6 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 1:30 बजे दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में एक दर्दनाक हादसा हुआ. इस संदर्भ में सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं. हमें दो ऐसे वीडियोज़ मिले, जिनमें से एक AI-generated है, जबकि दूसरा 2017 में दिल्ली में एक इमारत को गिराए जाने का पुराना वीडियो है.

सत्य निकेतन में पेइंग गेस्ट के रूप में इस्तेमाल की जा रही पांच मंजिला इमारत अचानक ढह गई. रिपोर्ट के अनुसार, इस हादसे में मलबे के नीचे दबने से 7 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 5 छात्र और 2 मजदूर शामिल हैं.

वायरल वीडियो-1 

सोशल मीडिया पर वायरल 10 सेकेंड के वीडियो में एक इमारत अचानक भरभराकर गिरता हुआ दिखता है वहीं गिरती हुई इमारत को देखकर गली में दिख रहे लोग इधर-उधर भागते हुए दिख रहे है. यूज़र्स इस वीडियो को दिल्ली विश्वविद्यालय के पास सत्य निकेतन में लड़कों के PG में हुई घटना वाली पुरानी इमारत बताकर शेयर कर रहे हैं.

फैक्ट-चेक

ऑल्ट न्यूज़ ने वीडियो को ग़ौर से देखने पर इसमें कई असामान्यताएं पायीं. ऐसी त्रुटियां या विसंगतिया अक्सर हमें AI जनरेटेड तस्वीरों और वीडियो में देखने को मिलती हैं. हमने इन्हें निम्नलिखित पॉइंट में नीचे रखा है:

  • वीडियो में दिख रही इमारत के नीचे बनी दुकान में लगे बोर्ड में नाम अजीब भाषा में लिखा हुआ है जिसे पढ़ा नहीं जा सकता है.
  • इमारत के ढहते समय बनने वाले दरार अप्राकृतिक नज़र आ रहे हैं.
  • सबसे अजीब बात ये है कि इमारत के मलबे ज़मीन में गिरते हैं और ये इंसान बन जाते हैं.
  • वीडियो में इमारत गिरने के बाद उसके बीच से अचानक कई लोगों के निकलकर भागने का दृश्य भी दिखाई देता है.

आगे, हमने इसे AI डिटेक्शन टूल से चेक किया और पाया कि इस वीडियो के AI-जनरेटेड होने की लगभग 99% संभावना है.

वीडियो में दिखीं विसंगतियां और AI टूल के परिणाम से स्पष्ट है कि वायरल वीडियो AI की मदद से बनाई गई है, जिसे दिल्ली सत्य निकेतन में PG इमारत के ढहने का बताकर शेयर किया जा रहा है.

वायरल वीडियो-2

ऐसे ही एक अन्य वीडियो में इमारत के ढहने से धूल और मलबे का गुब्बारा सा हवा में उड़ता हुआ दिखाई देख रहा है, यूजर्स इस वीडियो को भी हालिया दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत ढहने का लाइव वीडियो फुटेज बता रहे हैं. (आर्काइव लिंक-1, लिंक 2)

फैक्ट-चेक

ऑल्ट न्यूज़ ने इस वीडियो के फ़्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च किया. हमें 10 नवंबर 2017 को News State के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर प्रकाशित एक वीडियो रिपोर्ट मिली. रिपोर्ट के 18वें सेकेंड पर वायरल वीडियो का वही दृश्य दिखाई देता है. साथ ही इसके कैप्शन में बताया गया कि जसोला में दिल्ली नगर निगम ने अवैध रूप से निर्मित इमारत को ध्वस्त कर दिया गया.

आगे इस संबंध में की-वर्ड सर्च करने पर हमें 11 नवंबर 2017 को प्रकाशित द टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट मिली. रिपोर्ट के मुताबिक, 9 नवंबर 2017 को दिल्ली जसोला में एक पांच मंजिला इमारत के अचानक झुक जाने और उसमें दरारें पड़ने के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने इसे गिराया था. इस दौरान इमारत के मलबे नाले में गिरकर जाम होने के बाद कई घरों में पानी भर गए. इससे लगभग 1,000 लोग बेघर हो गए थे.

यानी, दूसरा वायरल वीडियो नवंबर 2017 में दिल्ली के जसोला इलाके में दिल्ली नगर निगम द्वारा एक इमारत को ध्वस्त किए जाने का है. यह हालिया सत्य निकेतन में PG इमारत गिरने का वीडियो नहीं है.

कांग्रेस ने AI और पुराने वीडियो को सत्य निकेतन से जोड़ा 

हमने देखा कि 7 सितंबर को कांग्रेस ने अपने आधिकारिक एक्स-हैंडल @INCIndia पर एक वीडियो शेयर किया. कांग्रेस द्वारा शेयर किए गए इस वीडियो में सत्य निकेतन हादसे के कई असली फुटेज हैं. लेकिन पहले 4 सेकेंड तक AI वीडियो और 39 सेकेंड पर दूसरा 2017 का पुराना वीडियो इस्तेमाल किया गया है. कैप्शन है, “सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना विकास के दावों की असलियत को उजागर करती है.”

 

कुल मिलाकर, दिल्ली के सत्य निकेतन में PG इमारत ढहने की घटना के बाद कुछ असली फ़ुटेज के बीच एक AI से बना वीडियो और दूसरा नवंबर 2017 की घटना की क्लिप भी वायरल है. कांग्रेस ने भी अपने आधिकारिक एक्स-हैंडल से शेयर किए गए वीडियो में इन दोनों वायरल विजुअल का इस्तेमाल किया है.

ग़लत
दावा:
दिल्ली के सत्य निकेतन के PG इमारत के अचानक ढहने का लाइव वीडियो फुटेज

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