सोशल मीडिया पर बैठे समाज के ही लोग अक्सर महिलाओं के प्रति अपनी संकीर्ण और महिला विरोधी मानसिकता का परिचय देते नज़र आ जाते है. ऐसा ही एक मामला हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर देखने को मिला. यशस्विनी राजे सिंह और उनकी बहन मनस्विनी राजे सिंह के पब्लिक इंस्टाग्राम पेज की स्टोरी, पोस्ट्स और उनकी तस्वीरों को शेयर कर उन्हें ट्रोल किया जा रहा है. ये ट्रोलिंग व्यक्तिगत टिप्पणियों तक सीमित नहीं, बल्कि उनके पारिवारिक राजनीतिक पृष्ठभूमि, निजी विचारधारा और जीवन शैली को लेकर किया जाने लगा.

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सदर के पूर्व बीजेपी विधायक विक्रम सिंह जो अपने हिंदुत्व, गौ-रक्षा और राष्ट्रवादी विचारधारा व सुचारू रूप से कार्यरत रहने के लिए विख्यात हैं और इन हिंदुत्व के विषयों में सोशल मीडिया पर काफ़ी ऐक्टिव नज़र आते हैं. उनकी उनकी दोनों बेटियां, यशस्विनी राजे सिंह और मनस्विनी राजे सिंह के इंस्टाग्राम पोस्ट्स और स्टोरी के स्क्रीनशॉट को शेयर कर कुछ राइट विंग हैंडल्स दावा कर रहे हैं कि विक्रम सिंह की बेटियां बीफ़ खाती हैं, फ़िलिस्तीन जैसे दूसरे देशों के अलग राजनीतिक विचार का समर्थन करती हैं और उनकी बेटी के पाकिस्तानी बॉयफ्रेंड होने के दावे भी किया जा रहा है. राइट विंग हैंडल्स विक्रम सिंह के हिंदुत्व, गौ-रक्षा और राष्ट्रवाद वाली विचारधारा से अलग थलग बताकर ट्रोल कर रहे है.

शुरुआत

यशस्विनी राजे सिंह पर टिप्पणी करने की लगभग शुरुआत राइट विंग X-हैंडल @TheSquind ने की, जहाँ @TheSquind ने एक्स पर 15 जनवरी 2026 को यशस्विनी राजे सिंह के इंस्टाग्राम स्टोरी के स्क्रीनशॉट को पोस्ट किया और विक्रम सिंह को मेंशन करते हुए लिखा, “क्या आपको इस बात की जानकारी है कि आपकी बेटी नियमित रूप से ऑनलाइन भाजपा विरोधी सामग्री पोस्ट करती है? क्या जिस पार्टी से आप पहले विधायक थे, उसे इस बात की जानकारी है कि आपकी बेटी ऑनलाइन सरकार विरोधी सामग्री फैलाती है?”

यशस्विनी राजे सिंह को भाजपा विरोधी बताने वाले पोस्ट में यूपी मुख्यमंत्री अजय मोहन सिंह बिष्ट उर्फ़ योगी आदित्यनाथ और बीजेपी यूपी के आधिकारिक X-हैंडल को भी मेंशन किया गया.

20 जनवरी 2026 को राइट विंग हैंडल @TheSquind ने मनस्विनी राजे सिंह के इंस्टाग्राम स्टोरी के स्क्रीनशॉट को पोस्ट करते हुए टिप्पणी की, “ये हैं पूर्व विधायक विक्रम सिंह की दूसरी बेटी वह अपने डैडी से हर दो हफ़्ते में मिलने वाले पैसों से ऐश-ओ-आराम की ज़िंदगी जी रही है और हिंदुत्व से देश को बचाने के लिए धन के वितरण की मांग कर रही है क्योंकि हिंदू विचारधारा हमारे देश को बर्बाद कर रही है, हमें मुसलमानों के लिए अधिक सुरक्षा की आवश्यकता है.”

20 जनवरी को ही @TheSquind ने पूर्व विधायक विक्रम सिंह के एक ट्वीट पर रिप्लाई किया. और एक बार फिर मनस्विनी राजे सिंह के निजी विचार को ऑनलाइन ट्रोल करते हुए लिखा, “आप यहाँ हिंदुओं के लिए ट्वीट कर रहे हैं, वहीं आपकी बेटियाँ खुलेआम ऑनलाइन फ़िलिस्तीन की स्वतंत्रता का प्रचार कर रही हैं! क्या वह पुरुष-विरोधी है? क्या उसे आपके असली धंधे का पता चल गया? और दूसरी, जो आपके सारे पैसे पर मौज-मस्ती करने के बाद भारत के संपत्ति निर्माता पर सवाल उठाती है.”

21 जनवरी को राइट विंग X-हैंडल @HPhobiaWatch ने @TheSquind के पोस्ट को कोट कर ट्रोल करते हुए लिखा, “उसने अपना बायो बदल दिया और फिलिस्तीनी झंडा हटा दिया. भाजपा के 90% नेता हिंदुत्व और राष्ट्रवाद का प्रचार करते हैं, जबकि उनके अपने बच्चे हद से ज़्यादा प्रगतिशील काम करते हैं.”

यह ऑनलाइन ट्रोलिंग का सिलसिला रुका नहीं और बढ़ गया जब राइट विंग X-हैंडल @HPhobiaWatch पूर्व विधायक विक्रम सिंह के एक ट्वीट पर रिप्लाई देते हुए लिखा, “आपकी बेटी गोमांस खाती है, आपको यूपी चुनाव में टिकट नहीं मिलेगा और मैं यह सुनिश्चित करूँगा.”

एक और राइट विंग X-हैंडल @VibexCEO ने यशस्विनी राजे सिंह के इंस्टाग्राम से उनके और उनके दोस्तों के साथ वाली पोस्ट स्क्रीनशॉट शेयर की और यशस्विनी के ख़िलाफ़ अपमानजनक टिप्पणी करते हुए लिखा, “उत्तर भारत के भाजपा नेता विक्रम सिंह की बेटी से मिलिए. जहां पिता हिंदुत्व के लिए ट्वीट कर रहे हैं, वहीं उनकी अपनी बेटियां इटली में पाकिस्तानी लोगों के साथ संबंध बना रही है, उमर नाम के उस मुस्लिम लड़के के साथ उनकी बेटी की तस्वीर यहां देखें.”

राइट विंग X-हैंडल @TheSquind ने पूर्व विधायक विक्रम सिंह मेंशन करते हुए स्क्रीनशॉट शेयर किया और लिखा, “अधिक चिंताजनक बात यह है कि पूर्व विधायक श्री विक्रम सिंह की बेटी आरएसएस को आतंकवादी संगठन कहने का समर्थन करता है, गोमांस खाने का समर्थन करता है और भाजपा मुक्त भारत चाहती है.”

यशस्विनी राजे सिंह और मनस्विनी राजे सिंह के इंस्टाग्राम पोस्ट्स के ज़रिए उन्हें ट्रोल करने को लेकर X-हैंडल @TheSquind ने ट्वीट कर बताया, “बहुत से लोग पूछ रहे हैं कि हमें इसके बारे में कैसे पता चला, दरअसल, मैं @TheSquind और @HPhobiaWatch हम पिछले 2-3 वर्षों से ऐसे खातों पर लगातार नज़र रख रहे हैं, जब हमें लगता है कि समय सही है, तो हम उनके बारे में पोस्ट करने का निर्णय लेते हैं. महत्वपूर्ण बात यह है कि यह कोई अलग-थलग मामला नहीं है.”

@HPhobiaWatch के अलावा और भी राइट विंग X-हैंडल @BengalMafia, @venom1s, @Pagancholo जैसे हैंडल ऑनलाइन ट्रोलिंग कर रहे हैं तो कई X-यूज़र पूर्व विधायक विक्रम सिंह के नए और पुराने ट्वीट में रिप्लाई कर यशस्विनी राजे सिंह और मनस्विनी राजे सिंह को ट्रोल कर रहे हैं.

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आख़िर कौन हैं यशस्विनी राजे सिंह और मनस्विनी राजे सिंह ?

यशस्विनी राजे सिंह एक सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर हैं, जिन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस (एलएसई) से डेवलपमेंट स्टडीज में एमएससी और किंग्स कॉलेज लंदन से इंटरनेशनल रिलेशंस में बीए की पढ़ाई की हैं. उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक, वो यूनिसेफ इंडिया, कॉमनवेल्थ ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव और यहां तक कि लंदन के सरकारी विभागों में इंटर्न या सलाहकार के रूप में कार्यरत रह चुकी है.

वहीं यशस्विनी और उनकी बहन मनस्विनी राजे सिंह एक साथ कई पोस्ट्स में नज़र आते हैं. हालांकि, ऑनलाइन मनस्विनी राजे सिंह के बारे में ज़्यादा जानकारी मौजूद नहीं हैं. लेकिन यशस्विनी राजे सिंह और मनस्विनी राजे सिंह के पिता फतेहपुर सदर के बीजेपी पूर्व विधायक विक्रम सिंह हैं. उनके राजनीतिक और हिंदुत्व, गौ-रक्षा और राष्ट्रवाद वाली पृष्ठभूमि से तुलना करते हुए उनकी बेटियों के सोशल मीडिया पोस्ट्स शेयर कर उन्हें ट्रोल किया जा रहा है.

यशस्विनी राजे सिंह की प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग के बीच यशस्विनी राजे सिंह ने 27 जनवरी 2026 को अपने इंस्टाग्राम में 15 स्लाइड्स का पोस्ट कर जवाब दिया. उन्होंने लिखा, “पिछले दो हफ़्तों से, मुझ पर कोऑर्डिनेटेड ऑनलाइन हमला हो रहा है, मेरे पब्लिक इंस्टाग्राम अकाउंट को खंगाला गया है, स्क्रीनशॉट सर्कुलेट किए गए हैं, झूठ गढ़े गए और बिना किसी आधार के बातों को जानबूझकर फैलाया गया, यह सब मेरे व्यक्तित्व को खराब करने और मेरी आवाज़ को दबाने के लिए किया गया है.”

दूसरे स्लाइड में वो लिखती हैं, “जब महिलाएं पॉलिटिक्स या आइडियाज पर बोलती हैं तो उनकी बातों पर चर्चा नहीं होती बल्कि इसके बजाय, हमारी ज़िंदगी को कठघरे में खड़ा कर दिया जाता है. शर्मिंदा किया जाता है, झूठ गढ़े जाते हैं, और हर पर्सनल चॉइस को नैतिक नाकामी के सबूत की तरह देखा जाता है. मैंने इसका सामना पहले भी किया है और मैं साफ-साफ कहना चाहती हूँ मुझे कोई शर्म नहीं है. जो लोग मुझे चुप कराना चाहते हैं, मैं उन्हें नैतिक आज्ञा मानने, सफाई देने या उनकी बात मानने के लिए बाध्य नहीं हूँ.”

आगे उन्होंने धमकियाँ कमेंट, मैसेज और पोस्ट के स्क्रीनशॉट्स शेयर करते हुए लिखा, “रेप की धमकियाँ, जान से मारने की धमकियाँ, नफ़रत भरी बातें, सांप्रदायिक इशारे भी झेला हैं, इन सबका सामना महिलाओं को तब करना पड़ता है जब हम चुप रहने से मना कर देते हैं. ये यहाँ सहानुभूति या गुस्सा दिलाने के लिए नहीं हैं. ये दिखाते हैं कि उत्पीड़न कैसे काम करता है, जिनका मकसद बातचीत या बहस नहीं है, बल्कि मकसद थकाना और चुप कराने के लिए होता है.”

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यशस्विनी अपने इंटरनेशनल दोस्तों के बारे में लिखती है, “मैंने किंग्ज़ कॉलेज लंदन और लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स में पढ़ाई की और कई सालों तक लंदन में रही. जिसका मतलब है, अलग अलग सीमाओं, संस्कृतियों और राष्ट्रीयताओं वाले लोगों से दोस्ती का होना. विविधता के संपर्क में आना कोई साज़िश नहीं है और मैं दुनिया भर से जुड़े होने या विविध दुनिया में सहज होने के लिए कोई माफ़ी नहीं माँगती.” उन्होंने ट्रोल करने वालों के लिए लिखा, “सिर्फ़ “वसुधैव कुटुंबकम” जैसी सभ्यता का ज़िक्र न करें, इसे लागू भी करें.”

यशस्विनी पाकिस्तानी बॉयफ्रेंड वाले दावे को काल्पनिक दावा बताते हुए कहती हैं, “मैं सिंगल हूँ लेकिन अगर मैं सिंगल नहीं भी होती, तो भी मेरे होने वाले पार्टनर की जाति, राष्ट्रीयता या धर्म किसी की मंज़ूरी, निगरानी या राष्ट्रवादी फ़ैन फ़िक्शन का विषय नहीं है.”

यशस्विनी फिलिस्तीन के विषय पर लिखती हैं, “फिलिस्तीन फिलिस्तीनियों का है यह रुख भारत के अपने उपनिवेशवाद विरोधी इतिहास के मुताबिक है. मैं फिलिस्तीनी लिबरेशन का समर्थन करती रहूँगी, मैं नरसंहार का विरोध करती रहूँगी, मैं मिलीभगत का विरोध करती रहूँगी – चाहे वह राज्य की हो, संस्थागत हो या सामाजिक हो.”

और आख़िर में लिखती हैं, “भारतीय होने के लिए किसी आइडियोलॉजी की गुलामी, खाने-पीने में नियंत्रण या चुप रहने की ज़रूरत नहीं है, वैचारिक विविधता को इमोशनली प्रोसेस करने में आपकी असमर्थता मेरी नागरिकता या अधिकारों को खतरा नहीं पहुंचाती है. बेझिझक मेरे इंस्टाग्राम को खंगालते रहें, खाने की प्लेटों को ज़ूम करते रहें, रिश्ते बनाते रहें और अपने बर्नर अकाउंट से काल्पनिक स्टिंग ऑपरेशन चलाते रहें. मैं आपसे वादा करती हूँ – मैं आज़ादी से बोलती रहूँगी, जीती रहूँगी और चुनती रहूँगी.”

यशस्विनी के पोस्ट पर मनस्विनी राजे सिंह ने कमेंट करते हुए अपनी प्रतिक्रिया में लिखा, “स्पष्ट कर दें, गुमनाम (बेरोज़गार) ट्रोल्स द्वारा फैलाई गई स्त्री-द्वेष, कटुता और घृणा हमें कभी चुप नहीं करा पाएगी, यह सोचना हास्यास्पद है कि यही लक्ष्य था और आप सब इसमें बुरी तरह असफल रहे हैं.”

यशस्विनी और मनस्विनी राजे सिंह पर सोशल मीडिया में ट्रोलिंग और अपमानजनक टिप्पणी करने वाले राइट विंग ग्रुप का हिस्सा हैं. ये वही हैं जो आए दिन लोगों के पर्सनल चॉइस पर सवाल उठाते रहते हैं. खास कर अगर कोई महिला स्वतन्त्र, जीने का अधिकार, निजी पसंद स्वतंत्र विचार और अपनी दृष्टिकोण पर चले तो उन्हें राष्ट्रवाद और नैतिकता के नाम पर ज्ञान देने या जाते हैं. यशस्विनी और मनस्विनी राजे सिंह के साथ हुई यह घटना कोई अलग-थलग मामला नहीं है, ये समाज में लिप्त व्यापक समस्या का हिस्सा है जो महिला विरोधी मानसिकता के उजागर होता है.

हाल ही में एक विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की मृत्यु हो गई. इस शोक भरे माहौल में भी संकीर्ण मानसिकता से ग्रसित लोग हादसे में मृत को-पायलट को महिला होने की वजह से सोशल मीडिया पर ट्रोल कर रहे थे.

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