कर्नाटक से बीजेपी एमएलसी सीटी रवि पर हाल ही में दिए गए एक विवादित बयान को लेकर चिक्कमगलुरु टाउन पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है. एक वीडियो में उन्हें यह कहते हुए देखा जा सकता है, “मुल्ला का NEET एग्जाम से क्या कनेक्शन है? अगर उसका सीना चीरकर देखो तो उसे तीन बेसिक अक्षर भी नहीं पता, फिर भी वह NEET का विरोध करने निकल पड़ता है.”

ये मामला चिक्कमगलुरु की जामा मस्जिद के अध्यक्ष मुदस्सिर पाशा की शिकायत पर दर्ज किया गया. शिकायत के अनुसार, बीजेपी ने 23 जुलाई को चिक्कमगलुरु के आजाद पार्क में नीट परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों के विरोध में एक प्रदर्शन किया था. इस प्रदर्शन के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए सीटी रवि ने मुस्लिम समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की.  इसके साथ ही उन्होंने इसे ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ से भी जोड़ा.

इसके बाद रविवार को सीटी रवि ने चिक्कमगलूरु स्थित अपने आवास पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित किया और अपनी सफाई पेश करते हुए कहा कि वे एफआईआर दर्ज होने के बाद वे स्पष्ट करना चाहते हैं कि उनका बयान किसी खास व्यक्ति के संदर्भ में था, न कि पूरे मुस्लिम समुदाय के लिए. इसे साबित करने के लिए उन्होंने पत्रकारों के सामने एक वीडियो चलाया, जिसमें एक व्यक्ति को थार गाड़ी के पेट्रोल टैंक में आग लगाने की कोशिश करते दिखाया गया था. रवि का दावा था कि उनका विवादित बयान इसी व्यक्ति को लेकर था, जो कथित तौर पर नीट प्रदर्शन के दौरान गाड़ी जलाने की कोशिश कर रहा था, और इसलिए यह किसी समुदाय पर हमला नहीं बल्कि एक अपराधी कृत्य पर टिप्पणी थी.

सीटी रवि ने इस मामले को लेकर कई पोस्ट किए. एक में उन्होंने कहा कि मैंने एक मुल्ला के काम की निंदा की है, जिसने दिल्ली में स्टूडेंट प्रोटेस्ट के नाम पर एक जीप के पेट्रोल टैंक में आग लगा दी. सीटी रवि ने दावा किया कि उन्होंने मुस्लिम समुदाय को टारगेट नहीं किया.

फ़ैक्ट-चेक

भाजपा नेता सीटी रवि द्वारा पत्रकारों के सामने पेश किए गए वीडियो पर ऑल्ट न्यूज़ ने पहले ही एक फ़ैक्ट-चेक रिपोर्ट पब्लिश की है. ये वीडियो सोशल मीडिया पर पहले से ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन से जोड़कर वायरल हुआ था. यह घटना वास्तव में बिहार के गया ज़िले की थी, जहां 16 जुलाई को सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन एरिया में एक तेज रफ्तार थार गाड़ी ने एक मोटरसाइकिल और ऑटो-रिक्शा को टक्कर मार दी थी, जिसमें दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे. दुर्घटना के बाद गुस्साई भीड़ ने उस थार गाड़ी के शीशे तोड़ दिए थे और उसे आग लगाने का भी प्रयास किया था, जिसे बाद में पुलिस ने पहुंचकर मामला शांत कराया और घायलों को अस्पताल भेजा गया.

यह एक सड़क दुर्घटना के बाद भीड़ के आक्रोश का वीडियो था, जिसे गलत संदर्भ के साथ बार-बार शेयर किया गया. भाजपा नेता सीटी रवि ने भी इस सड़क दुर्घटना वाली क्लिप को नीट प्रदर्शन का वीडियो बताकर पत्रकारों के सामने पेश कर दिया.

कुल मिलाकर, नीट प्रदर्शन को लेकर दिए गए विवादित बयान को लेकर भाजपा एमएलसी सीटी रवि ने जिस वीडियो को अपने बचाव के रूप में इस्तेमाल किया, वह असल में बिहार के गया जिले की एक सड़क दुर्घटना के बाद का वीडियो है, जिसका कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन या नीट को लेकर छात्रों के आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं है.

ग़लत
दावा:
नीट प्रदर्शन के दौरान गाड़ी मुस्लिम ने जलाने की कोशिश की

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