जुलाई, 2025 में जब खुद को भगवान बताने वाले प्रेमानंद महाराज ने कई पुरुषों के साथ संबंध रखने वाली महिलाओं पर कुछ सेक्सिस्ट टिप्पणियां कीं, तो इस विवाद पर दो महिलाओं के रिएक्शन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ.
41 सेकंड के इस ‘वॉक्स पॉप’ वीडियो में नीले कुर्ते वाली महिला उन महिला-विरोधी टिप्पणियों का बचाव करती दिखी और उसने कई पार्टनर रखने वाली महिलाओं के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया.
Madam didn’t hesitate 😬😬😬pic.twitter.com/TUF7Hzn7Rs
— Deepika Narayan Bhardwaj (@DeepikaBhardwaj) August 18, 2025
ये वीडियो वायरल हुआ जिसमें कई लोगों ने दावा किया कि उस महिला ने प्रेमानंद महाराज की आलोचना करने वाली दूसरी महिलाओं को ‘करारा जवाब’ दिया और साफ़-साफ़ वही कहा जो कहा जाना चाहिए था.
लेकिन यहीं से मामला दिलचस्प हो गया.
वही महिला असल में एक खास न्यूज़ चैनल के कई पब्लिक रिएक्शन या ‘वॉक्स पॉप’ वीडियो में दिखाई दी जिसमें उसने इसी तरह के तीखे जवाब दिए. एक वॉक्स पॉप वीडियो का मकसद अलग-अलग तरह की राय दिखाकर लोगों के विचारों को दिखाना होता है. हालांकि, एक ही व्यक्ति का बार-बार इस्तेमाल करके, चैनल साफ़ तौर पर इन वीडियो को बनावटी तरीके से पेश कर रहा था.
और ये तो बस शुरुआत थी. जैसे ही ऑल्ट न्यूज़ ने और गहराई से जांच की, हमने ऐसे चैनलों का एक पूरा नेटवर्क खोज निकाला जिनके हजारों सब्सक्राइबर थे. ये ‘सेट अप’ वीडियोज़ बनाए जा रहे थे उसे बिना किसी रोक-टोक के लोगों के विचारों की असली झलक माना जा रहा था. यहां पेश की गई राय के सनसनीखेज स्वभाव के कारण, वे अक्सर वायरल हो जाते थे और हजारों व्यूज़ बटोरते थे.
हमें यूट्यूब पर कम से कम 10 ऐसे ‘न्यूज़’ चैनल्स मिलें जिनके हज़ारों सब्सक्राइबर्स थे और जो ऐसे वॉक-पॉप वीडियोज़ बनाते थे जो या तो BJP समर्थक या हिंदुत्व समर्थक बातों को बढ़ावा देते थे. महीनों तक चली इस जांच में, हमने इन यूट्यूब चैनलों की ‘रिपोर्ट्स’ की जांच की. हमें चैनलों का एक ऐसा सिंडिकेट मिला जिसमें कई ‘हिस्सेदार’ बार-बार दिख रहे थे. जब हमने इन हिस्सेदारों और चैनलों के प्रमोटरों की डिटेल्स निकाली तो हमें BJP से भी लिंक मिलें.
नेशनल न्यूज़ हिंदी
हमें सबसे पहले ये चैनल X यूज़र ‘@DeepikaBhardwaj’ द्वारा प्रेमानंद महाराज की टिप्पणियों पर शेयर की गई वायरल क्लिप से मिला. हमने माइक पर आउटलेट का नाम देखा और पूरा इंटरव्यू यूट्यूब पर मिल गया.
जिस चैनल ने ये वीडियो शेयर किया था ‘नेशनल न्यूज़ हिंदी’ उसने खुद को “किसी भी ख़बर, जनमत और लोगों की प्रतिक्रियाओं का एनालिसिस” बताया था. इसके 120,000 से ज़्यादा सब्सक्राइबर थे. हमने देखा कि इसके ज़्यादातर वीडियोज़, वॉक्स पॉप इंटरव्यू थे.
चैनल द्वारा पोस्ट किए गए दूसरे वीडियोज़ देखने पर हमने पाया कि ऊपर बताए गए वीडियो में नीले कुर्ते वाली महिला उनमें से कई वीडियो में दिखाई दी; हर बार वो भीड़ का हिस्सा थी जो उस जगह पर मौजूद थी.
नीचे 21 अप्रैल, 2025 का एक वीडियो है. ये पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में वक्फ़ संशोधन बिल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हिंसक होने के बाद का है. नेशनल न्यूज़ हिंदी ने एक रिएक्शन वीडियो पोस्ट किया जिसमें वही महिला दिखाई दी. कैमरे पर उसने अपना परिचय रिद्धिमा शर्मा के रूप में दिया और पूरे वीडियो में उसने मुस्लिम विरोधी बयान दिए, यहां तक कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ‘ममता बानो’ कहा. ‘बानो’ मुस्लिम महिलाओं के लिए इस्तेमाल होने वाला एक उर्दू शब्द है.
वो 4 अक्टूबर को शेयर किए गए एक वीडियो में फिर से चैनल पर दिखी जिसमें वो ‘आई लव मुहम्मद’ प्रोटेस्ट के बाद बरेली में हुई हिंसा पर अपने विचार शेयर करती नज़र आईं. ये प्रोटेस्ट तब शुरू हुए जब कानपुर पुलिस ने बरेली में एक जुलूस के लिए लगाए गए “आई लव मुहम्मद” होर्डिंग के लिए FIR दर्ज की थी.
वीडियो में उसने उत्तर प्रदेश पुलिस और CM योगी आदित्यनाथ की उनके ‘बुलडोजर एक्शन’ और प्रदर्शनकारियों से निपटने में तेज़ी के लिए तारीफ़ की और प्रदर्शनकारियों को ‘दंगाई’ कहा.
फिर हमने उसका नाम रिद्धिमा शर्मा इस्तेमाल कर उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स ढूंढने की कोशिश की और हमें एक मेटा-वेरिफ़ाइड इंस्टाग्राम प्रोफ़ाइल @itsriddhi_417 मिला जो उसके द्वारा शेयर किए गए मीडिया को देखकर उसी का लग रहा था. इस अकाउंट के 2,28,000 से ज़्यादा फ़ॉलोवर्स थे. बायो में उसने खुद को ‘रील क्रिएटर’ बताया था. हालांकि, इस पेज पर मौजूद ज़्यादातर रील्स अलग-अलग चैनलों के ऐसे ही वॉक्स पॉप इंटरव्यू के थे. उसने जो दूसरी पोस्ट शेयर की थीं, उनमें साफ तौर पर BJP और राइट विंग के सपोर्ट वाले विचार थे.
हमें उसका एक और इंस्टाग्राम पेज, @hinduladki_riddhi01 मिला, जिसमें उसके बायो में लिखा था कि वो एक “सनातनी” और “एक असंकोची हिंदू” है. इस पेज पर रिद्धिमा के 79 हज़ार से ज़्यादा फ़ॉलोवर्स हैं और पोस्ट किया गया कंटेंट @itsriddhi_417 पर शेयर किए गए कंटेंट जैसा ही है.
इससे ये साफ़ हो गया कि रिद्धिमा शर्मा कोई ऐसी व्यक्ति नहीं थीं जो इत्तेफ़ाक से उस जगह मौजूद थी जहां ये वॉक्स पॉप वीडियो शूट किए गए थे. ऐसा लग रहा था कि उसे इन जगहों पर जानबूझकर भेजा गया था और नेशनल न्यूज़ हिंदी टीम और उनकी एंकर, अम्नीशा पाल ने उसके विचार जानने के लिए उससे संपर्क किया था.
लेकिन बात यहीं खत्म नहीं होती. चैनल का कंटेंट देखते वक्त, हमने पाया कि रिद्धिमा शर्मा अकेली ऐसी व्यक्ति नहीं थीं जो बार-बार उनके वीडियो में दिख रही थीं. कम से कम पांच से सात और लोग भी इन वीडियोज़ में बार-बार दिखाई दिए.
जानबूझकर भेजे गए वक्ता?
नीचे 4 अक्टूबर का एक वीडियो है जो उसी ‘आई लव मुहम्मद’ पोस्टर विवाद पर है.
इसमें जब एंकर, अम्नीशा पाल, भीड़ में दो लोगों का इंटरव्यू ले रही थी, तो पगड़ी पहना एक आदमी आया. उसने कहा कि ‘आई लव मुहम्मद’ पोस्टर या ‘आई लव महादेव’ पोस्टर से किसी को कोई दिक्कत नहीं थी, लेकिन दिक्कत उन ‘दंगाइयों’ से थी जिन्होंने एडमिनिस्ट्रेशन पर हमला किया. ये इंटरव्यू उसी जगह हुआ था जहां रिद्धिमा शर्मा ने इसी मुद्दे पर बात की थी. फिर पगड़ी वाले आदमी ने कहा कि भारतीय मुसलमानों को ऐसे ‘दंगाइयों’ और ‘आतंकवादियों’ का बहिष्कार करना चाहिए और उन्हें अंतिम संस्कार और दफनाने की जगह देने से मना कर देना चाहिए. इसके बाद एंकर वहां खड़े हर मुसलमान के पास गई और उनसे पूछा कि क्या वो इससे सहमत हैं.
रिद्धिमा शर्मा के मामले की तरह ही, हमने पाया कि ऊपर पगड़ी पहने वही आदमी 29 अगस्त को उसी चैनल के एक और वीडियो में भी नज़र आया था. ये इंटरव्यू प्रेमानंद महाराज की विवादित टिप्पणियों पर था.
जब एंकर ने भीड़ में से एक आदमी से पूछा कि वो महिलाओं की पसंद के बारे में बाबा की बातों का समर्थन करता है या विरोध? तो उसने कहा कि भारत एक आज़ाद देश है और महिलाएं आज़ाद हैं, इसलिए उन्हें जो मन करे वो करना चाहिए. जब भीड़ में कुछ लोगों ने उसके विचारों का ज़ोरदार विरोध किया और उससे ये पूछकर उकसाया कि क्या वो अपनी बेटियों को अपनी मर्ज़ी के कपड़े पहनने देगा, तो उसने पलटकर कहा कि फिर सरकार को इस बारे में कानून लाना चाहिए कि कोई क्या पहन सकता है और क्या नहीं. इसी समय, पगड़ी पहने वो आदमी बातचीत में शामिल हुआ और जवाब दिया, “ये ऐसे लोग हैं जो कहेंगे कि देश में तानाशाही है… वे वोट चोरी की बात करेंगे और कहेंगे कि चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट, पुलिस सब केंद्र सरकार के कंट्रोल में हैं…” इसके बाद पगड़ी वाले आदमी ने प्रेमानंद महाराज की तारीफ़ की.
हमें ये व्यक्ति नेशनल न्यूज़ हिंदी के कई दूसरे वीडियोज़ में भी दिखा. 27 अप्रैल के एक वीडियो में (जिसमें वह पहलगाम आतंकी हमले पर अपने विचार शेयर करता है) वो खुद को ‘अश्मित भाई’ बताता है.
इंस्टाग्राम पर, ‘अश्मित भाई’ या @sardaar_ashmit_singh के 1,03,000 से ज़्यादा फ़ॉलोवर्स हैं और वो खुद को ‘पब्लिक फ़िगर’ और नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी सेवा दल का जनरल सेक्रेटरी बताता है. हालांकि, उसने ये नहीं बताया है कि वो NCP के किस गुट का हिस्सा है, लेकिन उसके द्वारा शेयर की गई तस्वीरों से पता चलता है कि वो अजित पवार गुट से जुड़ा है जो भारतीय जनता पार्टी का सहयोगी है. रिद्धिमा शर्मा की तरह, उसके पेज पर भी ज़्यादातर अलग-अलग चैनलों के वॉक्स पॉप इंटरव्यू के क्लिप्स थे.
नेशनल न्यूज़ हिंदी पर एक और जाना-पहचाना चेहरा राहुल मेहता (@rahul_metha15) का है. वो चैनल द्वारा 8 अक्टूबर को पोस्ट किए गए एक वीडियो में दिखा जहां ‘आई लव मुहम्मद’ पोस्टर विवाद के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों पर अपने विचार शेयर कर मुसलमानों का मज़ाक उड़ाता है कि वो देश के लिए ‘भारत माता’ शब्द का इस्तेमाल करने में हिचकिचाते हैं. चैनल ने पोस्टर मुद्दे पर 16 वीडियो पोस्ट किए.
ऊपर दिए गए वीडियो में जब एंकर अम्निशा पाल ने एक मुस्लिम आदमी से पूछा कि वो देश के लिए ‘भारत माता’ शब्द का इस्तेमाल क्यों नहीं कर सकता, तो उसी भीड़ में मौजूद एक और मुस्लिम आदमी ने उससे पूछा कि ‘माता’ शब्द लगाने की क्या ज़रूरत है. उसने कहा, “मेरी सिर्फ़ एक ही ‘माँ’ है जिसने मुझे जन्म दिया है.” इसी समय राहुल मेहता बातचीत में शामिल होता है और ‘भारत माता’ कहने में हिचकिचाने के लिए मुस्लिम आदमियों का मज़ाक उड़ाता है. उन्होंने डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम और कर्नल सोफ़िया कुरैशी जैसे ‘अच्छे मुसलमानों’ के नाम भी गिनाए.
मेहता 10 सितंबर, 2025 के एक वीडियो में भी दिखता है, जब श्रीनगर की हज़रतबल मस्जिद में अशोक स्तंभ की पट्टिका को नुकसान पहुंचाया गया था. इसमें भी वो डॉ. अब्दुल कलाम और कर्नल सोफ़िया कुरैशी को ‘अच्छे मुसलमानों’ के उदाहरण के तौर पर नाम लिया, जबकि बाद में कहा कि जहां भी मुसलमान ज़्यादा संख्या में होते हैं, वो हिंदुओं के लिए जीना मुश्किल कर देते हैं.
आगे, 12 सितंबर का एक वीडियो है जिसमें मेहता नज़र आ रहा है. इस वीडियो में एंकर ने भीड़ में एक मुस्लिम महिला से नेपाल के विरोध प्रदर्शनों पर उसकी राय पूछी और पूछा कि क्या ऐसे विरोध प्रदर्शन भारत में भी हो सकते हैं जिससे पीएम मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ अपनी कुर्सी खो सकते हैं. महिला जवाब देती है कि चुनाव में कुछ भी हो सकता है और स्थिति सिर्फ़ नेपाल में ही नहीं, बल्कि हर जगह तनावपूर्ण है. वो आगे कहती है कि हिंदुओं द्वारा गाय का मांस काटकर मुसलमानों पर इल्ज़ाम लगाने के कई मामले भी सामने आ रहे हैं. उसी वक्त, मेहता बीच में आकर कहता है, “आप गाय माता पर कमेंट कर रही हैं… आप एक महिला हैं, मुझे लगा था कि आप कुछ समझदारी की बात करेंगी लेकिन आपने भी वैसी ही बात की जो सोफिया कुरैशी जी की बातों से मेल नहीं खाती. सोफिया कुरैशी जी भी मुस्लिम हैं, लेकिन आप मानती हैं कि हिंदू गाय काटते हैं…”
इंस्टाग्राम पर मेहता के 51 हज़ार से ज़्यादा फ़ॉलोवर्स हैं, और उसके पेज पर ज़्यादातर ऐसे ही वॉक्स पॉप इंटरव्यू के क्लिप्स होते हैं. उसकी प्रोफ़ाइल से ये साफ़ है कि राहुल मेहता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ा है.
और ये कुछ ऐसे जाने-पहचाने चेहरे थे जिन पर हमने ध्यान दिया. नेशनल न्यूज़ हिंदी द्वारा शेयर किए गए वीडियोज़ में ऐसे और भी कई लोग बार-बार दिखाई दिए जो अक्सर रूढ़िवादी, दक्षिणपंथी बातों को बढ़ावा देते थे और अलग राय रखने वालों को चुप करा देते थे.
जाने-पहचाने दक्षिणपंथी चेहरों को प्लेटफ़ॉर्म दिया गया
चैनल ने बार-बार ‘दिल्ली का दीपक’ और खुशबू पांडे जैसी जानी-मानी हिंदुत्व समर्थक और मुस्लिम विरोधी हस्तियों को भी अपने प्लेटफॉर्म पर जगह दी. फ़रवरी में खुशबू पांडे को बिहार के जमुई में एक धार्मिक जुलूस में अपने भड़काऊ भाषणों से हिंसा भड़काने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था. बाद में अप्रैल में उन्हें इस शर्त पर जमानत पर रिहा कर दिया गया कि उन्हें नफरत फैलाने वाले भाषण देने से मना किया गया है, उन्हें हर पंद्रह दिन में स्थानीय पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट करना होगा और सभी कोर्ट की सुनवाई में शामिल होना होगा.
इसी तरह, ‘दिल्ली का दीपक’ एक दक्षिणपंथी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर है जो अपने फ़ेसबुक और यूट्यूब पेज पर बीजेपी समर्थक और मुस्लिम विरोधी वीडियो पोस्ट करता है.
18 सितंबर को नेशनल न्यूज़ हिंदी के एक वीडियो में खुशबू पांडे को दिखाया गया था जिसमें वो संत रामभद्राचार्य के इस विचार का समर्थन कर रही थीं कि हिंदू धर्म में महिलाओं को देवी माना जाता है, जबकि इस्लाम में उन्हें कई बच्चे पैदा करने के लिए मजबूर किया जाता है और अगर वो ऐसा नहीं कर पातीं तो उन्हें तलाक दे दिया जाता है.
6 जून, 2025 का एक वीडियो, जिसमें ‘भीड़’ से बिहार चुनावों पर राय देने के लिए कहा गया था, उसमें ‘दिल्ली का दीपक’ अश्लील इशारे करते हुए और बोलने वालों को टोकते हुए दिखा.
वीडियो की शुरुआत में टोपी पहना एक आदमी कैमरे पर अपनी राय देते हुए कहा कि INDIA गठबंधन जीत सकता है. वीडियो के 1 मिनट 32 सेकेंड पर राहुल मेहता फ्रेम में आया और उस आदमी को टोक दिया. जल्द ही बातचीत बिहार चुनावों से हटकर नाथूराम गोडसे और सांप्रदायिकता पर चली गई. 1 मिनट 39 सेकेंड पर ‘दिल्ली का दीपक’ फ्रेम में आया, अश्लील इशारे किए, बोलने वालों को टोका और माइक्रोफ़ोन छीन लिया. जैसे ही मेहता ने अपनी बात खत्म की, दीपक ने माइक छीन लिया और ग़ाज़ा में युद्ध के बारे में बात करते हुए कहने लगा कि कई लोग मानते हैं कि यहूदी सबसे खतरनाक हैं, लेकिन उसके लिए, यहूदी उसके हिंदू भाइयों के बाद उसके ‘असली भाई’ थे.
इसका मतलब था कि चैनल ने न सिर्फ़ कैमरे पर एक खास नज़रिए को दिखाने के लिए बार-बार उन्हीं लोगों को दिखाया, बल्कि वो जाने-माने सोशल मीडिया पर्सनैलिटीज़ को भी स्क्रीन टाइम दे रहा था जो इन वीडियोज़ में ज़ोर-शोर से राइट-विंग विचारधाराओं को फैला रहे थे. इससे अनजान दर्शकों को ऐसा लग रहा था कि ये ‘जनता की राय’ है.
दिलचस्प बात ये है कि ऑल्ट न्यूज़ ने ये भी पाया कि एंकर, अम्निशा पाल, दूसरे यूट्यूब चैनलों के लिए भी इसी तरह के वॉक्स-पॉप इंटरव्यू होस्ट कर रही थी. हैरानी की बात नहीं है कि इन चैनलों का कंटेंट नेशनल न्यूज़ हिंदी के कंटेंट जैसा ही था.
यूट्यूब चैनलों की सीरीज़
नेशनल न्यूज़ हिंदी की जांच करते वक्त, हमें यूट्यूब पर कई और चैनल्स मिले जिनका कंटेंट और इंटरव्यू देने वाले लोग एक जैसे थे.
न्यूज़ टैंक
इन वॉक्स पॉप इंटरव्यू में ऊपर बताए गए स्पीकर्स की प्रोफ़ाइल देखते समय, हमें न्यूज़ टैंक नाम का एक चैनल मिला. यहां कई जाने-पहचाने चेहरे दिखे. और यहां भी हम अमिषा पाल को इंटरव्यू लेते हुए देख सकते हैं. वॉक्स पॉप इंटरव्यू के अलावा, इस चैनल पर कई राजनीतिक रूप से सक्रिय इन्फ्लुएंसर भी दिखे.
उदाहरण के लिए, 9 मार्च के एक वीडियो में राहुल मेहता, जिसने न्यूज़ नेशनल हिंदी के वीडियो में ‘भारत माता’ शब्द का इस्तेमाल न करने पर मुसलमानों का मज़ाक उड़ाया था, इसी तरह की मुस्लिम विरोधी टिप्पणियां करता दिखा.
इस वीडियो में एंकर इस साल होली के दौरान संभल के सर्कल ऑफ़िसर अनुज चौधरी की एक विवादित टिप्पणी पर लोगों की राय ले रहा था. पुलिस अधिकारी ने कहा था कि होली एक सालाना त्योहार है, मुसलमानों की जुम्मे या शुक्रवार की नमाज़ की तरह नहीं जो हर हफ़्ते होती है और इसलिए जो मुसलमान होली के रंगों से डरते हैं, उन्हें उस दिन घर के अंदर रहना चाहिए. अनुज चौधरी की ये टिप्पणियां होली से पहले आई थीं जिस साल अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की कई घटनाएं हुईं. हमने इन्हें विस्तार से डॉक्यूमेंट किया है.
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न्यूज़ टैंक के वीडियो में राहुल मेहता ने अनुज चौधरी की तारीफ़ की और उनके विचारों का समर्थन किया.
25 जुलाई के एक वीडियो में ‘अश्मित भाई‘ ने एंकर, अम्निशा पाल को बिहार चुनावों पर अपने विचार बताए.
न्यूज़ टैंक के यूट्यूब चैनल पर 5 अक्टूबर के एक वीडियो में हमने रिद्धिमा शर्मा को ‘आई लव मुहम्मद’ पोस्टर विवाद पर अम्निशा पाल के साथ बातचीत करते देखा. विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई और गिरफ़्तारियों का ज़िक्र करते हुए वो कहती हैं, “नेपाल बनाने के ख्वाब देखने वालों ने आज गाज़ा बना दिया है.” ऐसे कमेंट्स को बिना किसी सवाल के दिखाना और यूपी पुलिस की कार्रवाई की तुलना गाज़ा में इज़राइल के हमले से करना, न सिर्फ़ उस युद्ध को हल्का करता है जिसमें 68 हज़ार से ज़्यादा फ़िलिस्तीनी मारे गए हैं, बल्कि ये युद्ध का इस्तेमाल इस्लामोफ़ोबिया फैलाने का एक तरीका भी है.
न्यूज़ टैंक की स्थापना ऋषभ अवस्थी ने की थी जो इसके डायरेक्टर और CEO भी हैं. ज़ौबा कॉर्प पर, शिवम अवस्थी को कंपनी का को-डायरेक्टर बताया गया था.
ऋषभ अवस्थी के इंस्टाग्राम पेज के मुताबिक, वो न्यूज़ टैंक में एक पत्रकार है. उसके पेज पर चैनल के ‘वॉक्स पॉप’ इंटरव्यू के कई क्लिप हैं. इनमें से कई में अम्निशा पाल एंकर के तौर पर दिखती हैं. अपने पेज पर, ऋषभ ने बीजेपी नेताओं जैसे टी राजा सिंह, नूपुर शर्मा और मध्य प्रदेश के CM मोहन यादव की तस्वीरें शेयर की है. वो इनमें से कुछ तस्वीरों में उनके साथ भी दिखते हैं.
हमें शिवम अवस्थी से जुड़े दो फ़ेसबुक पेज मिले. एक पेज पर (जिसके 15 हज़ार से ज़्यादा फॉलोअर्स थे) शिवम ने खुद को न्यूज़ टैंक का डायरेक्टर और श्यामादेवी सोशल फ़ाउंडेशन का चेयरमैन बताया था. दिलचस्प बात ये है कि उसकी फ़ेसबुक यूज़र आईडी ‘shivambjpdelhi’ थी. हालांकि, इस पर आखिरी पोस्ट एक साल पहले किया गया था.
दूसरे फ़ेसबुक पेज के बायो में उसने खुद को राज्यसभा सांसद और त्रिपुरा बीजेपी अध्यक्ष राजीव भट्टाचार्जी का ‘PS’ (‘पर्सनल सेक्रेटरी’ या ‘प्राइवेट सेक्रेटरी’) बताया है. उसने 2019 का अपना बीजेपी मेंबरशिप कार्ड भी शेयर किया है और शेयर की गई तस्वीरों के आधार पर वो 2017 से BJP से जुड़ा हुआ है. नीचे देखें:
इसी तरह, हमें कम से कम चार और मीडिया चैनल्स मिले जो इसी तरह का कंटेंट शेयर कर रहे थे, जहां हमें “वॉक्स पॉप” इंटरव्यू में वही चेहरे दिखे. ये थे, A2Z News TV, O News Hindi, Veerbhumi Bharat और DNI24. आगे, उदाहरण दिए गए हैं जो इसे साबित करते हैं:
इसके अलावा, नेशनल न्यूज़ हिंदी कैसे काम करता है, ये समझने की कोशिश में हमने एंकर अम्निशा पाल के सोशल मीडिया प्रोफाइल खोजने की कोशिश की और उसका इंस्टाग्राम पेज मिला. हमें उसके प्रोफाइल पर 7 अप्रैल की एक रील मिली जिसे असल में @citizenpostnews नाम के हैंडल ने पोस्ट किया था जिसमें वो कोलैबरेटर के तौर पर टैग किया गया था.
सिटीज़न पोस्ट न्यूज़
इस हैंडल की जांच करते वक्त, हमें इसी नाम का एक यूट्यूब चैनल भी मिला. सिटीज़न पोस्ट न्यूज़ ने अलग-अलग ‘रिपोर्टर्स’ के वॉयस ऑफ़ द पीपल इंटरव्यू की एक सीरीज़ पब्लिश की थी. उनमें से एक अमनीशा पाल थीं. इस चैनल के लगभग 1 लाख सब्सक्राइबर हैं और इसके डिस्क्रिप्शन में लिखा था: “सिटीज़न पोस्ट रामाग्या ग्रुप की एक ऑनलाइन और ऑफ़लाइन अख़बार कंपनी है जो पूरे दिल्ली NCR में बांटी जाती है…”
हालांकि, अभी ये चैनल हटा दिया गया है.

सिटीजन पोस्ट न्यूज़ के लिए पाल द्वारा किए गए वॉक्स पॉप इंटरव्यू नेशनल न्यूज़ हिंदी के लिए किए गए इंटरव्यू जैसे ही लग रहे थे और उनमें भीड़ में से वही लोग अपने विचार शेयर कर रहे थे.
उदाहरण के लिए, हमें ‘अश्मित भाई’ मिले जो नेशनल न्यूज़ हिंदी के कई वीडियो में दिखे थे और अब सिटीजन पोस्ट न्यूज़ पर भी नज़र आए.
21 अगस्त को, वो चैनल के एक वीडियो में प्रेमानंद महाराज विवाद के बारे में बात करते दिखे. उसी दिन, वो नेशनल न्यूज़ हिंदी के वीडियो में भी दिखे जहां वो फ़िल्म बंगाल फ़ाइल्स पर अपने विचार दे रहे थे. दोनों ही मामलों में अमिषा पाल ही उनका इंटरव्यू ले रही थीं.

सिटीजन पोस्ट की ओनरशिप डिटेल्स ढूंढते वक्त, हमें रामाग्या ग्रुप के बारे में पता चला जो जाहिर तौर पर इस मीडिया पब्लिकेशन का पेरेंट ग्रुप है. उनकी वेबसाइट के मुताबिक, सिटीजन पोस्ट रामाग्या ग्रुप के तहत एक ऑनलाइन और ऑफ़लाइन अख़बार है जो दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में सर्कुलेट होता है. इस मीडिया आउटलेट की अपनी वेबसाइट भी है. लेकिन उस पर आखिरी रिपोर्ट दो महीने पहले पब्लिश हुई थी.
रामाग्या ग्रुप कई स्कूल, स्पोर्ट्स एकेडमी और प्रोफ़ेशनल स्टडीज़ के लिए इंस्टीट्यूट चलाता है. इसके अलावा, इसके तहत कुछ और ब्रांड और ऑर्गनाइज़ेशन भी हैं. ये पुरुषार्थ चैरिटेबल सोसाइटी के तहत NGO रामाग्या फ़ाउंडेशन भी चलाता है. इस ग्रुप को एक एंटरप्रेन्योर डॉ. संजय गुप्ता और उनका परिवार हेड करता है. लीडरशिप और ग्रुप के काम के बारे में ऑनलाइन जानकारी ज़्यादातर प्रेस रिलीज़ या न्यूज़ वेबसाइटों पर पेड आर्टिकल थे.
बनावटी विचार
हमें मिले चैनलों के पूरे नेटवर्क और उनके वीडियो पर मिले व्यूज़ और वायरल होने से ये साफ़ हो गया कि ये न सिर्फ़ कुछ हिंदुत्व विचारधाराओं और राइट-विंग के विचारों को फैलाने में मदद की, बल्कि इन सभी में एक ही लोगों को बार-बार दिखाकर, ऐसे कट्टरपंथी संदेशों को और बढ़ाया. पार्टिसिपेंट्स के सोशल मीडिया से भाजपा से लिंक को नज़रअंदाज़ करना मुश्किल है.
हैरानी की बात ये है कि ये कोई असामान्य बात नहीं थी. तीन साल पहले, दिसंबर 2022 में कारवां ने एक स्टोरी पब्लिश की थी जिसमें बताया गया था कि दिल्ली का पालिका बाज़ार कई यूट्यूब चैनलों के लिए ‘वॉक्स पॉप’ इंटरव्यू के लिए इकट्ठा होने की जगह बन गया था. यहां वही लोग, जिनमें BJP के प्रवक्ता भी शामिल थे, बार-बार स्टीरियोटाइप के तौर पर सामने आते थे और हर बार एक ही टॉपिक पर बात करते थे. कहानी में ये भी बताया गया था कि ये चैनल BJP के ऑफ़िस वालों या BJP से जुड़े लोगों को “आम जनता” बताकर राइट-विंग प्रॉपगेंडा कैसे फैला रहे थे.
ऑल्ट न्यूज़, नवंबर, 2025 में उस जगह पर गया, तो प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड्स ने हमें बताया कि पुलिस ने पालिका बाज़ार के गेट के अंदर और आसपास ऐसे वीडियो शूट करने पर रोक लगा दी है.
मीडिया आउटलेट्स द्वारा जनता की ‘राय’ को इस तरह से पेश करना, जिसे वो ख़बर के तौर पर दिखाते हैं, न सिर्फ़ इस बात की ग़लत धारणा बनाता है कि लोग मुद्दों पर कैसे रिएक्ट कर रहे हैं, बल्कि ऐसा करके ये दर्शकों की सोच को भी प्रभावित करता है. और ठीक इसी तरह से इन्फॉर्मेशन इकोसिस्टम में हेरफेर किया जाता है.
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