बंगाल चुनाव में बस कुछ हफ़्ते बचे हैं. इसके मद्देनज़र, पश्चिम बंगाल BJP ने 28 मार्च को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के चुनाव पूर्व भाषण का 8-सेकंड का वीडियो शेयर किया. BJP के मुताबिक, ममता बनर्जी ने कहा था कि अगर एक शिव मंदिर टूटता है तो बीजेपी बहुत नाटक करती है. मतलब, हिंदू मंदिरों को ध्वस्त करना ममता बनर्जी के लिए कोई महत्वपूर्ण मुद्दा नहीं है.

BJP ने आगे लिखा, “उनके शासन में हिंदुओं को बार-बार निशाना बनाया गया है – दुर्गा पूजा रोक दी गई है, सरस्वती पूजा रोक दी गई है, राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हिंदू विरोधी दंगे हुए हैं.” (आर्काइव)

यही वीडियो बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने भी शेयर किया, जो नियमित तौर पर गलत सूचना फ़ैलाते हैं. उन्होंने दावा किया, ”ममता बनर्जी एक मंदिर के टूटने का मज़ाक उड़ा रही थीं.” (आर्काइव)

इसी दावे के साथ 8 सेकंड का ये वीडियो शेयर करने वाले अन्य लोगों में भाजपा नेता प्रदीप भंडारी, देबजीत सरकार, शांति कुमार, भाजपा समर्थक X हैंडल तृप्ति गर्ग और राईटविंग प्रॉपगेंडा वेबसाइट ऑपइंडिया की संपादक नूपुर जे शर्मा शामिल हैं.

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फ़ैक्ट-चेक

हमने ममता बनर्जी की फ़ेसबुक टाइमलाइन को खंगाला. हमने पाया कि वायरल वीडियो शनिवार, 28 मार्च को पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान ज़िले के रानीगंज के खंडारा फ़ुटबॉल मैदान में आयोजित एक सार्वजनिक रैली के दौरान दिए गए भाषण का एक छोटा सा हिस्सा था.

भाषण का पूरा वीडियो यहां देखा जा सकता है:

রানীগঞ্জের খান্দরা ফুটবল ময়দানের জনসভায় | Janasabha at Khandra Football ground, Raniganj.

রানীগঞ্জের খান্দরা ফুটবল ময়দানের জনসভায় | Janasabha at Khandra Football ground, Raniganj.

Posted by Mamata Banerjee on Friday 27 March 2026

वीडियो में 11 मिनट 17 सेकेंड पर ममता बनर्जी को ये कहते हुए सुना जा सकता है, “अगर एक शिव मंदिर टूटा है, तो बीजेपी उस पर इतना नाटक करती है. मंदिरों को तोड़ना सही नहीं है. मैं इसका समर्थन नहीं करती. काशी विश्वनाथ मंदिर बनाते समय बीजेपी ने कितने मंदिर तोड़े?…”

ध्यान दें कि काशी विश्वनाथ मंदिर से उनका मतलब काशी विश्वनाथ कॉरिडोर से था.

कुल मिलाकर ममता बनर्जी ने सिर्फ ये नहीं कहा कि मंदिरों के विध्वंस पर आवाज़ उठाना एक नाटक था, जैसा कि भाजपा द्वारा शेयर किए गए क्लिप किए गए वीडियो से पता चलता है. असल में वो भाजपा के दृष्टिकोण में दोहरे मानदंड की ओर इशारा कर रही थीं – कुछ मामलों में हंगामा करना जबकि अन्य में चुप हो जाना. ममता बनर्जी ने ये भी कहा कि वो मंदिरों को तोड़ने का समर्थन नहीं करतीं.

यानी, वीडियो को इस तरह से क्लिप किया गया ताकि बयान को एडिट किया जा सके और ऐसा लगे कि उन्होंने मंदिरों को तोड़ने का मज़ाक उड़ाया था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पसंदीदा परियोजना काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के लिए, 2018-19 में वाराणसी में लगभग 50 हज़ार वर्ग मीटर क्षेत्र में लगभग 300 संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया गया था. जबकि कुछ स्थानीय लोगों और विपक्षी नेताओं ने दावा किया कि तोड़े गए ढांचे में कई मंदिर भी थे, सरकार और उनकी एजेंसियों ने उन दावों का खंडन किया. जबकि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ तौर पर कहा कि किसी भी मंदिर को ध्वस्त नहीं किया गया था, मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विशाल सिंह ने कहा कि विध्वंस कार्य के दौरान प्राचीन मंदिर ‘बरामद’ हुए थे.

ग़लत
दावा:
ममता बनर्जी ने शिव मंदिर टूटने का मज़ाक उड़ाया.

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