बिहार के जमुई जिले में 19 सितंबर को दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले एक लड़के और लड़की के साथ मारवा पहाड़ के पास कोचिंग से लौटते समय कुछ लोगों ने बदसलूकी और छेड़छाड़ की थी. इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें आरोपियों को लड़की के साथ अभद्रता करते हुए देखा गया.
जांच के क्रम में 22 सितंबर को जमुई पुलिस ने मुख्य आरोपी नंदन यादव को पकड़ने के लिए मारवा पहाड़ी क्षेत्र में घेराबंदी की थी. पुलिस के मुताबिक, नंदन यादव भागने की कोशिश कर रहा था, जिस क्रम में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी. तुरंत इलाज के लिए उसे जमुई सदर अस्पताल भेजा गया. इस दौरान नंदन यादव के लंगड़ाते हुए चलने का एक वीडियो भी मीडिया में सामने आया था. इसी मामले में एक अन्य आरोपी हरेराम यादव को भी पुलिस से भागने के दौरान चोट आई थी.
अगले दिन, यानी 23 सितंबर को एक वीडियो सामने आया जिसमें एक आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद पुलिस की गाड़ी में बिठाया जा रहा था. पीटीआई ने इस वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया कि इसमें मुख्य आरोपी नंदन यादव है, जिसे कोर्ट के बाहर थप्पड़ मारा गया.
VIDEO | Jamui harassment case: Main accused Nandan Yadav slapped by people outside court.
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/d8jp61yd2p) pic.twitter.com/nCb1mAxLbD
— Press Trust of India (@PTI_News) September 23, 2026
आरोपी नंदन यादव को एक दिन पहले ही पैर में गोली लगने की खबर आई थी, और कोर्ट के बाहर के वीडियो में वह व्यक्ति लंगड़ा नहीं रहा था, बल्कि सामान्य रूप से चलता हुआ दिखाई दे रहा था. इससे सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने सवाल उठाने शुरू कर दिए कि अगर वाकई एनकाउंटर हुआ था और आरोपी को गोली लगी थी, तो वह एक ही दिन बाद सामान्य तरीके से कैसे चल सकता है? इस आधार पर कई लोगों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया कि क्या पूरा एनकाउंटर फ़र्ज़ी था और पुलिस ने केवल दिखावे के लिए यह कहानी गढ़ी थी?
बीजेपी झूठ की दुकान नाम के अकाउंट ने चोट लगने और कोर्ट परिसर में थप्पड़ लगने का वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “इस देश में न्याय का स्तर ऐसा है कि कल पूरे भारतीय मीडिया ने दावा किया था कि जमुई घटना के आरोपी को एनकाउंटर में गोली मारी गई थी. उसके लंगड़ाकर चलने और पुलिस द्वारा उसे कंधों पर उठाकर पुलिस स्टेशन ले जाने के वीडियो वायरल हुए थे, 24 घंटे बाद अब वह अपने पैरों पर चल रहा है.”
Level of JUSTICE in this country.
The entire Indian media yesterday claimed that the accused from #Jamui incident was shot in an encounter.
Videos of him limping and police bringing him to the POLICE STATION on shoulders went viral.
24 hrs later he is now walking on his feet. pic.twitter.com/4a6k9CH4mC
— BJP Jhoot Ki Dukaan (@jhoothkidukan) September 23, 2026
कांग्रेस नेता विजय थोट्टाथिल ने इसपर सवाल खड़े करते हुए लिखा, “खबरों के मुताबिक, कल जमुई में पुलिस मुठभेड़ के दौरान नंदन यादव के पैर में गोली लगी थी. फिर भी आज वह बिल्कुल सामान्य रूप से चलता हुआ दिखाई दे रहा है. अगर सच में उसे गोली लगी थी, तो गोली लगने का निशान कहाँ है? क्या बिहार पुलिस लोगों को बेवकूफ बनाने की कोशिश कर रही है?”

पत्रकार तमाल साहा ने आरोपी का वीडियो शेयर करते हुए कहा, “पहले दिन बिहार पुलिस ने कहा कि आरोपी घायल है, खबर है कि उसे गोली भी लगी हो सकती है. दूसरे दिन वह बिल्कुल ठीक-ठाक हालत में बाहर निकलता है.” तमाल ने बिहार पुलिस पर तंज कसते हुए कहा कि तंज कसते हुए कहा कि बिहार पुलिस को शायद राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था संभाल लेनी चाहिए. उनकी रातों-रात ठीक होने की रफ़्तार किसी चमत्कार जैसी लगती है.

इसके अलावा कई अन्य पत्रकारों ने भी दोनों वीडियो शेयर करते हुए इस घटना पर सवाल उठाया.
ड्रामा ही था! pic.twitter.com/bi7vQ4dBk2 https://t.co/LXKIt820Ce
— Umashankar Singh उमाशंकर सिंह (@umashankarsingh) September 24, 2026
आखिर थप्पड़ किसको पड़ी?
हमने देखा कि थप्पड़ मारे जाने के वीडियो में कई बार बैकग्राउंड में “हरेराम” नाम पुकारा जाता है. इसके अलावा कई पत्रकारों और मीडिया आउटलेट्स ने भी मामले के आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद पुलिस की गाड़ी में बिठाने का वीडियो शेयर करते हुए आरोपी का नाम हरेराम यादव बताया था, जो इसी मामले का एक अन्य आरोपी है.
हमें आजतक की एक रिपोर्ट मिली, जिसमें वही वीडियो दूसरे एंगल से रिकार्ड किया गया था. इस रिपोर्ट में वीडियो में दिख रहे आरोपी का नाम हरेराम यादव बताया गया है. इस रिपोर्ट में उस वकील का बाइट भी है जिसने हरेराम यादव को थप्पड़ मारा था. नीचे हमने एक ही मौके के दो वीडियो को मिलान किया है, जिसे दो अलग न्यूज़ आउटलेट द्वारा अलग-अलग एंगल से पोस्ट किया गया है.
पुष्टि के लिए हमने जमुई थाना के थानाध्यक्ष से संपर्क किया. उन्होंने साफ तौर पर बताया कि अदालत में पेश किया गया व्यक्ति नंदन यादव नहीं बल्कि हरेराम यादव है, जो इसी किशोर उत्पीड़न मामले में आरोपी है.
ऑल्ट न्यूज़ ने इस मामले पर जमुई की एसडीपीओ दीप्ति मोनाली से बात की. उन्होंने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा दावा गलत है. उनके मुताबिक, जिस आरोपी नंदन यादव को एनकाउंटर में गोली लगी थी, वह अभी अस्पताल में भर्ती है. जबकि अदालत में पेश किया गया व्यक्ति उसी मामले का एक अन्य आरोपी हरेराम यादव है. दोनों अलग-अलग लोग हैं, जिन्हें एक ही समझकर भ्रम फैलाया जा रहा है.
हमने वकील आकाश पाण्डे से भी बात की जिन्होंने आरोपी को थप्पड़ मारा था. उन्होंने कन्फर्म किया कि हरे राम यादव को ही उन्होंने थप्पड़ मारा था.
जमुई पुलिस ने इस मामले में स्पष्टीकरण जारी करते हुए एक्स पर एक पोस्ट के जरिए सोशल मीडिया पर फैल रहे दावों का खंडन किया.
पुलिस ने बताया, “जमुई की घटना को लेकर सोशल मीडिया पर एक निराधार बयान और वीडियो फैलाया जा रहा है, जिसमें एनकाउंटर में घायल आरोपी के चलने का दावा करते हुए गलत सूचना दी जा रही है. वीडियो में जिस व्यक्ति को सामान्य रूप से चलते हुए दिखाया गया है और यह सवाल उठाया जा रहा है कि अगर एनकाउंटर हुआ था, तो यह व्यक्ति कैसे चल रहा है?, दरअसल वह व्यक्ति एनकाउंटर में घायल नंदन यादव नहीं, बल्कि इसी मामले का दूसरा आरोपी हरेराम यादव है. पुलिस ने स्पष्ट किया कि नंदन यादव और हरेराम यादव दोनों अलग-अलग व्यक्ति हैं. हरेराम यादव को पुलिस कार्रवाई के दौरान चोट लगी थी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया और अस्पताल में इलाज कराने के बाद न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया गया.”
जमुई घटना के संबंध में सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक खबर का खंडन….#jamuiPolice#BiharPolice#haityaarhum#PoliceAction pic.twitter.com/UDtKRiijlQ
— JAMUI POLICE (@JamuiPolice) September 24, 2026
कुल मिलाकर, सोशल मीडिया पर किया जा रहा दावा भ्रामक है. अदालत में सामान्य रूप से चलते हुए दिखा व्यक्ति नंदन यादव नहीं बल्कि हरेराम यादव था, जो इसी मामले में एक अलग आरोपी है. पुलिस के मुताबिक, नंदन यादव को मुठभेड़ में पैर में गोली लगी थी और वह अस्पताल में भर्ती है.





