असम चुनाव में BJP को भारी नुकसान बताकर 2 वीडियोज़ शेयर किए जा रहे हैं. पहले वीडियो में आज तक का लोगो दिखता है और दूसरे वीडियो में किसी भी चैनल का लोगो नहीं है. इन्हें लीक हुई इंटेलिजेंस रिपोर्ट का हवाला देकर शेयर किया जा रहा है.

पहला वीडियो

इस वीडियो में आजतक न्यूज़ चैनल के एंकर राजीव ढौंडियाल दिखते हैं जो कथित तौर पर ब्रेकिंग न्यूज़ दे रहे हैं. वो कहते हैं, “लीक हुई इंटेलिजेंस रिपोर्ट में पाया गया है कि आने वाले असम चुनावों में भाजपा को भारी नुकसान होने वाली है. दावा किया जा रहा है कि मौजूदा नेतृत्व के साथ चुनाव जीतना मुश्किल है. लोगों में भाजपा के लिए नाराजगी है और इनकमबेंसी का माहौल है. कई सोशल मीडिया यूजर्स इसे शेयर करते हुए दावा कर रहे हैं कि असम में हिमांता बिस्वा शरमा को जल्द मुख्यमंत्री पद से हटाया जा सकता है.” (आर्काइव लिंक)

फ़ैक्ट-चेक

वायरल वीडियो में किये गए दावे से जुड़े की-वर्ड्स सर्च करने पर हमें ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं मिली जिसमें असम को लेकर इंटेलिजेंस रिपोर्ट लीक होने की बात की गई हो. जबकि, अगर ऐसी कोई भी रिपोर्ट आती तो मीडिया उसे व्यापक रूप से कवर करती. हमने वायरल वीडियो की प्रामाणिकता जाँचने के लिए आजतक का यूट्यूब चैनल भी खंगाला, पर हमें ऐसा कोई वीडियो नहीं मिला. गौर करें कि इस वीडियो के पहले 2 सेकंड में ही एंकर दिखता है लेकिन वो 2 सेकंड भी लीप सिंक मैच नहीं करता. और ऐसा अक्सर AI से बने वीडियो के साथ होता है.

इस मामले को लेकर हमने वायरल वीडियो में दिख रहे आज तक न्यूज़ चैनल के एंकर राजीव ढौंडियाल से बात की. उन्होंने हमें बताया कि “ये वीडियो फेक और AI-जनरेटेड है. आज तक ने ऐसी कोई खबर कभी ब्रॉडकास्ट नहीं की है. हमने पहले ही ऑन एयर इस झूठे कंटेंट की निंदा की है और इसे खारिज कर दिया है.”

हमने देखा कि इंडिया टूडे ने इस वीडियो को डीपफ़ेक बताते हुए कहा है कि चैनल ने इस तरह की रिपोर्ट कभी पब्लिश नहीं की है.

दूसरा वीडियो

इसी तरह का एक अन्य वीडियो भी शेयर किया जा रहा है. इसे भी शेयर करते हुए सोशल मीडिया यूज़र्स दावा कर रहे हैं कि असम इंटेलिजेंस की रिपोर्ट लीक हो गई है, जिसके मुताबिक, आने वाले चुनावों में भाजपा को भारी नुकसान होने वाली है. कथित रिपोर्ट के हवाले से एंकर कह रही है कि असम में सरकार के खिलाफ माहौल मजबूत हो रहा है और इसमें मुख्यमंत्री का चेहरा बदलने को अनिवार्य बताया गया है. साथ ही कहा गया है कि मौजूदा नेतृत्व के साथ चुनाव लड़ना जोखिम भरा हो सकता है. (आर्काइव लिंक)

फ़ैक्ट-चेक

जांच में इस वीडियो का भी कोई श्रोत नहीं है. इस वीडियो में ना तो किसी चैनल का नाम लिखा है, ना ही किसी मीडिया के लोगो का इस्तेमाल किया गया है. गौर से देखने पर मालूम पड़ता है कि वीडियो में दिख रही न्यूज़ एंकर का लिपसिंक तो मैच कर रहा है लेकिन चेहरे का हावभाव बोले गए शब्दों से बिल्कुल मेल नहीं खा रहा है जो आम तौर पर आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की मदद से बनाए गए वीडियो में फोर्स्ड लिपसिंक के केस मे होता है. आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की मदद से किसी व्यक्ति के होंठों को बोले गए शब्दों से मिलाया जाता है, लेकिन उनके चेहरे के हाव-भाव, उनके द्वारा बोले गए शब्दों के भावनात्मक या प्रासंगिक संकेतों से मेल नहीं खाते, जिससे मौखिक और गैर-मौखिक संचार के बीच तालमेल नहीं बैठता. इस केस में हालांकि, होंठ ऐसे हिलते हैं जैसे वे वही शब्द बोल रहे हों जो ऑडियो में सुनाई देता है, लेकिन बाकी चेहरा या तो स्थिर रहता है या कोई अलग ही इमोशन दिखाता है.

इस वीडियो में श्रोत की कमी, किसी न्यूज़ आउटलेट के लोगो का ना होना, फोर्स्ड लिपसिंक आदि का इस्तेमाल साफ इशारा करता है कि इस वीडियो को आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की मदद से इसे बनाया गया है.

डोनेट करें!
सत्ता को आईना दिखाने वाली पत्रकारिता का कॉरपोरेट और राजनीति, दोनों के नियंत्रण से मुक्त होना बुनियादी ज़रूरत है. और ये तभी संभव है जब जनता ऐसी पत्रकारिता का हर मोड़ पर साथ दे. फ़ेक न्यूज़ और ग़लत जानकारियों के खिलाफ़ इस लड़ाई में हमारी मदद करें. नीचे दिए गए बटन पर क्लिक कर ऑल्ट न्यूज़ को डोनेट करें.

बैंक ट्रांसफ़र / चेक / DD के माध्यम से डोनेट करने सम्बंधित जानकारी के लिए यहां क्लिक करें.

Tagged:
About the Author

Abhishek is a senior fact-checking journalist and researcher at Alt News. He has a keen interest in information verification and technology. He is always eager to learn new skills, explore new OSINT tools and techniques. Prior to joining Alt News, he worked in the field of content development and analysis with a major focus on Search Engine Optimization (SEO).