28 जनवरी 2025 को महाराष्ट्र के बारामती एयरपोर्ट पर एक लीयरजेट 45 विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार समेत 4 लोगों की मृत्यु हो गई. इनमें कैप्टन सुमित कपूर, कैप्टन शाम्भावी पाठक, अजित पवार के सुरक्षा गार्ड विदिप जाधव और फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली शामिल हैं. जहां एक तरफ शोक का माहौल था वहीं संकीर्ण मानसिकता से ग्रसित लोग हादसे में मृत को-पायलट को महिला होने की वजह से सोशल मीडिया पर ट्रोल कर रहे थे.

आलोक आनंद नामक एक एक्स-यूज़र ने रिप्लाई करते हुए कमेंट बॉक्स में लिखा, “खासकर X क्रोमोसोम वाली लड़की ने अभी तक स्कूटर चलाना नहीं सीखा होगा और अगर उसे हवाई जहाज़ दे दिया जाए तो यही होगा. शांभवी के लिए दुख है, लेकिन पुरुषों के वर्चस्व वाले कामों में महिलाओं को नियुक्त करना एक तरह का आत्मघाती काम है, जिस पर सरकार को विशेष ध्यान देना चाहिए”.

सोशल मीडिया पर महिला विरोधी बयान और पोस्ट की भरमार या गई. कुछ लोगों ने महिला को-पायलट को मुख्य पायलट बताकर मज़ाक बनाया. विमान या अन्य किसी भी प्रकार के गाड़ी चलाने की क्षमता को लेकर महिला विरोधी बाते कही जाने लगी. हादसा क्यूं हुआ इस सवाल से ज़्यादा लोग ये सवाल करने लगे कि महिला पायलट क्यूं थी.

अजीत पवार के पुराने पोस्ट के ज़रिए यूज़र्स ट्रोल करने लगे

18 जनवरी 2024 को ‘अजीत पवार’ ने अपने X-हैंडल पर पोस्ट किया था जिसमें उन्होंने लिखा था, “जब हम हेलिकॉप्टर या विमान से यात्रा करते हैं और यदि हमारा विमान या हेलीकॉप्टर सुचारू रूप से उतरता है, तो हम समझ जाते हैं कि पायलट एक महिला है”. अजीत पवार ने असल में महिला पायलट की तारीफ की थी लेकिन उनकी मृत्यु के बाद इस पोस्ट पर यूज़र्स सबसे ज़्यादा कमेंट व कोट्स कर महिला विरोधी बातें करने लगे.

यूज़र्स इस पोस्ट के नीचे कमेंट बॉक्स में लिख रहे हैं कि अजित पवार का बयान प्रकृति के खिलाफ़ है, उसे किचन में होना चाहिए था. एक ने लिखा, “लड़की पे तो अब भरोसा नहीं कर सकते.”

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शांभवी पाठक को निशाना बनाते हुए यूज़र्स कमेंट बॉक्स में व्यंग्य रूप में ओम शांति लिख रहे हैं तो कुछ यूज़र्स कमेंट में RIP लिखकर शांभवी की तस्वीर के साथ मीम्स और स्टीकर भी भेज रहे हैं.

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दिल्ली स्थित एनजीओ NCMIndia (नेशनल कमीशन फॉर मेन इंडिया) काउंसिल फॉर मेन अफेयर्स ने अपने आधिकारिक X-हैंडल में अजीत पवार के उसी पोस्ट को कोट कर व्यंग्य कसते हुए लिखा, “आज भी उनके साथ एक महिला पायलट थी लेकिन फिर भी.. तकदीर”. हालांकि ऑल्ट न्यूज़ के को-फाउंडर और फैक्ट-चेकर मोहम्मद ज़ुबैर के कोट ट्वीट के बाद काउंसिल फॉर मेन अफेयर्स ने अपना ये पोस्ट डिलीट कर दिया.

गौर करें कई न्यूज़ रिपोर्ट्स में यह स्पष्ट रूप से बताया गया है कि हादसे में जान गंवाने वालों में 15,000 घंटे की उड़ान का अनुभव रखने वाले कैप्टन सुमित कपूर, 1,500 घंटे की उड़ान का अनुभव रखने वाली को-पायलट कैप्टन शम्भावी पाठक, निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) विदिप जाधव और फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली शामिल थे. यानी, शांभवी पाठक मुख्य पायलट नहीं बल्कि को-पायलट के रूप में विमान में थी. इसके बावजूद, सोशल मीडिया पर जानबूझकर उन्हें “मुख्य पायलट” बताकर निशाना बनाया गया.

डेक्कन हेरल्ड की रिपोर्ट के अनुसार, शांभवी पाठक एक सेना अधिकारी की बेटी थीं, जिन्होंने वायु सेना बाल भारती स्कूल से अपनी पढ़ाई पूरी की थी और मुंबई विश्वविद्यालय से वैमानिकी, विमानन और अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में बीएससी की डिग्री प्राप्त की थी. बाद में उन्होंने न्यूजीलैंड इंटरनेशनल कमर्शियल पायलट अकादमी में विमानन प्रशिक्षण प्राप्त किया था. यही जानकारी हमें शांभवी पाठक के लिंक्डइन प्रोफाइल पर भी मिली.

हालांकि, इन सभी कौशल और प्रशिक्षण के बावजूद शम्भावी पाठक को सिर्फ महिला होने की वजह से ट्रोल किया गया.

अभिनव खरे समेत और भी यूज़र्स महिला विरोधी विचार को सामने रखते हुए शांभवी पाठक के ऊपर टिपण्णी की.

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यूनियन एविएशन मिनिस्टर के. राम मोहन नायडू ने पीटीआई को बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार को ले जा रही विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के समय बारामती हवाई अड्डे पर कम विज़िबिलिटी थी.

साथ ही के. राम मोहन नायडू ने पीटीआई को यह भी बताया कि लैंडिंग के प्रयास के दौरान, एटीसी (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) ने फिर से पूछा कि क्या रनवे दिखाई दे रहा है, जिस पर पायलट ने सकारात्मक जवाब दिया. लेकिन बाद में विमान के लैन्डिंग के वक्त कम विज़िबिलिटी के चलते दुर्घटना हो गई.

इस हादसे में 5 लोगों की मृत्यु के बाद जिस प्रकार सोशल मीडिया पर कैप्टन शांभवी पाठक को ट्रोल करना न केवल एक दुखद हादसे पर लोगों की संवेदना की कमी को दिखाता है बल्कि समाज में गहराई तक जमी महिला-विरोधी सोच को भी उजागर करता है.

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