चेतावनी: आर्टिकल में दी गई जानकारी कुछ पाठकों के लिए परेशान करने वाली हो सकती है.
1 जनवरी, 2026 को कथित रूप से गाय की हत्या कर खुले में गौ मांस खाने का आरोप लगाते हुए झालावाड़, राजस्थान के अकलेरा में कुछ ‘गौरक्षकों’ ने एक अधेड़ उम्र के आदमी की खूब पिटाई की. घटना के वीडियोज़ सोशल मीडिया पर वायरल हो गए. इनमें से एक वीडियो में दिख रहा है कि पीड़ित आदमी ज़मीन पर कचरे के पास बैठा है और वहां किसी मवेशी के हाथ और पैर दिख रहे हैं. कुछ लोग इस जगह पर पहुंचे और इस आदमी से पूछताछ करने लगे. एक व्यक्ति ने पीड़ित को “गाय हमारी माता है” कहने के लिए मजबूर किया. साथ ही भीड़ में शामिल कुछ लोग कहते हैं कि “ये बाहर का है, यहां का नहीं है, ये है.”
दूसरे वीडियो में भीड़ में शामिल कुछ लड़के इस आदमी को सड़क पर घसीटते हैं, मुक्के मारते हैं और गालियां देते हैं. वहीं कुछ लोग पीड़ित व्यक्ति को सड़क के बीच में उठाकर रखते हैं और सामने से आ रहे ट्रक को इस आदमी पर गाड़ी चढ़ाने के लिए कहते हैं. दर्द से करहाते हुए ये आदमी चिल्ला रहा है, “अय्यो अप्पा”. वहीं भीड़ में से एक शख्स कहता है कि “है तो ये मुसलमान ही.”
ध्यान दें कि आम तौर पर “अय्यो अप्पा” का इस्तेमाल दक्षिण भारत के प्रदेशों की बोलचाल की भाषा में किया जाता है. संभव है कि ये आदमी भी उसी जगह से हो.
राजस्थान, झालावाड़ के अकलेरा इलाके में एक दक्षिणपंथी ग्रुप ने कथित तौर पर बीफ़ (गोमांस) खाने का आरोप लगाकर एक बुज़ुर्ग आदमी को बेरहमी से पिटाई की। उन्होंने उस पर रोहिंग्या बांग्लादेशी होने का भी आरोप लगाया।#rajsthan #jhalawar #Islamophobia #MobLynching #muslim #BJPGovernment pic.twitter.com/n4G0rCWGdT
— Reporter Madam (@Reportermadam) January 2, 2026
मामले में ज़्यादा जानकारी जुटाने के लिए ऑल्ट न्यूज़ ने झालावाड़ के एसपी अमित कुमार से संपर्क किया. उन्होंने बताया कि घटना का वीडियो मिलने के बाद पुलिस ने शांतिभंग के आरोप में 3 लोगों को अरेस्ट किया था. उन्होंने बताया कि आरोपियों ने गाय की हत्या करने और गौ मांस खाने के शक में पीड़ित को पीटा था.
ऑल्ट न्यूज़ के साथ हुई बातचीत में अकलेरा थाना इन्स्पेक्टर धर्मराम ने बताया कि अकलेरा कस्बे के पास एक मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति, मृत गाय के अवशेषों के पास बैठा था. इसी को लेकर आरोपियों ने व्यक्ति की पिटाई की. वीडियो पर संज्ञान लेते हुए पुलिस ने मारपीट की धारा लगाकर 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया था. इन्स्पेक्टर धर्मराम ने ये भी बताया कि ये व्यक्ति यहां आसपास घूमता रहता है. और मारपीट की वारदात के बाद ये किसी ट्रेन में बैठकर चला गया. फिलहाल पुलिस पीड़ित की तलाश कर रही है. उन्होंने कहा कि पीड़ित के मिलने पर इस मामले में उसके हवाले से भी शिकायत दर्ज कर, कार्रवाई की जाएगी. पुलिस ने मारपीट कर रहे इन लोगों के नाम राकेश, रोहन और अजय बताए.
दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट में भी इस घटना को लेकर यही जानकारी दी गई है. आर्टिकल में आरोपियों के नाम राकेश राव, अजय पारेता और रोहन सेन बताए हैं.
कौन हैं ये आरोपी जो ‘गौरक्षक’ के भेष में उत्पात मचाते हैं?
आरोपियों के बारे में छानबीन करते हुए ऑल्ट न्यूज़ को घटना का एक और वीडियो मिला. ये वीडियो राजा गोस्वामी नामक यूज़र ने पोस्ट किया है और साथ में राकेश मेहता और रोहन सेन को टैग किया है. वीडियो में ये अधेड़ शख्स कुछ खाते हुए दिखता है. साथ में मवेशी के अवशेष पड़े हैं और बाद में गौरक्षक बने ये लोग इस शख्स को मारते हैं.

इसी आधार पर हमने राकेश मेहता और रोहन सेन के इंस्टाग्राम अकाउंट्स को खंगाला. राकेश मेहता के इंस्टाग्राम प्रोफ़ाइल के अनुसार, वो ‘बजरंग दल ज़िला सह संयोजक’ है और ‘VHP बजरंग दल गौ सेवा समीति अकलेरा’ से जुड़ा है.

रोहन सेन के इंस्टाग्राम बायो के अनुसार, वो अकलेरा के ‘V.H.P बजरंग दल नगर गौ रक्षा प्रमुक’ है. ऑल्ट न्यूज़ ने देखा कि राकेश नियमित रूप से ‘अजय बजरंगी’ नाम के एक इंस्टाग्राम अकाउंट को अपने साथ के वीडियोज़ में टैग करते हैं और अजय भी बजरंग दल से जुड़ा है.
इन तीनों के कुछ इंस्टाग्राम वीडियोज़ में एक-दूसरे के साथ कोलैबोरेशन किया गया है. इसी क्लू को ध्यान में रखकर ऑल्ट न्यूज़ ने राकेश मेहता, अजय बजरंगी और रोहन सेन के इंस्टाग्राम पोस्ट्स और वायरल वीडियो में दिखने वाले लोगों को कम्पेर किया. हमें पता चला कि ये लोग वही हैं जो अकलेरा में बुज़ुर्ग शख्स की पिटाई की घटना में शामिल थे. हमने वायरल वीडियो में दिख रहे लोगों की तुलना इन तीनों के इंस्टा पर पोस्ट की गई फ़ोटोज़ से की. आगे शामिल ग्राफ़िक्स में दिखता है कि राकेश और अजय ने वारदात के दिन वही कपड़े पहने हैं जो उनके इंस्टाग्राम के कुछ पोस्ट्स में पहने थे.
इनका इंस्टाग्राम देखने पर हमें पता चला कि ये बजरंग दल से जुड़े हुए हैं और ‘गौ रक्षक’ हैं. कई बार गौ रक्षा के नाम पर ये लोग रास्तों पर ट्रकों को रोकने, लोगों से पूछताछ करने, तलवार दिखाकर शक्ति प्रदर्शन करने का काम भी करते हैं. राकेश मेहता के एक वीडियो पोस्ट में दिख रहा है कि 2 लोग सड़क किनारे खड़े हैं और जैसे ही एक ट्रक वहां से गुज़रता है तो ये लोग उस ट्रक का पीछा करते हैं, रोकते हैं और तलाशी भी लेते हैं. ये प्रक्रिया, ‘गौ रक्षक’ होने के एक आम काम में शामिल है जिसमें गौ रक्षक बने ये लोग किसी भी व्यक्ति के वाहन को रोक उसकी तलाशी लेते हैं, और अगर अंदर उन्हें मांस या मवेशी दिख जाए तो ड्राइवर और साथ में मौजूद लोगों को पीटते हैं.

एक और इंस्टाग्राम वीडियो में राकेश मेहता तलवार दिखाकर ‘देश, धर्म, माँ, बहन और गौ माता की रक्षा के लिए तलवार उठाने’ की बात करता है. ‘अजय बजरंगी’ के जन्मदिन के अवसर पर राकेश ने उसे तलवार गिफ़्ट की थी. साथ ही कैप्शन में लिखा था, “हर हिंदू के घर में शस्त्र बहुत जरूरी है #जयश्रीराम #जयहिंदुराष्ट्र”.
रोहन सेन के इंस्टाग्राम पर आपको कई ऐसे पोस्ट्स मिलेंगे जिसमें वो तलवार, बंदुके के साथ पोज़ देकर फ़ोटोज़ खिंचवा रहा है. (लिंक 1, लिंक 2, लिंक 3, लिंक 4, लिंक 5)
ऑल्ट न्यूज़ ने इस घटना के आरोपियों में से 2 शख्स से बात की. नाम न जारी करने की बात कहते हुए इनमें से एक शख्स ने बताया उन्हें पता नहीं था कि ये बुज़ुर्ग आदमी कौन है और कहां से है. पिछले 2 दिनों से वहां बैठकर गौ मांस खाने की बात पता चलने पर अकरेला के लोगों ने उसे मारा था. हालांकि, उन्हें बाद में मालूम हुआ कि पीड़ित आदमी मानसिक रूप से बीमार है.
वहीं इस मामले के दूसरे आरोपी ने हमें बताया कि उन्हें किसी मुखबिर के माध्यम से एक व्यक्ति के सड़क पर गौ मांस खाने की बात पता चली थी. उन्होंने पुलिस को सूचित किया और जब एक-डेढ़ घंटे तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की और इस पीड़ित बुज़ुर्ग द्वारा उन्हें पत्थर मारे गए तब भीड़ ने इस शख्स पर हमला कर दिया था. आरोपी ने आगे बताया कि बाद में पुलिस ने गौ मांस खाने के आरोपी इस अधेड़ व्यक्ति पर कोई कार्रवाई नहीं की लेकिन 3 लोगों को मारपीट के आरोप में अरेस्ट कर लिया. उन्होंने बताया कि 5 जनवरी को उन्हें बेल मिली और ये लोग जेल से बाहर हैं.
ऑल्ट न्यूज़ ने ऐसे कई मामलों पर डिटेल में रिपोर्ट्स पब्लिश की है जिसे आप यहां पढ़ सकते हैं.
आए दिन बांग्लादेशी होने के शक में लोगों की हत्या के मामले बढ़ रहे हैं. हाल ही में देश के कई हिस्सों में मुसलमानों और बंगाली बोलने वाले प्रवासी मज़दूरों पर “बांग्लादेशी” होने का झूठा आरोप लगाकर हमला हुआ है. कभी लोगों से आधार कार्ड दिखाने कहा जा रहा है तो कभी उनकी भाषा न समझ पाने के कारण उनपर हमला किया जा रहा है. चंद दिनों पहले ही केरल और ओडिशा में 2 प्रवासी मज़दूरों को भीड़ ने मार डाला. उनकी गलती बस ये थी कि वो जिन राज्यों में थे वहां की भाषा नहीं बोल पा रहे थे, और भीड़ ने उन्हें दूसरे देश से आया हुआ घुसपैठिया समझ उनपर हमला कर दिया.
राजस्थान के अकलेरा के इस किस्से में महज गौ मांस खाने के आरोप में एक व्यक्ति पर हमला हुआ. एक पल के लिए आरोपों को मान भी लिया जाए तो इस बात की जानकारी पुलिस को दी जा सकती थी. गौ अवशेषों के पास बैठे व्यक्ति को पुलिस के हवाले कर उसके बारे में पता लगाया जा सकता था. लेकिन लोगों ने प्रशासन का सहारा न लेकर खुद ही कानून को अपने हाथ में ले लिया और सज़ा देने लगे. मामले में पुलिस ने आरोपियों को जेल भी भेजा लेकिन फिलहाल वो ज़मानत पर रिहा हैं.
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