ट्रिगर वार्निंग: सुसाइड। दर्शकों को अपने विवेक से वीडियो देखने की सलाह दी जाती है.
सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे एक वीडियो में एक व्यक्ति पिस्तौल से खुद को सिर में गोली मारने से पहले कैमरे को संबोधित करते हुए दिखाई दे रहा है. सोशल मीडिया यूज़र्स का दावा है कि क्लिप में एक ईरानी जनरल को दिखाया गया है जिसने कथित तौर पर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निर्देशांक (लोकेशन) लीक कर दिए, जिससे अमेरिकी और इजरायली सेना उनकी हत्या कर सके. इन दावों के मुताबिक, अधिकारी ने ईरानी राज्य द्वारा पकड़े जाने और फांसी से बचने के लिए अपनी जान ले ली.
इज़राइल और संयुक्त राज्य अमेरिका ने 28 फ़रवरी, 2026 को ईरान के खिलाफ एक समन्वित सैन्य आक्रमण शुरू किया, जिसमें देश भर में कई सैन्य और सरकारी सुविधाओं को निशाना बनाया गया. कथित तौर पर हमले की शुरुआत में कई वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों और सैन्य कमांडरों के साथ खामेनेई की मौत हो गई.
वीडियो को व्हाट्सऐप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खूब शेयर किया गया है. ऐसा ही एक पोस्ट 4 मार्च, 2026 को अबू बहार (@dwgan3) नामक अकाउंट द्वारा X पर शेयर किया गया था. वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा है: “ऐसा कहा जाता है कि ये ईरानी जनरल अमेरिकियों और ज़ायोनीवादियों को निर्देश भेज रहा था, और जब उसे पता चला कि वो बेनकाब हो गया है, तो उसने अपनी निजी पिस्तौल से आत्महत्या कर ली.”
इस आर्टिकल के लिखे जाने तक, पोस्ट को 135,500 से ज़्यादा बार देखा गया था और इसे 125 बार रीपोस्ट किया गया है.
يُقال إن هذا الجنرال الإيراني كان يرسل إحداثيات للأمريكان والصهاينة
وبعد أن عرف إنه تم كشفه
أنتحر وقتل نفسه بمسدسه الشخصي#مع_إيران_ضد_العدوان#مع_ايران_حتى_النصر pic.twitter.com/VN9LxikMKB— ((ابو بحار)) (@dwgan3) March 4, 2026
कई अन्य X यूज़र्स ने समान दावे को दोहराते हुए वही वीडियो शेयर किया. नीचे कुछ उदाहरण दिए गए हैं:
ऑल्ट न्यूज़ को वीडियो की सच्चाई की जांच करने के लिए अपने व्हाट्सऐप हेल्पलाइन (7600011160) पर कई रिक्वेस्ट मिली.
फ़ैक्ट-चेक
क्लिप की सच्चाई को वेरिफ़ाइ करने के लिए, हमने वीडियो के कीफ़्रेम का इस्तेमाल करके रिवर्स इमेज सर्च किया. इससे हमें Reddit पर 17 अक्टूबर, 2024 को शेयर की गई एक पुरानी पोस्ट मिली, जहां r/Kurdistan हैंडल ने उसी क्लिप के स्क्रीनशॉट को शेयर करते हुए लिखा था: “क्या कोई जानता है कि उसके साथ क्या सौदा हुआ था?”

रेडिट थ्रेड के मुताबिक, वायरल क्लिप 25 मिनट लंबे वीडियो का हिस्सा है जिसमें कथित तौर पर राजनीतिक माहौल से परेशान एक कुर्द व्यक्ति ने फ़ेसबुक लाइव के दौरान आत्महत्या कर ली. इसी थ्रेड में एक अन्य यूज़र, इंडिपेंडेंट-रेज़635, ने दावा किया कि उस व्यक्ति और उसके परिवार को कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (PKK) द्वारा धमकी दी गई थी और उत्पीड़न ने उसे ये कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया.
रेडिट पोस्ट में 21 कमेंट्स हैं, जिनमें से सभी एक साल से ज़्यादा पुरानी हैं. ये दिखाती हैं कि वीडियो वर्तमान संघर्ष से पहले का है और ईरान से जुड़े हालिया घटनाक्रम से संबंधित नहीं है.
रिवर्स इमेज सर्च का इस्तेमाल करने पर, हमें Rojhelat News (@NewsRojhelat) नामक अकाउंट से X पर एक पोस्ट भी मिली, जिसमें उसी वीडियो के स्निपेट्स शेयर किए गए थे. पोस्ट 15 अक्टूबर, 2024 का था और दावा किया गया था कि क्लिप में देखा गया व्यक्ति पूर्वी कुर्दिस्तान के बनेह का निवासी ज़हीर अमिनी था, जो एरबिल में रह रहा था. पोस्ट के मुताबिक, अमिनी की मौत इंस्टाग्राम लाइव प्रसारण के दौरान आत्महत्या से हुई.
شەوی دووشەممە ٢٣ی رەزبەر هاووڵاتییەک بەناوی زاهیر ئەمینیان خەڵکی شاری بانەی رۆژهەڵاتی کوردستان دانیشتووی هەولێر لە لایڤی ئیستاگرامیدا خۆی کوشت.
وردەکاری لە ڤیدیۆگرافیکدا بخوێننەوە. pic.twitter.com/mPjVWFyfDW— Rojhelat News-فوری (@NewsRojhelat) October 15, 2024
यही वीडियो 18 अक्टूबर, 2024 को BEHEMOTH नामक एक यूज़र द्वारा डॉक्यूमेंटिंग रियलिटी वेबसाइट पर भी अपलोड किया गया था. यूज़र ने केलीहाउंड नामक एक अन्य अकाउंट से क्लिप को दोबारा पोस्ट किया था.
58 सेकंड के वीडियो के साथ ये कैप्शन था:
“टिकटॉक पर एक दुखद घटना देखी गई जब एक कुर्द नागरिक ने अपनी गंभीर पीड़ा और कठोर परिस्थितियों को व्यक्त करने के लिए लाइव प्रसारण किया. बोलते वक्त, उन्होंने कहा: ‘पार्टी और येकती ने हमें नष्ट कर दिया और दो परिवारों की सरकार ने हमारे साथ वो किया जो दुश्मनों भी नहीं करते,’ उन्होंने अपने द्वारा अनुभव किए जा रहे आर्थिक और सामाजिक दबावों का ज़िक्र करते हुए कहा.
नागरिक ने अपने बच्चों को पालने और उनकी जरूरतों को पूरा करने में होने वाली कठिनाई के बारे में बात की जिससे उनकी हताशा और निराशा की भावनाएं बढ़ गईं. एक दर्दनाक पल में नागरिक ने आत्महत्या करने से पहले अपने बेटे को गले लगाया. लाइव प्रसारण कैमरा.”

कुल मिलाकर, उपरोक्त निष्कर्षों से ये साफ़ है कि वायरल क्लिप का पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से कोई संबंध नहीं है और ये एक साल से ज़्यादा वक्त से इंटरनेट पर मौजूद है. इसका ईरानी नेता अयातुल्ला खामेनेई की कथित हत्या से कोई संबंध नहीं है.
सत्ता को आईना दिखाने वाली पत्रकारिता का कॉरपोरेट और राजनीति, दोनों के नियंत्रण से मुक्त होना बुनियादी ज़रूरत है. और ये तभी संभव है जब जनता ऐसी पत्रकारिता का हर मोड़ पर साथ दे. फ़ेक न्यूज़ और ग़लत जानकारियों के खिलाफ़ इस लड़ाई में हमारी मदद करें. नीचे दिए गए बटन पर क्लिक कर ऑल्ट न्यूज़ को डोनेट करें.
बैंक ट्रांसफ़र / चेक / DD के माध्यम से डोनेट करने सम्बंधित जानकारी के लिए यहां क्लिक करें.




