हैदराबाद के चारमीनार एरिया का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. वीडियो में देखा जा सकता है कि अफरा-तफरी जैसी स्थिति बनी हुई है और पुलिस कुछ लोगों पर लाठीचार्ज कर बैरिकेड लगा रही है. इस वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि ईद-ए-मिलाद-उन-नबी की रैली हिंसक हो गई, जिसके बाद वे पुलिस को धक्का देकर और बैरिकेड तोड़ कर भाग्यलक्ष्मी मंदिर पर आक्रमण करने की कोशिश कर रहे हैं.

अभिषेक अग्रवाल ने वीडियो ट्वीट करते हुए इसे सांप्रदायिक ऐंगल के साथ भाग्यलक्ष्मी मंदिर पर आक्रमण बताकर शेयर किया. (आर्काइव लिंक)

Tathvam-asi नाम के अकाउंट ने वायरल वीडियो को शेयर करते हुए जातिवादी टिप्पणी करते हुए कहा कि ‘म्लेच्छ’ लोग भाग्यलक्ष्मी मंदिर को हटाने की कोशिश कर रहे हैं? (आर्काइव लिंक)

भाजपा के लीगल सेल से जुड़े वकील नीलम भार्गव राम ने पुलिस द्वारा लाठीचार्ज के वायरल वीडियो के साथ चारमीनार के पास आग लगने का एक अन्य वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “अब समय आ गया है कि अमित शाह जी कृपया भाग्यलक्ष्मी माता मंदिर की रक्षा करें.” इसके साथ ही नीलम ने हैदराबाद पुलिस से सवाल किया कि पुराने शहर में हुई मिलाद रैली के बारे में मीडिया को कब जानकारी देंगे? (आर्काइव लिंक)

फ़ैक्ट-चेक

वायरल वीडियोज से जुड़े की-वर्ड्स सर्च करने पर हमें सहारा समय के पत्रकार सूर्या रेड्डी का एक ट्वीट मिला. इस ट्वीट में चारमीनार के पास के 4 वीडियोज़ मौजूद हैं. सूर्या बताते हैं कि हैदराबाद में चारमीनार के पास मिलाद-उन-नबी जुलूस के दौरान डीजे साउंड सिस्टम के जनरेटर में आग लग गई थी, जिसके बाद दमकल ने आग बुझाया. वीडियो में देखा भी जा सकता है कि डीजे सिस्टम वाली गाड़ी में आग लगी हुई है.

हमें भाग्यलक्ष्मी मंदिर के यूट्यूब चैनल पर 19 सितंबर के 10 बजे रात का वीडियो अपलोड किया हुआ मिला. इस वीडियो को रिकॉर्ड कर रहा व्यक्ति साफ कह रहा है कि “यहाँ पर सब ठीक है, कोई चिंता वाली बात नहीं है.”

इस मामले पर हैदराबाद पुलिस कमिश्नर सीवी आनंद ने बयान दिया कि डीजे में आग लग गई थी, अगर वह आग डीजल टैंक में लग जाती तो बड़ा धमाका होता. दुर्घटना से बचाने के लिए और सुरक्षा के मद्देनज़र पुलिस ने बैरिकेड लगाकर लोगों को दूर रखने की कोशिश की, जो लोग बैरिकेड तोड़कर आगे आने की कोशिश कर रहे थे पुलिस ने उन्हें पीछे करने के लिए शक्ति का इस्तेमाल किया था.

इस मामले पर हमें न्यूज़मीटर का एक आर्टिकल मिला जिसमें भाग्य लक्ष्मी मंदिर की ट्रस्टी शशिकला का बयान मौजूद है. उन्होंने कहा कि ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के जुलूस के कारण मंदिर परिसर में किसी प्रकार की घुसपैठ नहीं हुई और डीजे के जेनरेटर में लगी आग मंदिर तक नहीं फैली थी.

कुल मिलाकर, कई लोगों ने ईद-ए-मिलाद-उन-नबी की रैली में डीजे के जेनरेटर में आग लगने के बाद मची अफरा-तफरी के वीडियो को भाग्यलक्ष्मी मंदिर पर घुसपैठ या आक्रमण बताकर, सांप्रदायिक ऐंगल के साथ शेयर किया.

ग़लत
दावा:
हैदराबाद के भाग्यलक्ष्मी मंदिर में घुसपैठ और आक्रमण की कोशिश की गई

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