पश्चिम बंगाल चुनाव के बीच सांप्रदायिक ग़लत जानकारियां काफी शेयर की जा रही हैं. ऐसे ही एक दावे के अनुसार ममता बनर्जी की सरकार में हिन्दू महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं. एक तस्वीर जिसमें एक आदमी महिला के कपड़े उतारने की कोशिश करता हुआ दिख रहा है, सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही है. इसके साथ दावा किया जा रहा है, “बंगाल में हिन्दुओं के घरों को जलाया जा रहा है, मंदिरों को तोड़ा जा रहा है फिर भी UN शांत है और सिर्फ शांतिदूतों के लिए बोलता है. गद्दार. अब हम अपने हिन्दू भाइयों के लिए लड़ेंगे.”

कई ट्विटर यूज़र्स ने एक तस्वीर शेयर की है और #StandWithBengalHindus का इस्तेमाल किया है.

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भोजपुरी फ़िल्म से लिया गया स्क्रीनशॉट

ये तस्वीर 2014 में रिलीज हुई ‘औरत खिलोना नहीं’ नामक भोजपुरी फिल्म का एक दृश्य है. इस तस्वीर को 2014 के एक ब्लॉग पोस्ट में भी देखा जा सकता है.

ये दृश्य फिल्म के शुरू होने के लगभग 2 घंटे और 11 मिनट बाद दिखता है.

 

जुलाई 2017 में बशीरहाट दंगों के दौरान भी ये तस्वीर शेयर की गयी थी

ऑल्ट न्यूज ने पहले भी इस तस्वीर की पड़ताल की थी जब सोशल मीडिया पर इसे पश्चिम बंगाल में बशीरघाट में दंगा शुरू होने के बाद जुलाई 2017 में पहली बार शेयर किया गया था. उस समय तस्वीर को इस दावे के साथ शेयर किया गया था कि ये एक हिंदू महिला है जिसे बशीरघाट के मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा छेड़ा जा रहा है.

विजेता मलिक जो अपने फ़ेसबुक बायो के अनुसार BJP हरियाणा की राज्य सचिव हैं, ने ये तस्वीर शेयर करते हुए दावा किया था कि पश्चिम बंगाल में हिन्दुओं पर अत्याचार हो रहा है.

2018 में भी ये तस्वीर इस दावे के साथ शेयर की गयी थी कि BSP नेता और उनके गुंडों ने एक दलित महिला के कपड़े उतारे.

ग़लत
दावा:
पश्चिम बंगाल में हिन्दू औरतों के कपड़े उतारे जा रहे

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