ट्विटर हैन्डल ‘@BJPBalochistan’ ने 27 अगस्त को 3 तस्वीरें पोस्ट करते हुए दावा किया कि लव जिहाद की वजह से एक हिन्दू लड़की की मौत हो गई. 3 तस्वीरों में से 2 तस्वीरें एक कपल की हैं जिसमें पहली तस्वीर में लड़की ने माथे पर सिंदूर और सिर पर चुन्नी रखी हुई है वहीं दूसरी तस्वीर में महिला मुस्लिम लिबास में दिखाई देती है. तीसरी तस्वीर में पुलिस से घिरे हुए एक सूटकेस में बंद महिला की लाश दिखाई देती है. आर्टिकल लिखे जाने तक इस ट्वीट को 9,600 हज़ार लाइक और 5,300 रीट्वीट्स मिले हैं. इस ट्वीट को मधू कीश्वर ने भी रीट्वीट किया है. बता दें कि मधू कीश्वर अक्सर सोशल मीडिया पर झूठे दावे शेयर करती रहती हैं.

ट्विटर पर ये तस्वीरें इसी दावे से काफ़ी शेयर हो रही हैं. फ़ेसबुक पर भी इसे पोस्ट किया गया है.

फ़ैक्ट-चेक

इस आर्टिकल में हम सभी तस्वीरों की सच्चाई आपके सामने रखेंगे और दिखाएंगे कि कैसे 2 ऐसी घटनाओं की तस्वीरें एक मनगढ़ंत कहानी के साथ शेयर की गयीं जिनका आपस में कोई कनेक्शन नहीं है.

सबसे पहले बात करते हैं उस कपल की तस्वीरों की. रिवर्स इमेज सर्च करने पर 28 जुलाई की एक फ़ेसबुक पोस्ट में ये दोनों तस्वीरें मिली. इस पोस्ट में लड़की का नाम लवी जोशी और लड़के का नाम मोहम्मद आदिल पाशा बताया गया है. पोस्ट के मुताबिक, ये लड़की उत्तराखंड के देहरादून शहर के गोरखपुर चौक की रहनेवाली है. इस पोस्ट में लड़की की हत्या होने की कोई बात नहीं बताई गई है.

आगे लड़की के बारे में जानने के लिए हमने देहरादून, उत्तराखंड के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से बात की. उन्होंने बताया, “सोशल मीडिया पर दंपत्ति की तस्वीरों के साथ शेयर किया गया दावा ग़लत है. देहरादून में इस तरीके से किसी लड़की की हत्या होने की कोई घटना नहीं सामने नहीं आई है.”

इस मामले की जांच कर रही देहरादून की महिला पुलिस अधिकारी मोनिका मनराल ने बताया – “ये लड़की अभी ज़िंदा है और अपने पति के साथ रहती है. लड़की ने अपने मां-बाप की इजाज़त के बगैर एक मुस्लिम लड़के से शादी कर ली थी. इस वजह से उसके परिवारवाले उससे काफ़ी नाराज़ थे. लड़की कुछ दिनों पहले ही पुलिस स्टेशन आई थी और हमसे मिलकर गई थी. उसने बताया कि वो अपने पति के साथ खुश है और अपने माता-पिता के पास नहीं जाना चाहती. उसने ये भी बताया था कि उसकी शादी से नाराज़ उसके माता-पिता और भाई उसके खिलाफ़ इस तरह की साज़िश कर रहे हैं. लड़की के अनुसार, उसका भाई ये तस्वीरें शेयर कर ऐसा झूठा दावा चला रहा है. लड़की को मारने की धमकियां भी मिल रही हैं. उसने हमें लिखित में बताया है कि वो अपने पति के साथ खुश है और उसी के साथ रहना चाहती है. इसके अलावा, लड़की ने अपने माता-पिता और भाई के खिलाफ़ एक प्रार्थना पत्र दिया था.” हमने मोनिका मनराल से वो लिखित पत्र मांगा तो उन्होंने हमें बताया, “लड़की के माता-पिता ने उसके खिलाफ़ मुकदमा दर्ज करवाया था इसके चलते हमने वो पत्र और लिखित बयान कोर्ट भेज दिया है.” पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है कि देहरादून में लव जिहाद के कारण किसी लड़की की हत्या होने की कोई घटना नहीं हुई है.

हमने उस लड़की से भी बात की. उसकी पहचान हम यहां उजागर नहीं कर रहे हैं. बातचीत में उन्होंने हमें बताया, “तस्वीर में दिखने वाली लड़की मैं ही हूं. मेरा नाम ग़लत तरीके से पोस्ट में लवी जोशी लिखा गया है. मैं अपने पति के साथ रहती हूं और खुश हूं. मुझे किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है. सोशल मीडिया पर मेरी तस्वीरें झूठे दावों से शेयर हो रही हैं.”

फिर सूटकेस में मिली लाश किसकी?

रिवर्स इमेज सर्च से मालूम हुआ कि ये तस्वीर 27 जुलाई को गाज़ियाबाद के दशमेश वाटिका में से मिली एक लाश की है. 4 अगस्त की न्यूज़18 की रिपोर्ट में बताया गया है कि एक महिला ने इस लाश को अपनी बेटी वारिशा का बताया जिसकी शादी कुछ दिन पहले ही हुई थी. महिला ने वारिशा की हत्या के पीछे उसके पति और ससुरलवालों को ज़िम्मेदार बताया था. इस पूरी घटना में नया एंगल तब आया जब वारिशा खुद सामने आई. रिपोर्ट के मुताबिक, वारिशा ने बताया कि वो अपने ससुराल से 23 जुलाई को भाग गई थी और कहीं पर छुपी हुई थी. इस खुलासे के बाद, पुलिस ने सूटकेस में से मिली लाश के बारे में जांच शुरू कर दी. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में बुलंदशहर की सिटी अफ़सर दीक्षा सिंह के हवाले से बताया गया है कि वारिशा के पति और ससुरालवालों पर दहेज उत्पीड़न का चार्ज लगाया गया. वारिशा की मां और भाई पर भी लाश की ग़लत शिनाख्त करने का आरोप लगना संभव था.

This slideshow requires JavaScript.

इस मामले में अपडेट जानने के लिए हमने शाहाबाद के एसएचओ से बात की. उन्होंने बताया, “इस मामले में जांच जांच जारी है. हमें अब तक महिला के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है.” इसके अलावा, जागरण की 4 अगस्त की रिपोर्ट में सूटकेस में से मिली महिला की लाश की तस्वीर पब्लिश हुई है. रिपोर्ट में शामिल लाश की तस्वीर और सोशल मीडिया में शेयर 2 तस्वीरों में दिखने वाली महिलाएं अलग-अलग हैं.

कुल मिलाकर, सोशल मीडिया पर 2 अलग-अलग घटनाओं की तस्वीरें एक मनगढ़ंत कहानी के साथ शेयर की गई. सूटकेस में से मिली महिला की लाश की तस्वीर उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद की है जबकि कपल की 2 तस्वीरें देहरादून के एक मामले की हैं. इन दोनों घटनाओं का एक दूसरे से कोई लेना-देना नहीं है. सूटकेस में से मिली महिला की लाश के बारे में जांच चल रही है.

डोनेट करें!
सत्ता को आईना दिखाने वाली पत्रकारिता का कॉरपोरेट और राजनीति, दोनों के नियंत्रण से मुक्त होना बुनियादी ज़रूरत है. और ये तभी संभव है जब जनता ऐसी पत्रकारिता का हर मोड़ पर साथ दे. फ़ेक न्यूज़ और ग़लत जानकारियों के खिलाफ़ इस लड़ाई में हमारी मदद करें. नीचे दिए गए बटन पर क्लिक कर ऑल्ट न्यूज़ को डोनेट करें.

Donate Now

बैंक ट्रांसफ़र / चेक / DD के माध्यम से डोनेट करने सम्बंधित जानकारी के लिए यहां क्लिक करें.