8 फ़रवरी को एक यूज़र ने PMO को टैग करते हुए एक वीडियो शेयर किया और लिखा, “अनाज को सड़ाने के लिए इस पर पानी छिड़का जा रहा है. इसके पीछे बड़ा स्कैम मालूम पड़ता है.”

व्हाट्सऐप पर भी ये वीडियो शेयर किया गया है.

फे़सबुक और ट्विटर पर 58 सेकंड का ये वीडियो खूब वायरल है जिसमें एक व्यक्ति अनाज की बोरियों पर पानी डाल रहा है. लोगों ने इसे शेयर करते हुए अलग-अलग दावे किये और वीडियो को हाल का बताया. यूज़र्स ने दावा किया कि पंजाब के किसान अनाज को सड़ा रहे हैं ताकि बियर और अन्य अल्कोहल कंपनियां इसे सस्ते दामों पर खरीद सके. साथ ही ये भी कहा गया कि ये अनाज FCI के गोदामों में हैं जहां किसानों से इन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदा गया है.

ट्विटर यूज़र @NimbuMassala ने लिखा, “पहले वो वज़न बढ़ाने के लिए गेहूं भिगो देते हैं. फिर इस बेकार उत्पाद के लिए MSP की मांग करते हैं. फिर ये FCI गोदामों में सड़ते हैं. उसके बाद ये सड़े हुए अनाज बियर और अन्य अल्कोहल कंपनियों को बेच दी जाती हैं जो अक्सर इन बड़े किसानों के ही होते हैं. डबल मुनाफ़ा.” (आर्काइव लिंक)

एक अन्य यूज़र @sawalaramparmar ने भी कुछ यही लिखा और साथ ही दावा किया कि ये पंजाब का वीडियो है. (आर्काइव लिंक)

ट्विटर के साथ ही फ़ेसबुक यूज़र्स भी ये वीडियो शेयर करते हुए इसे हालिया किसान आन्दोलन से जोड़ रहे हैं.

ऑल्ट न्यूज़ को इसके व्हाट्सऐप नंबर (+917600011160) पर वायरल वीडियो के फै़क्ट-चेक के लिए रिक्वेस्ट भी भेजी गयी.

फ़ैक्ट-चेक

हमने वायरल वीडियो से InVid टूल की मदद से कीफ़्रेम्स निकाले और उनका रिवर्स इमेज सर्च किया. ये हमें एक 2 साल पुराने यूट्यूब वीडियो तक ले गया. एक स्थानीय मीडिया आउटलेट फ़ोकस हरियाणा ने वायरल वीडियो पर एक रिपोर्ट किया था. ये वीडियो रिपोर्ट 28 अप्रैल, 2018 का है. इसके मुताबिक, ये घटना हरियाणा के फतेहाबाद की है जहां अनाज मंडी के व्यापारी गेहूं का वज़न बढ़ाने के लिए उस पर पानी का छिड़काव करवा रहे हैं. रिपोर्ट में फ़तेहाबाद के मार्केट कमिटी के सचिव संजीव सचदेवा का बयान भी है जिसमें वो कह रहे हैं, “हमको जैसे ही मेसेज मिला हमने तुरंत मौके पर पहुंच कर इसकी जांच की. जांच में यही आया कि वहां कोई 124-बी फ़र्म है, उनके लेबर द्वारा कट्टों पर पानी डाला गया है…” मार्केट सचिव ने आरोपी व्यापारी को नोटिस भी जारी किया था.

पंजाब केसरी हरियाणा ने भी इस मामले पर रिपोर्ट करते हुए बताया था कि गेहूं के कट्टे जिस फ़र्म से भिगोये हुए देखे गए थे उस फ़र्म के व्यापारी इंडियन नैशनल लोकदल (इनेलो) पार्टी का प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य कुलजीत कुलड़िया हैं.

इसके अलावा दैनिक भास्कर और न्यूज़18 ने भी 2 साल पहले हुई इस घटना पर रिपोर्ट किया था. दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में कुलजीत कुलड़िया ने खुद पर लगे आरोप से साफ़ इनकार करते हुए कहा कि पानी डालने वाला शख्स उनका पल्लेदार नहीं है.

ABP न्यूज़ ने भी 2 साल पहले वायरल हुए इस वीडियो की पड़ताल की थी और यही पाया कि व्यापारी ज़्यादा मुनाफ़े के लिए अनाज की बोरियों पर पानी डाल रहे थे.

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रिपोर्ट्स में कहीं भी किसानों द्वारा गेहूं भिगाए जाने की बात नहीं की गयी है. व्यापारी अपने फायदे के लिए कट्टों का वज़न बढ़ा रहे थे. ये दावा ग़लत है कि किसान खुद अपना उगाया हुआ गेहूं भिगा कर उसे सड़ा रहे हैं. ये घटना 2 साल पहले की है.


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