‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के विरोध-प्रदर्शनों और छात्र व युवा प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ पुलिस की बर्बरता को लेकर मचे हंगामे के बीच, पिछले हफ़्ते सोशल मीडिया पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का एक वीडियो वायरल हुआ. इस क्लिप में पीयूष गोयल को कथित तौर पर ये कहते हुए सुना जा सकता है, “मेरा साफ मानना ​​है कि हमें 2-3 ‘कॉकरोचों’ को सरेआम लटका देना चाहिए, ताकि ये ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को असलियत का अंदाज़ा हो जाए कि हमारी ताक़त क्या है और हम किस हद तक जा सकते हैं.”

X (पूर्व में ट्विटर) पर कई यूज़र्स ने पीयूष गोयल की इन कथित टिप्पणियों की आलोचना करते हुए ये वीडियो शेयर किया. (आर्काइव)

एक और X यूज़र @SureshC85120965 ने भी वही वीडियो शेयर किया और पीयूष गोयल के कथित बयानों की निंदा की. (आर्काइव)

पोस्ट में लिखा है, “देशवासियों सुन लीजिए, केंद्रीय मंत्री पियूष गोयल का जल्लादी पृवत्ति का भाव और मंशा वाला बयान, आपके वोट से सत्ता की ताकत पाकर अहंकारी हो चुके भाजपा नेता आपको ही अपनी ताक़त दिखाना चाहते हैं.”

समाजवादी पार्टी के नेता आईपी सिंह ने भी अपने X अकाउंट पर ये वीडियो शेयर किया था, जिसमें उन्होंने पीयूष गोयल की कथित टिप्पणियों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि वे “देश के बच्चों और छात्रों को फांसी देने की हिटलर जैसी धमकियां दे रहे हैं.” हालांकि, अब ये पोस्ट हटा दिया गया है. (आर्काइव)

X के कई अन्य यूज़र्स ने भी इसी तरह के दावों के साथ उसी वायरल क्लिप को आगे बढ़ाया.

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फ़ैक्ट-चेक

वीडियो को ध्यान से देखने पर पता चलता है कि बोलते समय पीयूष गोयल के होंठों की हरकतें स्वाभाविक नहीं लग रही हैं और वे सुनाई दे रही आवाज़ से मेल नहीं खातीं, जिससे संकेत मिलता है कि क्लिप को AI का इस्तेमाल करके बदला गया है. इसी आधार पर, हमने वीडियो के कुछ की-फ़्रेम्स की रिवर्स इमेज सर्च की और असली फ़ुटेज का पता लगाया, जो PTI ने 23 जुलाई को अपलोड किया था.

PTI के वीडियो में पीयूष गोयल पेपर लीक मामलों के लिए फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा का ज़िक्र करते हुए दिखे. उन्हें ये कहते हुए सुना जा सकता है कि सरकार देश के युवाओं की उम्मीदों और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए कई और कदम उठाने का लक्ष्य रखती है.

उन्होंने कहा था, “हम कांग्रेस पार्टी और विपक्ष से अपील करते हैं कि वे इस मुद्दे का राजनीतिकरण न करें. चर्चा से पीछे न हटें. विपक्ष बहस से बच रहा है और मामले को राजनीतिक रंग दे रहा है. हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं. हम सभी से शांति बनाए रखने और बातचीत के ज़रिए इस मुद्दे को सुलझाने की अपनी सामूहिक ज़िम्मेदारी निभाने का आग्रह करते हैं…”

 

AI वीडियो के वायरल होने के बाद, पीयूष गोयल ने खुद 25 जुलाई को X पर एक बयान जारी कर साफ़ किया: “ग़लत जानकारी फैलाने की कोशिश में, संसद के बाहर मीडिया से कही गई मेरी बातों को AI का इस्तेमाल करके बुरी नीयत से बदला गया और एक डीपफ़ेक वीडियो बनाकर फैलाया गया.” उन्होंने बताया कि शनिवार को चाणक्यपुरी पुलिस स्टेशन में पुलिस शिकायत दर्ज़ कराई गई थी और कहा कि “इस फ़ेक वीडियो को बनाने, फैलाने या इसे और आगे बढ़ाने में शामिल सभी लोगों के ख़िलाफ़ सख़्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.”

प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो ने भी X पर एक फ़ैक्ट चेक पोस्ट किया, जिसमें दावा किया गया कि पीयूष गोयल का नकली AI वीडियो पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा हैंडल्स द्वारा फैलाया जा रहा था.

कुल मिलाकर, ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को मैसेज देने के लिए CJP प्रदर्शनकारियों को फांसी देने की बात कहते हुए पीयूष गोयल का जो वीडियो है, वो AI से बना डीपफ़ेक है. PTI की ओर से 23 जुलाई को पोस्ट किए गए असली वीडियो में ऐसी कोई बात नहीं है; बल्कि पीयूष गोयल असल में देश के युवाओं के लिए फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने और दूसरे उपायों के बारे में बात कर रहे हैं.

ग़लत
दावा:
पीयूष गोयल ने ‘दो-तीन कॉकरोचों को लटकाने' की बात की

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