हरियाणा में सांप्रदायिक झड़प के संदर्भ में प्रॉपगेंडा आउटलेट सुदर्शन न्यूज़ के स्थानीय संपादक मुकेश कुमार ने 8 अगस्त को एक ट्वीट किया. इस ट्वीट में लिखा था कि गुड़गांव पुलिस कमिश्नर को न्यूज़ चैनल अल जज़ीरा से हिंदुओं के खिलाफ़ जांच करने और कार्रवाई करने के लिए फ़ोन आ रहे थे. उन्होंने कहा कि कमिश्नर पर अल जज़ीरा का इतना दबाव था कि वो जहां भी संभव हो सके हिंदू कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले रही थी. इस ट्वीट में गुरुग्राम के पुलिस कमिश्नर कला रामचंद्रन की एक तस्वीर और अल जज़ीरा का लोगो भी था. (आर्काइव)

इसे अन्य यूज़र्स जैसे @MrSinha_ और @arunpudur द्वारा भी शेयर किया गया. ये नियमित तौर पर ग़लत सूचनाएं शेयर करने के लिए जाने जाते हैं. (1,2)

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11 अगस्त को सुदर्शन न्यूज़ ने अपने ऑफ़िशियल ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया कि उनके रेजिडेंट एडिटर मुकेश कुमार का गुरुग्राम के सेक्टर 17 इलाके से कुछ बदमाशों ने अपहरण कर लिया है. (आर्काइव)

इसके बाद, सुदर्शन न्यूज़ के प्रधान संपादक सुरेश चव्हाणके और प्रोपगेंडा आउटलेट के अन्य पत्रकार ने भी यही दावा किया. ऐसा दावा करने वालों में अभय प्रताप सिंह, सागर कुमार, पंकज कुशवाहा शामिल हैं. राईट विंग प्रॉपगेंडा आउटलेट ऑपइंडिया और अजीत भारती, साइबर हंट्स, दैनिक भास्कर के वरिष्ठ रिपोर्टर सचिन गुप्ता जैसे अन्य यूज़र्स ने इस दावे को आगे बढ़ाने का काम किया कि मुकेश कुमार का अपहरण कर लिया गया है.

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फ़ैक्ट-चेक

सुदर्शन न्यूज़ और वायरल सोशल मीडिया पोस्ट में बताया गया था कि गुरुग्राम में मुकेश कुमार का गुंडों ने अपहरण कर लिया था. हमने इस मामले पर अपडेट के लिए गुरुग्राम पुलिस के ऑफ़िशियल ट्विटर हैंडल को चेक किया.

हमने नोटिस किया कि गुरुग्राम पुलिस ने मुकेश कुमार द्वारा किए गए ट्वीट और सुदर्शन न्यूज़ द्वारा लगाए गए अपहरण के आरोपों के संबंध में अपने ट्विटर हैंडल पर एक प्रेस नोट शेयर किया था. प्रेस नोट में लिखा है:

“असत्य व भ्रामक ट्वीट करने वाला व्यक्ति गिरफ़्तार

गुरूग्राम: 11 अगस्त 2023

  • दिनांक 08.08.2023 को ट्विटर हैंडल @mukeshkrd से बेबुनियाद, असत्य एवं भ्रामक तथ्यों के आधार पर एक ट्वीट किया गया था.  गुड़गांव पुलिस द्वारा इस मामले पर संज्ञान लेते हुए थाना साइबर पूर्व गुरुग्राम में धारा 66C IT एक्ट व 153B, 469, 501, 505 (1) © IPC के तहत अभियोग इंगित किया गया था. इस अभियोग की तफ्तीश थाना साइबर पूर्व, गुरुग्राम की पुलिस टीम द्वारा की जा रही थी.
  • आज दिनांक 11.08.2023 को भ्रामक एवं असत्य तथ्य ट्वीट करने वाले मुकेश नामक व्यक्ति को साइबर पूर्व, गुरूग्राम की टीम ने उपरोक्त अभियोग में गिरफ़्तार किया है. अभियोग की अनुसंधान जारी है.”

हमें सुदर्शन न्यूज़ के स्थानीय संपादक मुकेश कुमार की गिरफ़्तारी से संबंधित न्यूज़ रिपोर्ट्स भी मिलीं.

11 अगस्त को सुदर्शन न्यूज़ के प्रधान संपादक सुरेश चव्हाणके ने ट्वीट कर मुकेश कुमार की गिरफ़्तारी को अवैध बताया और ये भी पूछा कि उन्हें गिरफ़्तार करने वाले पुलिसकर्मी वर्दी में क्यों नहीं थे. (आर्काइव) उन्होंने रात 11 बजकर 12 मिनट पर एक और ट्वीट करते हुए कहा कि अगर मुकेश कुमार को रिहा नहीं किया गया तो वो एक घोषणा करेंगे. उनके ट्वीट में लिखा है: “अगर मुकेश कुमार को छोड़ा नहीं किया गया, तो कल बड़ी घोषणा करेंगें. देखते हैं कौन-कौन हिंदू मर्द साथ है. नपुंसक तो जान कर भी मौन हैं. किसी अधिकारी की इतनी हिम्मत और सभी असहाय..? हम तो असहाय नहीं हैं…#ReleaseMukeshKunar.” (आर्काइव)

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11 अगस्त की रात 11 बजकर 39 मिनट पर सुरेश चव्हाणके ने फिर ट्वीट किया कि मुकेश कुमार को जमानत पर रिहा कर दिया गया है. सुदर्शन न्यूज़ के अन्य लोगों ने भी यही ख़बर शेयर की. (ट्वीट 1 और 2)

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हमने इस बात की पुष्टि करने के लिए गुरुग्राम पुलिस आयुक्त कला रामचंद्रन से संपर्क किया. उन्होंने कहा कि मुकेश कुमार को JMIC (न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी) द्वारा जमानत पर रिहा कर दिया गया है.

कुल मिलाकर, सुदर्शन न्यूज़, उसके कर्मचारियों और ऑपइंडिया द्वारा शेयर किया गया दावा बिल्कुल बेबुनियाद है कि मुकेश कुमार का गुरुग्राम में गुंडों ने अपहरण कर लिया था. मुकेश शर्मा को गुरुग्राम पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच ने गुरुग्राम कमिश्नर के बारे में एक ग़लत ट्वीट शेयर करने के लिए गिरफ़्तार किया था. गुरुग्राम पुलिस ने अल जज़ीरा द्वारा नूंह में हुई झड़प की जांच को प्रभावित करने के बारे में मुकेश कुमार द्वारा किए गए ट्वीट को भी ‘बेबुनियाद, झूठा और भ्रामक’ बताया.

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