एक ट्वीट सोशल मीडिया पर जमकर शेयर किया जा रहा है. ये ट्वीट पश्चिमी त्रिपुरा के ज़िलाधिकारी शैलेश कुमार यादव के नाम से है. बता दें कि शैलेश कुमार, अगरतला में कोविड नियमों के तहत नाइट कर्फ़्यू लागू कराने के लिए जबरन शादी रुकवाने, पंडित को थप्पड़ मारने व दूल्हे के साथ बदसुलूकी करने को लेकर सुर्खियों में आए थे. शैलेश के नाम से चल रहे ट्विटर हैंडल Shailesh Yadav IAS ने लिखा है, “अगर कानून तोड़ने वालों को जवाब देना अपराध है तो गर्व से अपराधी हूँ मैं और मुझे अपने संविधान पर गर्व है”. इस ट्वीट को आर्टिकल लिखे जाने तक 6100 से ज़्यादा बार लाइक और 1400 से ज़्यादा बार रिट्वीट किया गया है. (आर्काइव लिंक)

इस अकाउंट ने एक और ट्वीट कर लिखा, “मुझे सस्पेंशन स्वीकार है ! मैंने जो भी किया कोविड को देखते हुए किया ! और मेरे अनुसार मैंने सही किया”. आर्टिकल लिखे जाने तक इसे 8000 से ज़्यादा बार लाइक और 1700 से ज़्यादा बार रीट्वीट किया गया है. (आर्काइव लिंक)

फ़्री प्रेस जर्नल (आर्काइव लिंक) और ईस्ट मोजो (आर्काइव लिंक) ने इन ट्वीट्स को शैलेश यादव के बयान के तौर पर पेश करते हुए आर्टिकल लिखा.

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स्टडी ग्लोज़ नाम के एजुकेशनल यूट्यूब चैनल ने भी इस ट्वीट को सही मानते हुए वीडियो बनाया है. आर्टकिल लिखे जाने तक इसे 2 लाख से ज़्यादा बार देखा जा चुका है. इस वीडियो में 4 मिनट 26 सेकंड से 4 मिनट 36 सेकंड पर इस ट्वीट का ज़िक्र किया गया है. (आर्काइव लिंक)

‘SHIVARV’ नाम के यूट्यूब चैनल ने भी शैलेश यादव नाम के इस अकाउंट द्वारा किए गए ट्वीट पर एक वीडियो बनाया है. इसे आर्टिकल लिखे जाने तक 10 हज़ार से ज़्यादा बार देखा जा चुका है. (आर्काइव लिंक)

इस ट्वीट का स्क्रीनशॉट फ़ेसबुक पर भी जमकर शेयर किया गया है.

इस अकाउंट ने शैलेश यादव के समर्थन में हैशटैग अभियान चलाने के लिए आभार व्यक्त करते हुए ट्वीट किया जिसके जवाब में IRS सुग्रीव मीणा ने इस अकाउंट को सच मानते हुए रिप्लाई किया, “बधाई, कलम का इस्तेमाल ज्यादा करें !” (आर्काइव लिंक)

इस अकाउंट ने एक और ट्वीट करते हुए लिखा, “चारों तरह मौत की खबरों ने बिल्कुल तोड़कर रख दिया है” जिसके रिप्लाई में इस अकाउंट को सही मानकर IAS डॉ० हीरा लाल मीणा ने रिप्लाई किया “हमें विषम समय में दूसरों के लिए खड़े होने की जरूरत है.” (आर्काइव लिंक)

फैक्ट चेक

इस अकाउंट द्वारा किए गए ट्वीट्स संदेहास्पद थे और हिंदी भाषा में कई अशुद्धियां थी जो आमतौर पर एक हिंदी भाषी आईएएस अधिकारी की भाषा नहीं होती, जिससे हमें शंका हुई. इसके बाद हमने इस ट्विटर हैंडल का सबसे पुराना ट्वीट खोजने की कोशिश की तो हमें 30 अप्रैल 2021 का ट्वीट मिला जिससे इस अकाउंट पर हमारा संदेह और बढ़ गया.

इस स्टोरी के लिखे जाने तक इस अकाउंट के पिन किये गए ट्वीट में (@Arpitapatel111) यूज़रनेम दिख रहा था. और इसके URL में भी अर्पिता पटेल का यूजरनेम था. (आर्काइव लिंक)

जब हम ट्विटर एडवांस सर्च के ज़रिए इस यूजरनेम वाले अकाउंट से किए गए पुराने ट्वीट्स खोजने की कोशिश की तो हमें सारे ट्वीट्स तो डिलीटेड मिले लेकिन त्वीट्स पर रिप्लाई मौजूद थे. उस रिप्लाई में अर्पिता पटेल के यूजरनेम पर क्लिक करने पर शैलेश यादव का अकाउंट खुलता है. मतलब शैलेश यादव के सुर्खियों में आने के बाद इस अकाउंट का नाम व यूजरनेम बदल दिया गया. अर्पिता पटेल हैंडल से पुराने ट्वीट्स को इस आर्काइव लिंक पर देखा जा सकता है.

ट्विटर पर अर्पिता का हैंडल (@Arpitapatel111) सर्च करने पर शैलेश यादव का अकाउंट दिखता है.

चूंकि इस अकाउंट का यूज़रनेम बदल दिया गया है इसलिए अर्पिता पटेल वाले ट्वीट का URL शैलेश यादव के नाम वाले अकाउंट पर ले जाता है. इसे आप यहां पर देख सकते हैं.

ऑल्ट न्यूज़ ने शैलेश यादव से इस मुद्दे पर जानकारी जुटाने के लिए संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि उनका ट्विटर या फ़ेसबुक पर कोई अकाउंट नहीं है. उनके नाम से चल रहा अकाउंट फ़र्जी है.

यानी, शैलेश यादव का नाम से चलाया जा रहा ट्विटर अकाउंट वास्तव में फ़र्जी है. इस अकाउंट का शैलेश यादव से कोई संबंध नहीं है.


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About the Author

Abhishek has completed his bachelor's degree in Journalism and Mass Communication, currently working as a content writer in Careers 360, interested in fact checking.