उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद स्थित दासना देवी मंदिर के प्रमुख और विवादित हिंदुत्व प्रचारक यति नरसिंहानंद गिरि अक्सर मुस्लिम विरोधी बयान देते नज़र आते हैं. हाल ही में यति नरसिंहानंद गिरि ने एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि हिंदुओं को आत्मघाती दस्ते बनाने चाहिए और बजरंगदल–फजरंगदल जैसे संगठन छोड़कर ISIS जैसा संगठन बनाना चाहिए. वीडियो में यति नरसिंहानंद, हिन्दू रक्षा दल के अध्यक्ष पिंकी चौधरी और उनके कार्यकर्ताओं द्वारा तलवार बांटने को उचित किंतु अपर्याप्त बताते हुए उनसे आतंकवादियों से ज़्यादा अच्छे हथियार बांटने को कह रहे हैं. वो पिंकी चौधरी और उनके कार्यकर्ताओं को साहसी बताते हुए हिंदू समुदाय के लोगों से आत्मघाती दस्ते बनाने का आह्वान कर रहा हैं.

यति नरसिंहानंद गिरि ने का ये बयान हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं के समर्थन में आया है. दरअसल, 29 दिसंबर को हिंदू रक्षा दल के अध्यक्ष पिंकी चौधरी और उनके कार्यकर्ताओं ने बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर अत्याचार का हवाला देते हुए भारत के मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाकर उन्हें हिंदू विरोधी बताया. साथ ही उन्होंने कहा कि इस्लामिक कट्टरपंथी अगर भारत के किसी भी हिंदू परिवार को प्रताड़ित करते हैं तो हिंदू रक्षा दल उनको सबक सिखाएगा. ग़ाज़ियाबाद में स्थित हिंदू रक्षा दल के कार्यालय में हिंदू परिवारों को तलवारें ले जाने का आह्वान कर उन्हें ऐसे धारदार हथियार बांटे जा रहे थे. (आर्काइव लिंक-1, लिंक-2)

ये हथियार सिर्फ़ हिंदू रक्षा दल के कार्यायल में नहीं बल्कि मुस्लिम समुदाय से हिन्दू लड़कियों को खतरा बताकर उन्हें स्वयं की रक्षा करने के लिए कार्यालय के आस-पास के क्षेत्रों के भी बांटे गए. (आर्काइव लिंक-1, लिंक-2)

तलवार वितरण की घटना सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शालीमार गार्डन पुलिस थाना के सहायक पुलिस आयुक्त श्री अतुल कुमार सिंह का एक बयान गाज़ियाबाद पुलिस कमिश्नरेट के आधिकारिक X-हैंडल से पोस्ट किया गया. पोस्ट के मुताबिक, 29 दिसंबर 2025 को सोशल मीडिया के माध्यम से थाना शालीमार गार्डन को सूचना प्राप्त हुई कि हिन्दू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी द्वारा तलवार वितरण किया जा रहा है. सूचना पर त्वरित संज्ञान लेकर थाना शालीमार गार्डन में उक्त प्रकरण में 16 नामजद व 25-30 अज्ञात लोगो के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया और अब तक प्रकरण में 10 लोगों की गिरफ्तारी सुनिश्चित कर ली गयी है.

FIR के अनुसार, हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी अपने अन्य साथी कार्यकर्ता हर्ष चौधरी, अन्नू, श्याम यादव, अमित सिंह, मोहित कुमार, अरुण जैन, उजाला सिंह, अमित कुमार, महेंद्र प्रधान, रामपाल, मोहित, राधेश्याम, अमित प्रजापति, श्रवण चंदेल, कपिल आदि के अलावा 25-30 अज्ञात व्यक्तियों द्वारा शालीमार गार्डन एक्स-02 में स्थित हिंदू रक्षा दल के कार्यायल में तलवारों का वितरण कर रहे थे.

साथ ही ये सभी लोग हाथों में तलवार लेकर उग्र प्रदर्शन और नारेबाज़ी भी कर रहे थे जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल हो गया. सड़क पर लोग भयभीत होकर अपने वाहन छोड़कर भागने लगे थे. तो वहीं आस पास के लोग डर से अपने अपने घरों में छिप गए थे. इस उग्र प्रदर्शन से रास्ते जाम हो जाने पर बड़े, बूढ़े, बच्चे एम्बुलेंस में भी फंस गए थे. शालीमार गार्डन, साहिबाबाद, टीलामोड़, लिंकरोड, ट्रांसहिंडन पुलिस बल और वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर मुश्किल से कानून और शांति व्यवस्था क़ायम की.

 

दिल्ली में भी हुआ तलवार वितरण

गाज़ियाबाद की घटना से ठीक एक दिन पहले यानी, 28 दिसंबर को दिल्ली के संघठन कार्यालय में तलवारों का वितरण किया था. दिल्ली में तलवार वितरण के दौरान पिंकी चौधरी ने केंद्र और दिल्ली सहित उत्तर प्रदेश की भाजपा प्रशासन पर हिंदू समुदाय को सुरक्षा नहीं देने के आरोप लगाया और सभी हिंदुओं के हाथों में हथियार देने की मांग की और मुस्लिम समुदाय पर अभद्र टिप्पणी करते हुए कहा, “बांग्लादेश, पाकिस्तान और भारत में जिस तरह से ‘जिहादियों’ द्वारा हमारे हिंदू भाईयों को काटा जा रहा है, अब हिंदू रक्षा दल इस अत्याचार को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा और हर जिहादी को उसके एक-एक अत्याचार का मुंह तोड़ जवाब देने का कार्य करेगा. इसलिए आज से हिंदू रक्षा दल ने हर एक हिंदू भाई को शस्त्र वितरण करने का फैसला कर लिया है जो समय आने पर हर एक हिन्दू इन जिहादियों से अपनी स्वयं रक्षा कर सकें.” (आर्काइव लिंक-1, लिंक-2)

पिंकी चौधरी के तलवार वितरण के वीडियो को फ़ेसबुक पर करीब 10 लाख लोगों ने देखा गया और करीब 80 हज़ार लोगों ने वीडियो को लाइक किया. इंस्टाग्राम पर इसी वीडियो को 11 लाख से ज़्यादा व्यूज़ मिले और 99 हज़ार से ज़्यादा यूज़र्स ने पसंद इसे लाइक किया. दिल्ली का ये वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है, लेकिन इस घटना को लेकर माहौल ख़राब करने या किसी तरह के प्रकरण से FIR होने की जानकारी नहीं मिली है.

FIR के बाद सोशल मीडिया पर खूब एक्टिव था मुख्य आरोपी

29 दिसंबर को शालीमार थाना द्वारा उक्त तलवार वितरण के घटना के संबंध में 10 लोगों हिरासत में ले लिया गया था. जबकि FIR में 16 नामजद आरोपी के अलावा 25-30 अज्ञात आरोपी भी शामिल हैं. मुख्य आरोपी हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी है, जो एक हफ़्ते तक फरार रहा. लेकिन सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव था और फ़ेसबुक पर लगातार पोस्ट कर तलवार वितरण को उचित बताता रहा. अपने वीडियो में वो लगातार पुलिस प्रशासन कार्रवाई की निंदा कर रहा था.

हिंदू रक्षा दल के 10 कार्यकर्ताओं के गिरफ्तार होने के तुरंत बाद ही पिंकी चौधरी ने 29 दिसंबर को फ़ेसबुक, इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया. वीडियो में उसने स्पष्ट तौर पर कहा कि 29 दिसंबर की सुबह अपने कार्यालय में तलवार वितरण के बाद पुलिस ने आकर उनके कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया. आगे पिंकी चौधरी ने बांग्लादेश की स्थिति का हवाला देकर अपना बचाव किया और अपने कार्यों को उचित बताते हुए कहा कि तलवार वितरण का उद्देश्य केवल हिंदू परिवार को सशक्त बनाना है ताकि हिंदू संकट के समय में हमला कर बचाव कर सके. (आर्काइव लिंक)

इतना ही नहीं, पिंकी चौधरी ने 31 दिसंबर को एक और वीडियो जारी किया और घटना का विरोध कर रहे मुसलमानों के लिए ‘कठमुल्ला’ जैसे अपमानजक शब्दों का प्रयोग करआगे भी तलवार वितरण का काम लगातार करने की बात की. (आर्काइव लिंक-1, लिंक-2)

 

8 दिनों से पिंकी चौधरी को तलाश कर रही ग़ाज़ियाबाद पुलिस ने 6 जनवरी, 2026 को उसे दिल्ली के रुद्रपुर से गिरफ्तार किया. पुलिस ने इसी मामले में पिंकी चौधरी के बेटे को भी गिरफ़्तार किया है.

एक और फरार आरोपी सोशल मीडिया पर ऐक्टिव

वायरल वीडियो में लोगों को तलवार व हथियार बांटता दिख रहा हिंदू रक्षा दल का कार्यकर्ता अन्नू चौधरी अभी फरार है. लेकिन लगातार सोशल मीडिया पर एक्टिव है और अपना बचाव करने के लिए ईसाई समुदाय पर कथित धर्मांतरण और बांग्लादेश की स्थिति का हवाला दे रहा है. अन्नू चौधरी ने 29 दिसंबर को वीडियो जारी कर तलवार वितरण की घटना को उचित बताया. उसने हिंदू को शस्त्र प्रशिक्षण लेने को कहा. वीडियो में वो कहता है, “गौ रक्षा के लिए और लव जिहाद के लिए कोई भी जिहादी हिंदू बहन को तंग करता दिख गया तो मैं उसका इलाज वहीं उसी तरीक़े से करूँगा जैसे कि बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हो रहा है. (आर्काइव लिंक-1, लिंक-2)

अन्नू चौधरी लगातार बांग्लादेश की स्थिति का हवाला देकर ख़ुद को बचाने और तलवार वितरण को उचित कार्य ठहराने का प्रयास कर रहा है. और विरोध करने वालों को मुसलमान, ईसाई या धर्मांतरण करने वाला कहकर कांग्रेस, समाजवादी के नेताओं और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर को धर्म विरोधी बता रहा है. (आर्काइव लिंक-1, लिंक-2)

संगठित घृणा और संस्थागत चुप्पी

बीतें कुछ वर्षों में देखें तो हिंदू संघठनों द्वारा संस्थागत रूप से मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाने की संख्या में वृद्धि देखने को मिलती है. इन्हीं सिलसिलों में यति नरसिंहानंद गिरि 26 दिसंबर 2025 को उत्तर प्रदेश के हापुड़ में आयोजित एक कार्यक्रम में मुस्लिम समुदाय पर अपमानजनक टिप्पणी करते देखे गए. वीडियो में यति नरसिंहानंद दावा कर रहे हैं, मुस्लिम वंदे मातरम् कहने से इंकार करते हैं और जय हिन्द कहने को मान लिया है क्योंकि मुहम्मद ने अपनी एक रखैल को हिंदुस्तान दे रखा है.” नरसिंहानंद भारतीय सेना को बांग्लादेश और पाकिस्तान भेजने का आग्रह भी करते हैं. साथ ही मौजूदा सरकार को हिंदुओं की सरकार बताते हुए शस्त्र लाइसेंस और कानून में संशोधन करने की मांग करते हुए अन्य विपक्षी पार्टी पर हथियार लाइसेंस, बिना किसी भुगतान के बांटने का आरोप लगाते हैं.

 

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यह बयान हिंदू रक्षा दल द्वारा तलवार, शस्त्र वितरण से ठीक 2 दिन पहले का है. वीडियो में नरसिंहानंद हिंदुओं को संबोधित करते हुए हिंदू जनसंख्या में कमी का डर फैलाकर एक-एक हिंदू परिवारों से कम से कम 5 बच्चे पैदा करने का आग्रह करते हैं. वो कहते हैं, “लाशे उठाने वाला कोई नहीं मिलेगा. मैं सच कहने की क़ीमत चुका रहा हूँ, हो सकता है कोई ‘मुल्ला’ मेरा कत्ल करने में लग जाए. किसी भी हिन्दू के घर में “मुल्ला” आना नहीं चाहिए.”

गौर करने वाली घटना एक यह भी है कि 13 और 14 दिसंबर को आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम “सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव” में मुसलमानों के सामूहिक निर्वासन, धर्मांतरण और भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने जैसी मांगें खुले मंच से रखी गईं. इसका आयोजन सेव कल्चर सेव भारत फाउंडेशन और सनातन संस्था नामक दो संगठनों द्वारा दिल्ली सरकार के केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय और पर्यटन मंत्रालय के सहयोग से किया गया था. कार्यक्रम में भाजपा केंद्रीय मंत्री और दक्षिणपंथी विचारक शामिल थे जिनके द्वारा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से मुस्लिम समुदाय पर निशाना साधा गया.

इस आयोजन में संगम वार्ता और हिंदू फंड नामक संगठन के संस्थापक राहुल दीवान ने मुसलमानों के “सामूहिक धर्मांतरण” की वकालत की और संवैधानिक हिंदू राष्ट्र की स्थापना के लिए आक्रामक रणनीति अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया.

इस तरह के आयोजन में केंद्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय और दिल्ली सरकार की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाते हैं. इस प्रकार के बयान ना केवल देश में सामूहिक हिंसा फैलाने का कारण बन सकते हैं बल्कि राष्ट्रीय की सुरक्षा व्यवस्था ख़राब कर सकती है. ऑल्ट न्यूज़ ने कई मौकों पर यति नरसिंहानंद द्वारा दिए गए विवादित बयानों को डॉक्यूमेंट किया है.

उपरोक्त सभी घटनाएं ये दिखाती हैं कि किस तरह संगठित रूप से धार्मिक उन्माद, हथियारबंदी और हिंसा को वैचारिक समर्थन दिया जा रहा है. जो भविष्य में और बड़े साम्प्रदायिक हिंसा के कारण बन सकते हैं. यति नरसिंहानंद गिरि द्वारा ISIS जैसे आतंकी संगठन बनाने की खुलेआम वकालत, हिंदू रक्षा दल द्वारा सार्वजनिक रूप से हथियारों का वितरण और सोशल मीडिया के जरिए हिंसा को सामान्य बनाने की कोशिशें, देश की कानून व्यवस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए एक गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं.

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