हरियाणा के एक ट्रक ड्राइवर आमिर की 2 मार्च को राजस्थान के भिवाड़ी में बजरंग दल से जुड़े गौरक्षकों के साथ कथित झड़प में गोली मारकर हत्या कर दी गई. लगभग 3 हफ्ते बाद, उसके परिवार का कहना है कि वे अभी भी हत्या के आरोपियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के लिए दर-दर भटक रहे हैं. वे बार-बार कहते हैं कि आमिर का पशु तस्करी से कोई लेना-देना नहीं है और वो बस पास में ही पार्क कर रहा था तभी एक अन्य गाड़ी का पीछा कर रहे लोगों (निगरानी रखने वालों) ने उसकी पिकअप में टक्कर मार दी.
हरियाणा के उटावड गांव के निवासी, आमिर, उम्र 28 साल को 2 मार्च की सुबह भिवाड़ी अस्पताल में मृत लाया गया था. उसके परिवार के मुताबिक, वो दूसरे ड्राइवर को लेने के लिए उस रात लगभग 15-16 किलोमीटर की यात्रा कर चुका था. जब सड़क पर हिंसा भड़की तो दोनों ने सेहरी खाने के लिए अपना पिकअप ट्रक एक मस्जिद के पास खड़ा किया था.

ऑल्ट न्यूज़ से बात करते हुए, आमिर के चाचा ज़ुबैर ने कहा कि कथित तौर पर पशु ले जा रहे एक ट्रक का पीछा करने वाले निगरानीकर्ता उसी रास्ते से आ रहे थे. इसके बाद मची अफरा-तफरी में पीछा कर रहे वाहनों में से एक ने आमिर की पिकअप में टक्कर मार दी.
जुबैर ने कहा, “आमिर के साथ जो आदमी था वो बाहर निकल गया था और मस्जिद की ओर चला गया था. दुर्घटना के समय आमिर ट्रक के अंदर बैठा था.” उन्होंने आरोप लगाया कि तीन वाहनों (एक बोलेरो और दो कैंपर वैन) में बैठे सतर्कतावादियों ने गोलीबारी की.
उन्होंने कहा, “जब आमिर दुर्घटना के बाद पूछताछ करने के लिए नीचे उतरा, तो उन्होंने उसे गोली मार दी. जब उन्हें पता चला कि ये वाहन पशु तस्करों का नहीं है, तो वे भाग गए.” कथित तौर पर मवेशियों को ले जा रहा ट्रक भाग निकला.
आमिर फलों और सब्जियां ढोने वाले ट्रक ड्राइवर के रूप में काम करता था. उसकी पत्नी गर्भवती है और दो साल की एक बेटी है. 6 भाइयों में वो सबसे बड़ा था. उसकी पांच बहनें भी हैं. विडंबना ये है कि आमिर का साथी, छुट्टन, जिसने पुलिस को सतर्क किया था, कुछ समय तक पुलिस हिरासत में था. बाद में उसे भी जमानत मिल गई.
ज़ुबैर को याद आया कि सुबह करीब 7 बजकर 30 मिनट उसके छोटे भाई का फ़ोन आया था कि आमिर को हिरासत में ले लिया गया है. ज़ुबैर ने कहा, “उसने मुझसे कहा, ‘बड़े वाले को पकड़ लिया है’ मैंने भिवाड़ी पुलिस स्टेशन में अपने परिचित एक कांस्टेबल को फ़ोन करने की कोशिश की, लेकिन उसने फ़ोन नहीं उठाया.”
जब चौपानकी में रिश्तेदारों ने पुलिस स्टेशन जाने की कोशिश की, तो उन्हें कथित तौर पर प्रवेश से वंचित कर दिया गया. परिवार के एक परिचित को बाद में पता चला कि दो लोगों को पकड़ लिया गया है – एक हिरासत में है और दूसरे को गोली मार दी गई है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
ज़ुबैर ने कहा, “जब उन्होंने (रिश्तेदारों ने) मुझे बताया कि जो पुलिस हिरासत में है वो हमारा लड़का नहीं है, तो मुझे एहसास हुआ कि आमिर ही वो व्यक्ति था जिसे गोली मारी गई थी.”
आमिर का छोटा भाई सबसे पहले अस्पताल पहुंचा और शव की पहचान की. ज़ुबैर ने बताया, “उसने मुझे रोते हुए बुलाया और कहा, ‘भाई को मार दिया… उन्होंने मेरे भाई को मार डाला. वे मुझे यहां कुछ बता भी नहीं रहे हैं.”
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अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ धारा 302 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. परिवार के मुताबिक, बाद में उन्होंने पास के एक पेट्रोल पंप के CCTV फ़ुटेज के जरिए पशु तस्करों का पता लगाकर इसमें शामिल लोगों की पहचान करने की कोशिश की.
ज़ुबैर ने कहा, “उनके कारण हमारे बेटे की जान चली गई. हमें उन्हें ढूंढना था.” उनके मुताबिक, कथित तौर पर मवेशियों को ले जा रहे लोगों ने परिवार को बताया कि बजरंग दल के लोग उनका पीछा कर रहे थे. उन्होंने ये भी बताया कि तीन वाहनों में लगभग 14-15 लोग सवार थे. परिवार ने पुलिस को नाम बताए.

पुलिस का कहना है कि आमिर शायद मवेशी तस्करों की मदद कर रहा होगा
पुलिस अधिकारियों ने सुझाव दिया कि आमिर कथित पशु-तस्करी अभियान से जुड़ा हो सकता है, और उस रात निगरानीकर्ताओं ने उन्हें पकड़ने का अभियान चलाया था.
पुलिस उपाधीक्षक (DSP) कैलाश चौधरी के शुरूआती बयान के मुताबिक, चौपानकी पुलिस स्टेशन को सुबह लगभग 5 बजे सूचना मिली कि मवेशियों से भरा एक पिकअप ट्रक टपूकड़ा से तावडू की ओर जा रहा है और लोगों के एक समूह द्वारा उसका पीछा किया जा रहा है.
DSP चौधरी ने कहा, “सारे कला गांव के पास टकराव के दौरान समूहों के बीच पथराव हुआ, जिसमें आमिर गंभीर रूप से घायल हो गया.” बाद में उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
ऑब्ज़र्वर पोस्ट को दिए एक बयान में कैलाश चौधरी ने कहा कि उस रात ऑपरेशन में कथित तौर पर दो वाहन शामिल थे. उन्होंने कहा, “वहां एक पिकअप ट्रक था और मवेशियों से लदा एक कैंपर था. आमिर पिकअप ट्रक में था, जो पत्थरों से भरा हुआ था और इसमें पथराव भी हुआ था. प्रथम दृष्टया, ऐसा प्रतीत होता है कि पिकअप ट्रक मवेशी तस्करी में दूसरे वाहन की मदद कर रहा होगा.”
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ऑल्ट न्यूज़ ने SP प्रशांत किरण से भी बात की. उन्होंने कहा कि घटना की जांच के लिए दो पुलिस टीमें गठित की गई हैं.
SP ने कहा, “अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी क्योंकि शिकायतकर्ता को आरोपियों के नाम नहीं पता थे.” उन्होंने कहा कि संदिग्धों से पूछताछ करने और मामले में उनकी भूमिका स्थापित करने के बाद गिरफ़्तारियां की जाएंगी.
ये पूछे जाने पर कि क्या इसमें शामिल लोग बजरंग दल से जुड़े थे, उन्होंने कहा कि ये अभी भी स्पष्ट नहीं है.
पुलिस के संदेह को दोहराते हुए कि आमिर कथित तस्करी के प्रयास में शामिल हो सकता है, SP ने कहा कि जिस पिकअप ट्रक में वो पाया गया था उसमें बड़ी संख्या में पत्थर थे. उन्होंने कहा, “जब निगरानीकर्ता मवेशियों को ले जा रहे वाहनों का पीछा करते हैं, तो कभी-कभी एक अन्य वाहन मुख्य वाहन के साथ आ जाता है और पीछा करने वालों को रोकने और मवेशियों के ट्रक को भागने में मदद करने के लिए पथराव करता है. वे बाधाएं पैदा करते हैं ताकि मुख्य वाहन बच सके.”
हालांकि, SP ने ये भी स्वीकार किया कि आमिर का पशु तस्करी से संबंधित कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था.
परिवार ने पशु तस्करी के दावे से किया इनकार, आमिर को गोली मारने का आरोप
हालांकि, आमिर का परिवार पुलिस की इस बात से इनकार करता है कि वो पशु तस्करी में शामिल था.
उसके चाचा याह्या खान के मुताबिक, आमिर उस रात राजस्थान में एक ड्राइवर को लेने के लिए निकला था. 2 मार्च की सुबह करीब 8 बजे आमिर की मां और भाई ने उन्हें बताया कि आमिर को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है.
याह्या ने कहा, “मैं एक दोस्त के साथ पुलिस स्टेशन गया था. तभी हमें बताया गया कि आमिर की मौत हो गई है.” उन्होंने आरोप लगाया कि आमिर और उसके साथ आए व्यक्ति को निगरानीकर्ताओं ने ग़लती से पशु तस्कर के रूप में पहचान लिया था.
याह्या ने द न्यू इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “कुछ लोगों ने आमिर और उसके दोस्त को पशु तस्कर समझ लिया. उन्होंने उसके वाहन को टक्कर मार दी और हमला कर दिया. पांच से छह राउंड गोलियां चलाई गईं. एक गोली आमिर की आंख के पास लगी और वो ज़मीन पर गिर गया.”
परिवार के सदस्यों ने कहा कि जब उन्होंने पहली बार शव देखा तो उन्हें बंदूक की गोली लगने की आशंका हुई. आमिर के चाचा जुबैर ने ऑल्ट न्यूज़ को बताया, “जब हमने आमिर का सिर देखा तो हमें लगा कि ये गोली का घाव है, पत्थर का नहीं.” उनके मुताबिक, पुलिस ने शुरू में कहा कि कारण की पुष्टि पोस्टमार्टम के बाद ही की जा सकेगी.
आमिर के चाचा जुबैर ने कहा कि उन्होंने एक पड़ोसी के साथ शव परीक्षण के दौरान उपस्थित रहने पर जोर दिया. ज़ुबैर ने दावा किया, “हमें डर था कि अगर हम वहां नहीं होते तो कुछ ग़लत हो सकता था. पोस्टमॉर्टम के दौरान आमिर के सिर से एक गोली बरामद हुई. इसके बाद DSP आए और गोली को अपने कब्ज़े में ले लिया.” उनके मुताबिक, अधिकारी ने परिवार को आश्वासन दिया कि सबूत इकट्ठा होने के बाद आरोपी को गिरफ़्तार कर लिया जाएगा.
आमिर अपने परिवार को चलाने के लिए हाल के हफ्तों में ट्रक ड्राइवर के रूप में एक्स्ट्रा शिफ़्ट पर काम कर रहा था.
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एक रिश्तेदार ने ऑल्ट न्यूज़ को बताया, “उनकी एक बहन की शादी ईद के बाद होनी थी. आमतौर पर रमज़ान के दौरान हम घर पर रहते हैं, लेकिन उन पर ज़िम्मेदारियां थीं. परिवार में कोई और नहीं कमा रहा था.”
आमिर की मौत के बाद, उसके परिवार ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए चौपानकी पुलिस स्टेशन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया.
परिवार के एक सदस्य ने कहा, “हमने पुलिस को आरोपियों के नाम बता दिए हैं, फिर भी कुछ नहीं किया गया.” “अगर आमिर हिंदू होता तो उन्होंने पहले ही कई लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया होता. लेकिन 10 दिनों में कोई गिरफ़्तारी नहीं हुई है.”
परिवार ने कहा कि पुलिस ने उन्हें आश्वासन दिया है कि 13 मार्च तक गिरफ़्तारियां कर ली जाएंगी. ज़ुबैर ने कहा, “हम तब तक इंतजार करेंगे. अगर कुछ नहीं हुआ तो हम उच्च अधिकारियों से संपर्क करेंगे. हम इसे इतनी आसानी से नहीं जाने देंगे.”
हरियाणा के नूंह-पलवल क्षेत्र के लोगों के लिए, आमिर की मौत ने फ़रवरी 2023 में इस क्षेत्र को हिलाकर रख देने वाले एक और मामले की दर्दनाक यादें ताजा कर दीं. कथित गौरक्षकों से जुड़े एक मामले में नूंह के दो लोगों – नासिर और जुनैद का अपहरण कर लिया गया और बाद में उन्हें हरियाणा के भिवानी में जला दिया गया. मामले के मुख्य आरोपियों में से एक मोनू मानेसर को हाल ही में जमानत पर रिहा किया गया.
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