एक वीडियो सोशल मीडिया इस दावे से शेयर किया जा रहा है कि कथित ऊंची जाति के लोगों ने एक दलित को जूते से पानी पिलाया. इस वीडियो में कुछ लोग एक व्यक्ति को जूते से कुछ पिला रहे हैं. 4 अप्रैल 2023 को ‘साउथ एशियन ह्यूमन राइट्स वाच’ नाम के एक ट्विटर हैंडल ने ये वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि भारत में जाति के आधार पर भेदभाव और हिंसा लगातार जारी है. (आर्काइव लिंक)

और भी कई यूज़र्स ये वीडियो शेयर करते हुए इसे भारत में दलित की स्थिति बता रहे हैं. (आर्काइव लिंक)

पिछले कई सालों से ये वीडियो हो रहा है वायरल

23 अगस्त 2022 को ट्विटर हैन्डल ‘@Golden_0786’ ने ये वीडियो ट्वीट किया और लिखा कि मुसलमानों से ज़्यादा दलितों पर अत्याचार होता है. (आर्काइव लिंक)

ऐक्टिविस्ट कनिष्क सिंह ने ये वीडियो ट्वीट किया था. (आर्काइव लिंक). और भी कई ट्विटर यूज़र्स ने ये वीडियो शेयर करते हुए ऐसा ही दावा किया. (लिंक 1, लिंक 2)

फ़ेसबुक पर भी ये वीडियो इसी दावे के साथ पोस्ट किया गया था.

 

भारत का सवर्ण हिन्दू समाज कुछ को छोड़ दिया जाये तो बाकि के दुर्दांत अपराधी और असभ्य है।
वीडियो राजस्थान का कुछ दिन पहले का है एक वेबश दलित युवक को जुते से जबरदस्ती पानी पीला रहा है।

Posted by Shrawan Kumar Paswan on Tuesday, 23 August 2022

गौर करें कि साल 2020 में भी ये वीडियो इसी दावे के साथ शेयर किया गया था. ट्विटर यूज़र अनीता गौतम ने ये वीडियो ऐसे ही दावे के साथ ट्वीट किया था. ये वीडियो जातिवाद के दावे के साथ ट्विटर और फ़ेसबुक पर शेयर किया गया. जातिवाद वाले ऐंगल से इसे जून 2020 में यूट्यूब पर भी अपलोड किया गया था.

फ़ैक्ट-चेक

वीडियो में लोग राजस्थानी बोली बोल रहे हैं. इस आधार पर की-वर्ड्स सर्च करते हुए हमें 16 जून 2020 की दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट मिली. आर्टिकल के मुताबिक, ये घटना राजस्थान के पाली ज़िले के सुमेरपुर की है. इस लड़के का गांव की विवाहित महिला से प्रेम-प्रसंग होने की आशंका की वजह से 11 जून को इसे अगवा कर सिरोही के सुपरणा (सरदारपुरा) गांव में लाया गया था. वहां पर आरोपियों ने लड़के की पिटाई की. उन्होंने इस लड़के को ज़बरदस्ती शराब की बोतल से पेशाब पिलाया. इतना ही नहीं लड़के को जूते में पानी भर कर भी पिलाया गया. आरोपियों ने लड़के के भाई-चाचा को वहां पर बुलाकर उन्हें रात भर पेड़ से बांधकर रखा. इसके अलावा, उन्होंने लड़के से 5 हज़ार रुपये भी लिए.

रिपोर्ट के मुताबिक, सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने 15 जून को इस मामले में शिकायत दर्ज की. रिपोर्ट में बताया गया है कि पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपी – लक्ष्मणराम देवासी, जवानाराम, भीमाराम, नवाराम व दरगाराम देवासी – काे गिरफ़्तार किया. पुलिस ने एक नाबालिग अपराधी को भी कस्टडी में लिया था. आरोपियों ने पीड़ित लड़के के परिवारवालों को धमकाया भी था. इसके अलावा, 18 जून 2020 को न्यूज़18 ने भी इस घटना के बारे में खबर दी थी.

17 जून की पत्रिका की रिपोर्ट में पीड़ित लड़के का नाम कालूराम देवासी बताया गया है. यहां गौर करने वाली बात है कि आरोपियों में से कुछ आरोपी और पीड़ित युवक, दोनों ही देवासी जाति के हैं. फ़्री प्रेस जर्नल के आर्टिकल में भी पीड़ित युवक की पहचान कालूराम देवासी के रूप में की गई है.

दैनिक जागरण ने आरोपियों की गिरफ़्तारी के बारे में एक वीडियो रिपोर्ट शेयर की थी. इस वीडियो रिपोर्ट में कोटा के एसपी राहुल का बयान दिखाया गया है. वीडियो में एसपी बताते हैं कि ये पीड़ित लड़का किसी लड़की से प्यार करता था. इससे नाराज़ होकर आरोपी पक्ष पीड़ित लड़के को सिरोही लेकर गए. वहां लड़के को मारा-पीटा गया और उसे जूते से पानी पिलाया गया. रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में 6 लोगों की गिरफ़्तारी हो चुकी है.

Rajasthan में युवक को जूते में भरकर पिलाया पानी

Rajasthan के सिरोही में युवक को जूते में भरकर पिलाया पानी, आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

Posted by Dainik Jagran on Wednesday, 17 June 2020

आगे, इस मामले की हकीकत जानने के लिए हमने पाली पुलिस से संपर्क किया. पाली के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर ने हमें बताया, “ये मामला 3-4 महीने पुराना है. एक महिला से संबंध होने की आशंका के चलते इस लड़के को मारा-पीटा गया था. ये कोई जातिवाद का मामला नहीं है. ये लोग देवासी जाती के हैं. देवासी जाति के लोग आम तौर पर पशुपालन का काम करते हैं”. आगे इस मामले की अपडेट पूछने पर उन्होंने बताया, “अभी तक इस मामले में 11 आरोपियों को गिरफ़्तार किया गया है.”

कुल मिलाकर, राजस्थान के पाली में प्रेम-प्रसंग की वजह से एक लड़के को उसी की जाति के लोगों ने जूते से पानी पिलाकर अपमानित किया. इस घटना का वीडियो हाल में सोशल मीडिया पर गलत दावे से शेयर हो रहा है कि एक दलित को कथित ऊंची जाति के लोगों ने जूते से पानी पिलाया.

ग़लत
दावा:
जातिवाद के चलते एक युवक को जूते से पानी पिलाया गया

यह सामग्री तथ्यात्मक रूप से गलत या गढ़ी हुई है.

हमारी कार्यप्रणाली पढ़ें