सोशल मीडिया पर दिल्ली के एक पुलिसकर्मी को श्रद्धांजलि दीये जाने की पोस्टर वायरल हो रही है, जिसमें लिखा है, ‘कर्तव्य निर्वहन के दौरान अपने प्राणों का बलिदान देने वाले हेड कांस्टेबल अमित जी को भावभीनी श्रद्धांजलि.’ यूज़र्स इसे 20 जुलाई को “संसद मार्च” के दौरान जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मियों के बीच हुए झड़प से जोड़कर शेयर कर रहे हैं. दावा है कि इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल का एक जवान शहीद हो गया.

दरअसल, 20 जुलाई 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर “संसद चलो” मार्च का आह्वान किया था. इस दौरान जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिसकर्मियों द्वारा बर्बरता से लाठीचार्ज करने, आंसू गोले दागने और पेलेट गन चलाने से कई प्रदर्शनकारी घायल हुए. वहीं प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मी दोनों के बीच हुए झड़प में कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी खबरें सामने आईं.

इस संदर्भ में भाजपा समर्थक अरुण यादव कोसली ने श्रद्धांजलि पोस्टर को शेयर करते हुए लिखा, “20 जुलाई को हुए नीलचीट्टो और केजरीवाल के गुंडों द्वारा किए गए प्रदर्शन में पुलिस बल का जवान शहीद हो गया और तुम बोलते हो कि बेगुनाह पर लाठीचार्ज किया, विनम्र श्रद्धांजलि.”

ऑल्ट न्यूज़ द्वारा पहले भी अरुण यादव कोसली को कई मौकों पर ग़लत और सांप्रदायिक नफ़रती जानकारी फैलाते हुए पाया गया है.

एक्स, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर वायरल श्रद्धांजलि पोस्टर को ऐसे ही दावे के साथ शेयर किया जा रहा है.

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फ़ैक्ट-चेक

वायरल दावे की सत्यता जानने के लिए ऑल्ट न्यूज़ ने पोस्टर का रिवर्स इमेज सर्च किया. हमें यही वायरल श्रद्धांजलि पोस्टर दिल्ली पुलिस के आधिकारिक फ़ेसबुक, इंस्टग्राम पेज और एक्स-हैंडल पर 16 जुलाई 2026 को पोस्ट किए गए मिले. इससे स्पष्ट होता है, कि वायरल श्रद्धांजलि पोस्टर में दिख रहे पुलिस जवान की मृत्यु का 20 जुलाई को जंतर-मंतर के प्रदर्शन या प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प से कोई संबंध नहीं है.

दिल्ली पुलिस के पोस्ट में बताया गया कि आउटर नॉर्थ दिल्ली के अंतर्गत सिंघु बॉर्डर पर ड्यूटी के दौरान हेड कांस्टेबल अमित का एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई.

इस पूरी घटना के विषय में जानने के लिए हमने की-वर्ड सर्च किया. हमें 15 जुलाई को प्रकाशित एनडीटीवी की एक रिपोर्ट मिली. रिपोर्ट के अनुसार, 15 जुलाई 2026 की शाम, आउटर नॉर्थ दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर हेड कांस्टेबल अमित नियमित ट्रैफिक ड्यूटी पर तैनात थे और सड़क पर वाहनों की गति पर नजर रखने के लिए स्पीड मॉनिटरिंग मशीन (स्पीड गन) स्थापित कर रहे थे. इसी दौरान तेज गति से आ रहे एक वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी और आरोपी चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया.

आगे रिपोर्ट्स में बताया कि सड़क हादसे में हेड कांस्टेबल अमित गंभीर रूप से घायल हो गए थे जिन्हें इलाज के लिए नरेला स्थित राजा हरीश चंद्र अस्पताल ले जाया गया था. हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया.

जांच में हमें इसी घटना के संबंध में 16 जुलाई को प्रकाशित एनडीटीवी की दूसरी रिपोर्ट मिली, जिसमें बताया गया कि हेड कांस्टेबल अमित की मृत्यु के कुछ घंटे बाद ही फरार आरोपी कुलदीप उर्फ करण और नीरज को गिरफ़्तार कर लिया गया और एक मारुति सुजुकी बलेनो, वाहन को जब्त कर लिया गया.

कुल मिलाकर, वायरल श्रद्धांजलि पोस्टर का 20 जुलाई को CJP के “संसद चलो” प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है. यह पोस्टर 15 जुलाई को सिंघु बॉर्डर पर ड्यूटी कर रहे हेड कांस्टेबल अमित की सड़क हादसे में मृत्यु के बाद दिल्ली पुलिस ने जारी किया था.

ग़लत
दावा:
नीलचीट्टो और केजरीवाल के गुंडों द्वारा किए गए प्रदर्शन में पुलिस बल का जवान शहीद हो गया

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