कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर इस दावे से शेयर की जा रही हैं कि उत्तर प्रदेश सहारनपुर के मशहूर कारीगर गुलफाम ने ये खूबसूरत डिज़ाइन तैयार की है. बताया गया है कि मस्जिद-ए-हरम के इस डिज़ाइन को बनाने में 6 से 8 महीने का समय लगा है. फ़ेसबुक पर मोहम्मद अनस नाम के एक यूज़र ने 9 अक्टूबर को ये दावा करते हुए तस्वीरें शेयर की हैं. इस पोस्ट को 6 हज़ार से अधिक शेयर मिल चुके हैं. (आर्काइव लिंक)

ट्विटर पर भी कई लोगों ने यही दावा किया है.

ऑल्ट न्यूज़ के व्हाट्सऐप नंबर (+91 76000 11160) पर भी इन तस्वीरों की सच्चाई जाने के लिए रिक्वेस्ट मिली हैं.

फ़ैक्ट-चेक

इन तस्वीरों का गूगल रिवर्स इमेज सर्च करने से पता चलता है कि ये इस्लाम धर्म के पवित्र स्थल मक्का की नक्काशी है. इसे बनाने के लिए सागौन की लकड़ी का इस्तेमाल किया गया है. 7 अक्टूबर को ‘सऊदी बज़’ नाम के पेज ने इन तस्वीरों को पोस्ट किया था. बताया गया है कि 2020 के अंत तक ये नक्काशी पूरी तैयार हो जायेगी.

Look: Islamic Holy Site Makkah handcrafted from solid teak wood over a period of 6-8 months. The 3 dimensional carving…

Posted by Saudi Buzz on Tuesday, 6 October 2020

कुछ और पेजेज़ जैसे ‘रियाध एक्सप्रेस‘ और ‘Ksa न्यूज़ एंड कल्चर‘ ने इन तस्वीरों को इसी जानकारी के साथ पोस्ट किया है. सभी ने इन तस्वीरों का क्रेडिट mahajati.com को दिया है. इसके अलावा सभी तस्वीरों पर भी mahajati का लोगो दिखता है. लेकिन जब हमने ये वेबसाइट खोलने की कोशिश की तो ये नहीं खुली. वेबसाइट के फ़ेसबुक पेज या इंस्टाग्राम हैंडल खोलने की कोशिश करने पर रेस्ट्रिक्टेड दिखाता है. हमने देखा कि snapppt.com पे इस वेबसाइट का व्हाट्सऐप नंबर दिया किया गया है. इस नंबर पर संपर्क करने से हमारी बात mahajati.com के फ़ाउंडर/सीईओ मोहम्मद मोहदर से हुई. उन्होंने बताया, “ये नक्काशी उन्हीं की कंपनी ने बनाई है. ये कंपनी सिंगापुर रजिस्टर्ड कंपनी है और इसके प्रोडक्ट्स दुनिया भर में डिलीवर होते हैं.” इसके साथ ही मोहम्मद मोह्दर ने बताया कि उन्होंने अपनी वेबसाइट को इंडिया के इन्टरनेट यूज़र्स के लिए बंद कर रखा है क्यूंकि उनकी डिज़ाइन्स और वेबसाइट पर मौजूद तस्वीरें कई बार चोरी हुई हैं.

चूंकि मोहम्मद मोहदर ने हमें बताया कि ये वेबसाइट इंडिया में बंद कर दी गयी है, हमने VPN (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) और Tor ब्राउज़र की मदद से वेबसाइट खोलने की कोशिश की तो ये खुल गयी. इससे इस बात की तस्दीक हो सकी कि वाकई भारतीय आईपी अड्रेस के लिए ये वेबसाइट ब्लॉक की हुई है.

मोहम्मद मोहदर ने कंपनी के इंस्टाग्राम हैंडल पर शेयर की गयी इन तस्वीरों का स्क्रीनशॉट शेयर किया.

वायरल हो रही तस्वीरों में दिख रहे कलाकारों ने जो टी-शर्ट पहनी हुई है, उसपर Mahajati का लोगो भी दिखाई देता है.

कुल मिलाकर, ये डिज़ाइन सहारनपुर के कारीगर गुलफ़ाम ने नहीं बल्कि सिंगापुर में रजिस्टर्ड एक डेकोर कम्पनी ‘Mahajati art’ के कलाकारों ने बनायी है.

ग़लत
दावा:
सहारनपुर के कारीगर गुलफ़ाम ने बनायी मस्जिद-ए-हरम की डिज़ाइन

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