उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में एक अंतरधार्मिक कपल के शादी को लेकर विवाद हुआ. यहां तक कि शादी रोकने उत्तराखंड से हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ता मेरठ पहुंचे थे. दुल्हन के चाचा ने ही गंगानगर थाने में दूल्हे के खिलाफ FIR दर्ज कराया. उन्होंने बहला कर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाया, और इस पूरे मामले को “लव जिहाद” के आरोपों से जोड़ा गया.

क्या है पूरा मामला?

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, मेरठ की रहनी वाली आकांक्षा गौतम बौद्ध धर्म का पालन करती है और वहीं के एक निजी बैंक में काम करती है. आकांक्षा की शादी 13 फरवरी 2026 को दूसरे समुदाय से ताल्लुक रखने वाले चिकित्सक शाहवेज़ राणा से होनी थी. दोनों की उम्र 25-25 वर्ष है. इस अंतरधार्मिक शादी की खबर जब फैलने लगी तो स्थानीय हिंदू संगठन इसका विरोध करने लगे. आकांक्षा के चाचा प्रेमचंद गौतम ने ‘लव जिहाद’ और संपत्ति हड़पने की शाजिश का आरोप लगाकर मेरठ के गंगानगर थाने में साहिल उर्फ शाहवेज़ राणा के खिलाफ FIR दर्ज कराया.

दरअसल, 9 फरवरी को होने वाले रिंग सेरेमनी के ठीक पहले उनके शादी कार्ड वायरल होने लगे. ABP गंगा को अखिल भारतीय हिन्दू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष के सचिन सिरोही ने 11 फ़रवरी को “लव जिहाद” का आरोप लगाते हुए कहा, “शादी पैराडाइज मंडप में हो रही है, जिस मंडप में 13 फरवरी को शादी की जा रही है उसके लिए दो कार्ड छपवाए गए. एक कार्ड हिंदू लड़की के द्वारा छपाया गया जिसपर साहिल नाम है और जो कार्ड मुस्लिम लड़के ने समुदाय के लोगों के लिए छपवाया उस पर शाहवेज़ राणा नाम है. तो देखिए कार्डों पर भी धोखा, छल- कपट है.” इसके अलावा, ये भी दावा किया गया कि 9 तारीख को मेरठ में जो सगाई होनी थी वो कैंसिल हुई है अब 13 फरवरी को पैराडाइज मंडप की शादी भी कैंसिल होगी. साथ ही 15 तारीख का रिसेप्शन जो रखा गया था उसे भी वो कैंसिल कराएंगे. और हुआ भी यही, 13 फ़रवरी को दैनिक भास्कर ने जानकारी दी कि ये शादी रोक दी गई है.

सचिन सिरोही ने आकांक्षा गौतम द्वारा ख़ुद को बौद्ध धर्म की अनुयायी बताने और अपनी मर्जी से शादी करने के बातों का झूठा बताया. उन्होंने कहा, “लड़की अगर बौद्ध धर्म से है तो परसों ही उसके घर में जागरण हुआ हिंदू रीतिवाज रीति-रिवाज से. हिंदू की मूर्तियों की, हमारे भगवानों की मूर्तियों की पूजा पाठ क्यों कर रही है? हमारे पास वीडियो है हम दिखा देंगे, लड़की झूठ बोल रही है.” साथ ही लड़के पर लड़की को मस्जिदों में मदरसों में ले जाकर लव जिहाद, ब्रेन-वाश करने का आरोप लगाया.

आकांक्षा के चाचा प्रेमचंद गौतम ने दर्ज कराई FIR

9 फरवरी को आकांक्षा के चाचा प्रेमचंद गौतम ने मेरठ शहर के गंगानगर थाना में साहिल उर्फ शाहवेज़ राणा के खिलाफ FIR दर्ज कराया. FIR के अनुसार, प्रेमचंद्र के बड़े भाई स्व. ओंमकार गौतम निवासी की पुत्री आकांक्षा गौतम को साहिल उर्फ साहवेज राणा पुत्र सकील अहमद निवासी तारापुरी ने ‘लव जिहाद’ में बहला फुसलाकर प्रापर्टी हड़पने के उद्देश्य से साशिज करके शादी करने की योजना बनाई. उन्होंने लिखा कि उनकी भतीजी का ब्रेन वाश किया गया है और यह पूरी तरह से ‘लव जिहाद’ का हिस्सा है. उन्होंने ये भी अंदेशा जताया कि उनकी भतीजी को भी साहवेज लव जिहाद का हिस्सा बनाकर उसे जान से मार देगा.

इसी तरह का बयान आकांक्षा के चाचा प्रेमचंद गौतम मीडिया को भी दिया.

प्रेमचंद गौतम की शिकायत पर गंगानगर थाना में साहिल उर्फ शाहवेज़ राणा के खिलाफ से भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 धारा 351(3), उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 धारा 3 और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 धारा 5(1) के तहत FIR दर्ज की गई.

इस पूरे मामले और शिकायत के संबंध में ऑल्ट न्यूज़ ने गंगानगर थाने में संपर्क किया. हमें जानकारी मिली कि मुक़दमा दर्ज कराया गया था उस पर विवेचना की जा रही हैं फिलहाल इस विषय पर कोई गिरफ़्तारी नहीं हुई है.

आरोप के बीच आकांक्षा की प्रतिक्रिया

आकांक्षा गौतम ने सगाई टूटने और अंतरधार्मिक शादी के विरोध के बीच मीडिया को बताया, “8 फरवरी को हिंदूवादी संगठन के लोगों ने मेरे शादी के कार्ड को मेरे नाम और ऐज (उम्र) के साथ हाईलाइट कर रहे हैं कि आकांक्षा को बहला फुसला कर शादी की है. ऐसा कुछ भी नहीं हैं मेरी फैमिली इस चीज के लिए रेडी है और मेरी फैमिली और शाहवेज की फैमिली पिछले छह-सात साल से एक दूसरे को जानती है और जो लोग बोल रहे हैं कि उसने अपना नाम छुपा के मेरी से दोस्ती की है ऐसा कुछ भी नहीं. क्योंकि मैं बौद्ध धर्म को मानने वाली हूं और मेरी शादी भी बौद्ध रीति रिवाज के ही अनुसार होनी वाली थी. तो यह मेरा ही सजेशन था कि जब मैं शादी इस रिवाज से कर रही हूँ तो मैं उसका नाम अपने घर पर साहिल रखूँगी. ये निकनेम था उसका, कोई छुपाया गया नहीं था कि उसका नाम शाहवेज हैं, मुझे और मेरे पूरी फैमिली को पता है उसका नाम शाहवेज है.”

आकांक्षा की मां ने इन विरोधों के बीच मीडिया से कहा, “अब तो फिलहाल मैंने शादी रोक रोक दी है लेकिन जब भी शादी होगी, शाहवेज से ही होगी. मेरे को 6 साल पहले से पता है वो मुस्लिम है और उसका नाम शाहवेज है. किसी ने किसी को नहीं फंसाया है. ये दोनों परिवार की मर्जी से शादी हो रही है और दोनों परिवार की मर्जी से ही शादी होगी. तो वह कौन होते हैं शादी को रोकने वाले? लड़की की मां मैं हूं ना. मेरी मर्जी से शादी होगी. जहां मैं चाहूंगी वहां होगी. मेरे देवर कौन होते हैं? उनको तो बस रोटियां सेकनी है.”

आकांक्षा की मां ने अपने देवरों पर दबाव बनाने का आरोप लगाया और कहा, “देवरों की नज़र प्रॉपर्टी पर है. वह कह रहे हैं कि हमारे हिसाब से शादी करोगी तो कुछ नहीं है और हमारे खिलाफ जाकर शादी करोगी तो प्रॉपर्टी हमें दो. मेरी लड़की जॉब पे जाती है तो उसको रास्ते में रोक के परेशान करते हैं और दबाव बनाते हैं. अगर हमें कुछ होता है तो मेरे दोनों देवर जिम्मेदार होंगे. जिनमें एक का नाम नंद किशोर है एक का नाम प्रेमचंद है.”

आकांक्षा ने सोशल मीडिया पर फैल रही बातों पर मीडिया से बात करते हुए कहा, “जो लोग जो मिस्टर सचिन सिरोही, मिस्टर तरुण कंसल, मनीष लोहिया जैसे लोग जो मेरे को नाम लिख के हाईलाइट कर रहे हैं अगर उनको अपनी हिंदू बेटी की इतनी ही चिंता होती ना, तो वो लोग इस चीज को हाईलाइट नहीं करते डायरेक्टली मेरे से आके बात करते. मैं एक बैंक में जॉब करती हूं अगर कल को मुझे मेरी फैमिली को डिप्रेशन में आके कुछ भी हो गया तो इस चीज के जिम्मेदार वो लोग होंगे जो सोशल मीडिया पे इसको शेयर कर रहे हैं.”

सचिन सिरोही का फ़ेसबुक टाइमलाइन

अखिल भारतीय हिन्दू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही ने 8 फरवरी को आकांक्षा और शाहवेज की शादी को लेकर पोस्ट किया था जिसमें वो शाहवेज को नाम अपना छिपाकर हिंदू लड़की से “लव जिहाद” करने का आरोप लगाया और सीधे तौर पर कहा कि शादी नहीं होने देंगे.

 

#मेरठ_में_एक_और_बेटी_लव_जिहाद_का_शिकार_होने_जा- रहीं_है
हिन्दू लडकी आकांक्षा गौतम (21 वर्ष )की दोस्ती साहिल से 2020 में हुई आकांक्षा गंगानगर आई ब्लॉक में मेरठ में रहती है सम्पत्ति से संपन्न जाटव हिन्दू परिवार , परिवार में माँ और एक छोटी बहन पिता नहीं है भाई नहीं है…. साहिल का वास्तविक नाम शहवाज (31 वर्ष है ) जिसने नाम छुपाकर दोस्ती की ओर लव जिहाद करके पूरे परिवार को अपने कब्जे में ले लिया अब समाज को गुमराह करके शादी कर रहा है इस शादी में लडके को हो रही विदेशी फंडिंग इस एक शादी से देश में लाखों हिन्दू परिवारों की बेटियों पर संकट भविष्य में विधर्मी हिन्दूओं के घरों में घुसकर करेंगे शादी जैसे अब कर रहे हैं……. सभी हिन्दू संगठनों से निवेदन है इस परिवार को लव जिहाद से बचाने के लिए आगे आइए…..
#हिन्दू_सम्मेलनों_के_इस_दौर_में_लव_जिहाद_बर्दाश्त_नहीं किया_जाएगा
हिन्दू क्षेत्र में आकर हिन्दू लडकी से शादी नहीं होने देंगे सचिन सिरोही राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय हिन्दू सुरक्षा संगठन मेरठ

Posted by Sachin Sirohi on Saturday 7 February 2026

दूसरे पोस्ट के ज़रिए सचिन सिरोही ने आकांक्षा और शाहवेज के शादी आमंत्रण कार्ड और वीडियो शेयर कर उन दोनों को निशाना बनाते हुए इस शादी के लिए विदेशी फंडिंग होने का आरोप लगाया.

#मेरठ_में_एक_और_बेटी_लव_जिहाद_का_शिकार_होने_जा- रहीं_है
हिन्दू लडकी आकांक्षा गौतम (21 वर्ष )की दोस्ती साहिल से 2020…

Posted by Sachin Sirohi on Sunday 8 February 2026

सचिन सिरोही के फेसबुक टाइमलाइन पर आकांक्षा और शाहवेज के की होने वाली शादी को “लव जिहाद” बताकर लगातार पोस्ट किये गए हैं. और ये सब केवल शाहवेज तक सीमित नहीं, वो मुस्लिम समुदाय के खिलाफ लगातार अभद्र टिप्पणी कर रहा है. बीते 8 फरवरी से 12 फरवरी तक सचिन सिरोही ने इस मामले में 100 से ज़्यादा पोस्ट किये, इनमें न्यूज़ आर्टिकल, वीडियो, फोटो और बयान शामिल हैं.

सचिन सिरोही पहले तो आकांक्षा को भोली हिंदू लड़की बता रहा था. लेकिन बाद में आकांक्षा को निशाना बनाने लगा और आरोप लगाने लगा कि “एक आकांक्षा की वजह से इस देश की लाखों हिन्दू लड़कियां भविष्य में भी लव जिहाद में शिकार होकर मुस्लिम धर्म में इसी तरह खुलकर शादी के कार्ड छपवाकर शादी करेंगी और हिन्दू समाज को तोड़ने का काम करेंगी. अगर हमने इसका अभी खुलकर विरोध नहीं किया तो हिन्दुओ की बच्चियों का भविष्य खतरे में है.”

इन सबके अलावा, 13 फरवरी यानी, जिस दिन आकांक्षा और शाहवेज की शादी होनी थी, उसे रद्द करा कर उसी स्थान पैराडाईज़ मंडप में स्थानीय हिंदूवादी संगठन द्वारा मेरठ में एक हिंदू महापंचायत का आयोजन रचा गया. लोगों को अपनी बच्चियों का भय दिखाया सभी को हिंदू महापंचायत में पूरी ताकत के साथ पहुँचने को कहा गया.

पिंकी उर्फ भूपेंद्र चौधरी जो ग़ाज़ियाबाद में खुले रूप से हथियार वितरण के आरोपी है. उसने इस हिंदू महापंचायत का समर्थन में लोगों से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की. पिंकी चौधरी एक बार फिर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करते हुए भारत को इस्लाम मुक्त बनाने की बाते कहीं. इतना ही नहीं, पिंकी चौधरी ने हिंदू परिवारों के 5-5 बच्चे पैदा करने की भी अपील की.

Posted by Sachin Sirohi on Thursday 12 February 2026

उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद स्थित दासना देवी मंदिर के प्रमुख और विवादित हिंदुत्व प्रचारक यति नरसिंहानंद गिरि ने एक वीडियो जारी करते हुए ‘लव जिहाद’ रोकने के लिए हिंदू महापंचायत का समर्थन किया और हिंदुओं से अपील की इतने संख्या में लोग आएं कि पुलिस भी पंचायत को ना रोक पाए.

Posted by Sachin Sirohi on Thursday 12 February 2026

इस पूरे घटनाक्रम पर नज़र करें तो कुछ कथित हिंदू धर्म रक्षकों ने एक निजी फैसले को सांप्रदायिक मुद्दा बना दिया. जिस आकांक्षा को पहले हिंदू और भोली-भाली लड़की बताया, बाद में उसी आकांक्षा को निशाना बनाकर उसे हिंदू समुदाय के विरोधी छवि के रूप में पेश किया गया. इतना ही नहीं, आकांक्षा पर लाखों हिंदू लड़कियों को “लव जिहाद” के लिए उकसाने जैसे आरोप लगाये गए. सचिन सिरोही और अन्य कथित धर्म के ठेकेदारों द्वारा सोशल मीडिया पर लगातार किये गए पोस्ट, वीडियो और बयान ये दिखाते हैं कि कैसे एक निजी मामला धीरे-धीरे राजनीतिक और सांप्रदायिक एजेंडे का हिस्सा बना दिया गया.

13 फरवरी को इस हिंदू महापंचायत के ठीक कुछ घंटे पहले सचिन सिरोही को मेरठ पुलिस ने नज़रबंद कर लिया गया.

मेरठ पुलिस द्वारा हिंदू महापंचायत नहीं होने देने और नज़रबंद किए जाने की निंदा करते हुए सचिन सिरोही ने 13 फरवरी को फेसबुक पर लाइव आकर बताया कि उन्हें उनके ही घर में मेरठ पुलिस द्वारा नजरबंद कर लिया गया. सचिन सिरोही ने इस बार मेरठ पुलिस प्रशासन पर हिंदूओं को तोड़ने और महापंचायत भंग करने का आरोप लगाया. साथ ही वो अपने वीडियो के जरिए उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रशासन को खुली चेतावनी दिया कि इस बार हिंदू जोड़ने वाले महापंचायत को भंग कर दिया गया लेकिन इससे बड़ी हिंदू महापंचायत करेंगे चाहे उस पंचायत के लिए प्रशासन इजाज़त दे या नहीं दे.

 

Posted by Sachin Sirohi on Friday 13 February 2026

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज़्यादा प्रभावित आकांक्षा और शाहवेज हैं, जिनकी शादी और निजी जिंदगी को सार्वजनिक तमाशा बना दिया गया. आकांक्षा और उनके परिवार ने बार-बार कहा कि यह रिश्ता आपसी सहमति और परिवारों की जानकारी में है, लेकिन इसके उन्हें लगातार मानसिक दबाव, बदनामी और धमकियों का सामना करना पड़ रहा है.

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