बीते दिनों उत्तर प्रदेश के इटावा में एक भागवत कथा के दौरान यादव समुदाय के दो कथावाचक मुकुट मणि यादव और उनके सहयोगी संत सिंह यादव पर ग्रामीणों के एक समूह ने कथित तौर पर उनकी जाति उजागर होने पर हमला किया. पीड़ितों ने आरोप लगाया कि उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया. उनके साथ मारपीट की गई और जबरन उनके सिर मुंडवा दिए गए. उन्होंने दावा किया कि उनपर हमला यह कहकर हुआ कि उस गांव में केवल ब्राह्मण ही धार्मिक ग्रंथ का पाठ कर सकते हैं. हमले का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले को संज्ञान में लिया और चार आरोपियों को गिरफ्तार किया.

इसी संबंध में एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है जिसमें एक महिला डंडे से कुछ महिलाओं को पीट रही हैं. इस वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि यादवों के कथा में जब ब्राह्मण महिलायें महुँची तो यादव महिलायें उन्हें पीटने लगी.

Rebel Warriors नाम के यूज़र ने वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा, “यादवों का शुद्धिकरण करने का तरीका कैजुल है, जैसे भैंस की पिटाई करते हैं, ठीक वैसे.”

फ़ेसबुक यूजर Sk Babu ने वायरल वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा कि यादव की कथा में ब्राह्मण महिलायें पहुंची तो यादव महिलायें उन्हें मारने लगी.

फ़ैक्ट-चेक

हमने वायरल वीडियो के फ्रेम्स को रिवर्स-इमेज सर्च किया. हमें अस्वतथामा नाम के एक यूज़र द्वारा 27 जून के पोस्ट में ये वीडियो मिला, जहां यूजर ने बताया था कि ये वीडियो झारखंड के धनबाद में NBCC कालोनी नुनुडीह का है. साथ ही लिखा है कि कलश यात्रा के दौरान आभूषण चोरी करने के आरोप में कुछ महिलाओं ने अन्य महिलाओं की डंडों से पिटाई कर दी. जिसके बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.

ग़लत
दावा:
यादव महिलाओं ने कथा सुनने पहुंची ब्राह्मण महिलाओं की पिटाई कर दी

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