छत्तीसगढ़ के बीजापुर में 3 अप्रैल को माओवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में 22 जवानों की मौत हो गई. इसके बाद दैनिक भास्कर ने 5 अप्रैल को एक आर्टिकल छापा. इसकी हेडिंग थी, “बीजापुर मुठभेड़ का वीडियो वायरल !:जवानों से मुकाबला करते दिख रहे हैं नक्सली, तस्वीरें भी वायरल; प्रेस नोट जारी कर कहा- जन आंदोलन में जवान साथ आएं”

हमारे इस आर्टिकल के लिखे जाने तक दैनिक भास्कर की रिपोर्ट डिलीट की जा चुकी है. लेकिन इसका आर्काइव लिंक यहां देखा जा सकता है.

इस रिपोर्ट का मुख्य आधार सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरें और वीडियो हैं. रिपोर्ट में शामिल कुछ तस्वीरों के बारे में लिखा है, “महिला नक्सली के साथ खाने-पीने का सामान ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। एक जगह खाना बनाने का भी फोटो है। वहीं महिला नक्सली विक्ट्री का साइन बनाते दिखाई दे रही है। एक फोटो में नक्सलियों को आराम से कुर्सी पर बैठे हुए और एक अन्य फोटो में लूटे गए हथियार दिखाए जा रहे हैं। नक्सलियों के जन नाट्य मंच की भी फोटो है। दैनिक भास्कर इन फोटो और वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।”

फ़ैक्ट-चेक

सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इस बात की तरफ़ इशारा किया कि दैनिक भास्कर ने बस्तर में हुई फ़िल्म की शूटिंग की एक तस्वीर को नक्सली कमांडर की तस्वीर बता दिया है.

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में शामिल एक तस्वीर में महिला विक्ट्री का साइन बना रही है उसे ध्यान से देखने पर पीछे कैमरा भी दिखता है.

असल में, ये तस्वीरें बस्तर में करीब 3 महीने पहले हुई एक फ़िल्म शूटिंग की हैं. हमने स्थानीय पत्रकार आशु तिवारी से बात की जो बस्तर से हैं. वो इस शूटिंग के दौरान सेट पर ही मौजूद थे. उन्होंने कहा, “ये तस्वीरें पब्लिक नहीं होनी चाहिये थीं. पता नहीं किसने किया ये पब्लिक. और ये ग़लत दावों के साथ वायरल भी हो गया. दिसम्बर 2020 में जगदलपुर के जंगलों में ये शूटिंग चल रही थी, जिसकी ख़बर पुलिस और प्रशासन को थी. हम इस फ़िल्म का नाम और बाकी डीटेल पब्लिक नहीं कर सकते, लेकिन मैं ये स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि ये तस्वीरें एक फ़िल्म की शूटिंग की हैं और मैं भी वहीं मौजूद था. इस फ़िल्म के डायरेक्टर संपत झा हैं.”

हमने आशु तिवारी से उस मौके की कुछ तस्वीरें मांगी ताकि हम इस बात की तसल्ली कर लें. उन्होंने ऑल्ट न्यूज़ से कुछ तस्वीरें शेयर की जिसमें अभी वायरल हो रही तस्वीरों जैसा सेट और कैमरा वगैरह दिख रहे हैं. साथ ही, लोगों ने वही कपड़े पहने हैं जो दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में दिखते हैं.

यानी, दैनिक भास्कर ने नक्सली मुठभेड़ के तुरंत बाद बिना वेरीफ़ाई किए इन तस्वीरों पर रिपोर्ट लिख दी. जबकि ऐसे माहौल में, जहां 22 जवानों की मौत हुई हो, एक बड़े मीडिया संगठन से पूरी ज़िम्मेदारी के साथ रिपोर्टिंग करने की उम्मीद की जाती है.

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Priyanka Jha specialises in monitoring and researching mis/disinformation at Alt News. She also manages the Alt News Hindi portal.