सोशल मीडिया पर भीषण आग का एक वीडियो शेयर किया जा रहा है. कई दक्षिणपंथी अकाउंट ने सऊदी अरब और हूतियों के बीच हालिया तनाव का बताकर दावा किया कि यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के तेल भंडारों पर हमला किया है, जिसमें ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन भी शामिल है. साथ ही, इस वीडियो के जरिए मक्का पर भी हमले का दावा किया जा रहा है.
अक्सर साम्प्रदायिक गलत और झूठी जानकारी फैलाते हुए पकड़े गए भाजपा समर्थक रौशन सिन्हा ने अपने एक्स-हैंडल @MrSinha पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “सऊदी अरब के तेल के बुनियादी ढांचे पर लगातार हमले हो रहे हैं, रणनीतिक ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन हमलों के बाद बंद कर दी गई है. जबकि हुती हमलों से सऊदी अरब के महत्वपूर्ण ऊर्जा और निर्यात बुनियादी ढांचे पर और दबाव बढ़ रहा है.”
Saudi Arabia’s oil infrastructure is taking hit after hit.
The strategic East-West Pipeline has been shut down following attacks, while Houthi attacks are adding further pressure on Saudi Arabia’s vital energy and export infrastructure.And remember, Saudi Arabia and Pakistan… pic.twitter.com/vwExp0RlFm
— Mr Sinha (@Mrsinha) September 16, 2026
रॉयटर्स की 16 सितंबर 2026 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर 2026 में हूतियों ने सऊदी अरब पर कई बार हमले किए, जिससे दक्षिण और पश्चिम के शहरों में खतरे के सायरन बजने लगे और हमले की वजह से सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन भी बंद हो गई. इसी संदर्भ में ये वीडियो शेयर किया जा रहा है.
कई मौकों पर झूठी जानकारी फैलाते पाए गए भाजपा समर्थक और कथित सुप्रीम कोर्ट के वकील शशांक शेखर झा (@shashank_ssj) ने एक्स पर एक ही दावे के साथ दो बार ये वीडियो शेयर किया, “सुन्नी इस्लामी राष्ट्र सऊदी अरब पर शिया इस्लामी हुती विद्रोहियों द्वारा क्रूर हमला किया जा रहा है. हुती हमलों के बाद सऊदी अरब की तेल बुनियादी ढांचे, जिसमें ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन भी शामिल है, ठप हो गई है. मक्का पर भी भीषण हमला हुआ.”
इसी वीडियो को कई फेसबुक और एक्स यूजर्स ने हालिया सऊदी-हूती संघर्ष से जोड़कर शेयर किया.
फैक्ट-चेक
ऑल्ट न्यूज़ ने वायरल दावे की हकीकत जानने के लिए वीडियो के फ़्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च किया. हमें पूरा वीडियो 25 मार्च 2022 को ‘Fahad Al-Muwallad‘ नामक यूट्यूब चैनल पर अपलोडेड मिला. शीर्षक में ‘सऊदी अरामको’ में आग लगने के बारे में बताया गया था.
इससे स्पष्ट होता है कि वायरल वीडियो सितंबर 2026 के किसी घटना का नहीं है, बल्कि मार्च 2022 से ऑनलाइन मौजूद है.
इसके अलावा, हमें रॉयटर्स का 26 मार्च 2022 को प्रकाशित एक वीडियो रिपोर्ट मिली. इसमें वायरल वीडियो में दिख रही आग और लोकेशन समान है और वीडियो को 25 मार्च 2022 को जेद्दा, सऊदी अरब में रिकॉर्ड किया गया था. रिपोर्ट के मुताबिक, हुती विद्रोहियों के हमले में सऊदी अरामको के भंडारण प्लांट को निशाना बनाया गया, जिससे आग लग गई थी.

जांच आगे बढ़ाते हुए हमने वायरल वीडियो में दिख रही तेल प्लांट और जगह को जियोलोकेट भी किया. ये जगह हमें North Jeddah Bulk Plant Saudi Aramco के रूप में मिली. जिसके दृश्य वायरल वीडियो में दिख रहे स्थान से मेल खाते हैं.
हमने इसी जगह की 24 फरवरी 2022 और 3 अप्रैल 2022 को ली गई सैटेलाइट इमेज की तुलना भी की, जिसमें सऊदी अरामको भंडारण प्लांट के आसपास हुए बदलाव और नुकसान दिखाई दे रहे हैं.

हालांकि, मक्का के संबंध में रॉयटर्स की 16 सितंबर 2026 की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि यमन के ईरान समर्थित हुतियों से लड़ रहे सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के एक प्रवक्ता ने बताया कि सऊदी अरब की हवाई रक्षा ने 15 सितंबर को मक्का के दक्षिण में एक हुती ड्रोन को पवित्र शहर के ऊपर प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही रोककर नष्ट कर दिया.
रिपोर्ट के मुताबिक, हूती पक्ष ने मक्का या वहां के धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने से इनकार किया है. इसलिए मक्का पर हमले के दावे भ्रामक है
कुल मिलाकर, सितंबर 2026 में सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच बढ़े तनाव से जोड़कर वायरल वीडियो मार्च 2022 का है. जब सऊदी अरब के जेद्दा स्थित सऊदी अरामको के भंडारण प्लांट में हमले के बाद आग लगी थी.





