सोशल मीडिया पर एक व्यक्ति और एक बच्ची की तस्वीर वायरल है. तस्वीर में इस व्यक्ति ने मुस्लिम धर्म से जुड़ी टोपी पहनी है. जबकि बच्ची ने बुर्का पहना है. दोनों के गले में मालाएं दिखती हैं. इसे शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि इस व्यक्ति ने 9 साल की बेटी से शादी की है. इसे शेयर करते हुए कहा जा रहा है कि 9 साल की बेटी को बीवी मानने वाला और 9 साल की बेटी को देवी मानने वाले कभी भाई-भाई नहीं हो सकते. वेरिफ़ाइड ट्विटर हैन्डल ‘@rakesh_bstpyp’ ने ये तस्वीर इसी दावे के साथ ट्वीट की. यूज़र ने खुद को अखबार का संपादक बताया है. डिलीट करने से पहले इस ट्वीट को 1,300 से ज़्यादा बार रीट्वीट किया गया था. (आर्काइव लिंक)

ट्विटर यूज़र ललिता ठाकुर ने ये तस्वीर इसी दावे के साथ ट्वीट की. ट्विटर बायो में ललिता ने खुद को प्रधानमंत्री मोदी का समर्थक बताया है. (ट्वीट का आर्काइव लिंक)

फ़ेसबुक और ट्विटर पर ये तस्वीर वायरल है.

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ऑल्ट न्यूज़ ने पाया कि साल 2017 में ये तस्वीर पाकिस्तान में एक मौलवी के अपनी ही बेटी से शादी करने के दावे शेयर की गई थी.

फ़ैक्ट-चेक

रिवर्स इमेज सर्च करने पर ऑल्ट न्यूज़ को ये तस्वीर 23 सितंबर 2018 की फ़ेसबुक पोस्ट में मिली. पोस्ट के मुताबिक, एक पिता और बेटी ने साथ में कुरान का पाठ खत्म किया था.

आगे, की-वर्ड्स सर्च करने पर ऑल्ट न्यूज़ ने पाया कि ये तस्वीर साल 2016 में कई लोगों ने पोस्ट की थी. फ़ेसबुक पेज ‘Tajweed ul Quran’ ने ये तस्वीर 3 फ़रवरी 2016 को पोस्ट की थी. ऑल्ट न्यूज़ को ये तस्वीर शेयर करने का सबसे पुराना उदाहरण 3 फ़रवरी 2016 का ही मिला.

इस्लामिक बोर्ड नाम की वेबसाइट ने ये तस्वीर 2 अक्टूबर 2016 को शेयर की थी. तस्वीर के साथ दिए गए कैप्शन में लिखा है कि पिता और बेटी ने एक ही साथ हाफिज़-ए-कुरान किया था.

इसके अलावा, भारत में भी मुस्लिम समुदाय के बच्चों द्वारा क़ुरान का पाठ खत्म करने पर ऐसे ही बधाई दी जाती है. ऑल्ट न्यूज़ को ऐसे कुछ उदाहरण मिले जिसमें बच्चे ने क़ुरान का पाठ खत्म किया. कर्नाटक के बीदर ज़िले में 8 साल की तोबा ज़ैनब ने 20 महीनों के अंदर क़ुरान का पाठ पूरा किया था. (पहला उदाहरण, दूसरा उदाहरण, तीसरा उदाहरण, चौथा उदाहरण)

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ऑल्ट न्यूज़ के को-फ़ाउन्डर मोहम्मद ज़ुबैर ने इस तस्वीर की असलियत बताते हुए 14 अक्टूबर को ट्वीट किया.

यानी, सोशल मीडिया पर एक पिता और बेटी की तस्वीर इस झूठे दावे के साथ शेयर की गई कि अधेड़ उम्र के व्यक्ति ने 9 साल की बेटी से शादी कर ली. तस्वीर को सांप्रदायिक ऐंगल के साथ शेयर करते हुए हिंदू-मुस्लिम धर्मों में बैर बढ़ाने की कोशिश की गयी. पहले भी एक मां-बेटे की तस्वीर ऐसे ही झूठे दावे के साथ शेयर की गयी थी.

ग़लत
दावा:
एक मुस्लिम व्यक्ति ने 9 साल की बेटी से की शादी.

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