिस्से को काट दिया गया और फिर से ये दावा दोहराया गया कि खरगे ने युवाओं को 25 दिन भूख हड़ताल पर बैठने को कहा था, और इसे कांग्रेस सरकार पर पेपर लीक व छात्र प्रदर्शनों को लेकर दोहरे मापदंड अपनाने के आरोप के तौर पर इस्तेमाल किया गया.

कुल मिलाकर, BJP ने कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे के बयान को गलत संदर्भ में पेश करते हुए झूठा दावा किया कि उन्होंने पहले छात्रों को भूख हड़ताल और संभावित लाठीचार्ज से गुजरने की बात की, इसके बाद वो इस्तीफा देंगे. जबकि असल में उन्होंने ये बात परीक्षार्थियों के लिए नहीं, बल्कि भाजपा और विपक्षी दलों को संबोधित करते हुए कही थी. पीटीआई की शुरुआती रिपोर्ट में भाजपा की जगह अभ्यर्थी शब्द आ जाने से इसका अर्थ पूरी तरह बदल गया और विपक्ष पर की गई टिप्पणी, परीक्षार्थियों के खिलाफ धमकी लगने लगी.