सोशल मीडिया पर एक वीडियो खूब शेयर किया जा रहा है. इसमें लोगों की भारी भीड़ को कांटेदार तारों की बाड़ के साथ कतार में खड़े होकर एक गेट से बाहर निकलते हुए देखा जा सकता है. दावा किया जा रहा है कि ये चुनाव आयोग द्वारा राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की घोषणा के बाद पश्चिम बंगाल से अवैध बांग्लादेशियों के बड़े पैमाने पर पलायन का दृश्य है. वीडियो को कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने हर प्लेटफॉर्म पर शेयर किया है.
एक X यूज़र, दीपक शर्मा (@SonOfभारत7) ने वीडियो को X पर शेयर किया और दावा किया कि SIR घोषणा के बाद पश्चिम बंगाल से “झुण्ड के झुण्ड बांग्लादेशी रोहिंग्या घुसपैठिये SIR की घोषणा के बाद वापस भाग रहे हैं.” (आर्काइव)
ये दरिंदो की भीड़ देख रहे हो हिन्दुओं…
ये तस्वीर बांग्लादेश भारत बॉर्डर की है…
पश्चिम बंगाल से लगी सीमा की…
जहाँ से झुण्ड के झुण्ड बांग्लादेशी रोहिंग्या घुसपैठिये SIR की घोषणा के बाद वापस भाग रहे हैं
अभी तो पार्टी शुरू हुईं है.. आगे आगे देखो होता है क्या 🖐️ pic.twitter.com/MShzlaqKCs
— Deepak Sharma (@SonOfBharat7) November 9, 2025
इस पोस्ट को लगभग 127,400 बार देखा गया है.
जम्मू-कश्मीर पुलिस के पूर्व DGP शेष पॉल वैद ने वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि ये भारत-बांग्लादेश सीमा पर पश्चिम बंगाल में SIR का प्रभाव दिखाता है. (आर्काइव)
Impact of ECI ‘s SIR in West Bengal is visible on India -Bangladesh border, pic.twitter.com/cxLo4HcNgv
— Shesh Paul Vaid (@spvaid) November 9, 2025
एक अन्य X यूज़र, बाबा बनारस (@RealBababanaras) ने ये वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि “कथित तौर पर” पश्चिम बंगाल में SIR के आदेश के बाद हजारों अवैध बांग्लादेशी वापस बांग्लादेश जा रहे थे. (आर्काइव)
Reportedly thousands of illegal Bangladeshis are going back to Bangladesh after SIR ordered in different states of India including West Bengal. This is just the beginning. After NRC, more than 5 crore illegal Bangladeshi & Rohingyas will be thrown out of India. pic.twitter.com/apbslyNIa9
— Baba Banaras™ (@RealBababanaras) November 9, 2025
ओसियन जैन (@ocjain4), AsiaWarZone (@AsiaWarZone) और बॉयल्ड अंडा (@AmitLeliSlayer) जैसे X यूज़र्स भी इसी तरह के दावों के साथ वीडियो शेयर करने वालों की लिस्ट में शामिल हैं.
पाठकों को ध्यान देना चाहिए कि इनमें से ज़्यादातर X यूज़र – दीपक शर्मा (@SonOfभारत7), बाबा बनारस (@RealBababanaras) ओशन जैन (@ocjain4) – सोशल मीडिया पर नियमित आधार पर ग़लत सूचना फ़ैलाते हैं. ऑल्ट न्यूज़ ने पहले भी इन एकाउंट्स द्वारा किए गए कई भ्रामक और झूठे दावों की पड़ताल की है.
ये वीडियो सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसे दावों के साथ वायरल है. उनमें से कुछ को नीचे गैलरी में देखा जा सकता है.
द सेंट्रल पोस्ट नामक एक मीडिया आउटलेट ने पश्चिम बंगाल से भागने की कोशिश कर रहे अवैध बांग्लादेशियों पर एक रिपोर्ट पब्लिश की. रिपोर्ट में एक वीडियो शामिल है जिसमें कई क्लिप का एक कोलाज है. इस कोलाज में वायरल वीडियो भी शामिल है. गौरतलब है कि कोलाज में एक वीडियो ऐसा भी है जो असल में बांग्लादेश का है, लेकिन इसे SIR अभ्यास के बीच अवैध प्रवासियों के बंगाल छोड़ने का विजुअल बताया गया है. ऑल्ट न्यूज़ ने पहले ही इस वीडियो की पड़ताल की है.
फ़ैक्ट-चेक
वायरल वीडियो में कई तत्व इस दावे पर शक जताते हैं कि इसमें दिख रहे लोग भारत से अपनी असली मातृभूमि बांग्लादेश भाग रहे हैं. सबसे पहले ध्यान देने वाली बात है कि इनमें से कोई भी कुछ सामान नहीं ले जा रहा है. अगर कोई कुछ समय के लिए दूर जा रहा है, तो ये स्वाभाविक बात होगी कि लोगों के पास कुछ सामान हो. दूसरा, भीड़ खुश और उत्साहित दिख रही है. तीसरा, सीमा पर बाड़ लगाने वाले सुरक्षाकर्मियों को लोगों को स्वतंत्र रूप से पार करने की अनुमति देते हुए देखा जा सकता है. अगर वे अवैध अप्रवासी होते तो इस तरह का दृश्य नहीं होता.
इन बातों ने हमें दावों की सच्चाई पर शक हुआ.
जब हमने वायरल वीडियो के कई की-फ्रेम्स के साथ रिवर्स इमेज सर्च करने की कोशिश की तो एक विशेष फ्रेम से हमें नेहा मोंडल नामक यूज़र का फ़ेसबुक वीडियो मिला. रील में उसे ये कहते हुए सुना जा सकता है कि वो ‘विसर्जन’ देखने के लिए शिकारपुर आई है.
यहां वायरल वीडियो और फ़ेसबुक रील के बीच फ्रेम-टू-फ्रेम तुलना देखें:

शिकारपुर पश्चिम बंगाल के नादिया ज़िले के करीमपुर II सीडी ब्लॉक में मुरुतिया पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला एक गांव है. ये काली पूजा के लिए प्रसिद्ध है, जो फंकटाला नामक इलाके में होती है. यहां न सिर्फ स्थानीय लोग, बल्कि दूर-दूर से हर साल हजारों लोग आते हैं. ये काली पूजा अच्छी तरह से डॉक्यूमेंटेड है.
फिर हमने एक स्थानीय ब्यूटीशियन से संपर्क किया जिसका संपर्क नंबर हमें फ़ेसबुक पर मिला. उन्होंने ऑल्ट न्यूज़ को बताया कि वीडियो में दिख रहे लोग माथाभांगा नदी में काली मूर्ति का विसर्जन देखने जा रहे थे.
माथाभंगा एक सीमा पार नदी है जो बांग्लादेश में पद्मा से निकलती है और नादिया ज़िले के गेडे में भारत में प्रवेश करती है. इसके बाद ये इच्छामती और चुन्नी में विभाजित हो जाती है. मुरुतिया में, नदी अंतर्राष्ट्रीय सीमा के साथ बहती है. नीचे नक्शा देखें:

वायरल वीडियो के बारे में ज़्यादा जानने के लिए हमने मुरुतिया पुलिस स्टेशन प्रभारी SI निर्माल्य दत्ता से संपर्क किया.
निर्माल्य दत्ता ने पुष्टि की कि वीडियो फंकतला का है और लोग काली मूर्ति का विसर्जन देखने के लिए माथाभांगा के तट पर निमताला घाट जा रहे थे.
निर्माल्य दत्ता ने कहा, “सीमा पर बाड़ लगाने और गेट का निर्माण इस साल की शुरुआत में किया गया था. वीडियो इसी साल का है. यहां काली पूजा में हजारों लोग आते हैं. इतनी ही बड़ी भीड़ विसर्जन में शामिल होती है. ये दशकों से चल रहा है. इस साल, गेट और बाड़ के निर्माण के बाद से पिछले सालों की तुलना में भीड़ थोड़ी कम थी.”
“नदी का किनारा बाड़ से केवल कुछ मीटर की दूरी पर है. नदी के उस पार बांग्लादेश है. पहले, लोग विसर्जन देखने के लिए उस तरफ भी इकट्ठा होते थे, लेकिन पिछले कुछ सालों में ये बंद हो गया है. भारतीय पक्ष में अब एकल-बाड़ सीमा और एक गेट है. इसे दुर्गा पूजा विसर्जन के साथ-साथ काली पूजा विसर्जन के लिए भी खोला गया था.”
निर्माल्य दत्ता ने हमें ठीक उसी जगह की तस्वीर भेजी जहां भीड़ जमा हुई थी. वायरल वीडियो में दिखाई दे रही बॉर्डर फेंसिंग, काला गेट और उसके बगल में लगे दो लोहे के खंभे फ़ोटो में दिख रहे हैं. नीचे तुलना देखें:

कुल मिलाकर सीमा द्वार पार करने वाली भीड़ के वायरल वीडियो का पश्चिम बंगाल में SIR से कोई लेना-देना नहीं है. ये नादिया ज़िले में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर एक गांव में काली पूजा विसर्जन सभा का है.
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