सोशल मीडिया पर एक वीडियो क्लिप वायरल है जिसमें लोगों को एक ट्रेन पर पत्थर फेंकते हुए देखा जा सकता है. वीडियो के कैप्शन के मुताबिक, ट्रेन के हॉर्न से नमाज़ पढने में दिक्कत हो रही थी इसलिए ये लोग पत्थर फेंक रहे हैं.

कई ट्विटर यूज़र्स ने इसी कैप्शन के साथ ये वीडियो शेयर किया है.

वीडियो फ़ेसबुक पर भी वायरल है.

फ़ैक्ट-चेक

हमने वीडियो के एक फ़्रेम का गूगल रिवर्स इमेज सर्च किया. हमें कई न्यूज़ रिपोर्ट्स मिली. रिपोर्ट्स के मुताबिक, चेन्नई में छात्रों के दो गुट आपस में भिड़ गए और बाद में उन्होंने एक ट्रेन पर पथराव किया. घटना 11 अप्रैल 2022 की है.

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नीचे एक न्यूज़ रिपोर्ट के थंबनेल और वायरल वीडियो के फ़्रेम में समानता देखी जा सकती है.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, “पचैयप्पा कॉलेज और प्रेसीडेंसी कॉलेज के छात्रों के बीच झगड़ा हुआ था. ये घटना उस वक्त हुई, जब प्रेसीडेंसी कॉलेज के छात्र तिरुपति एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे थे और पचैयप्पा कॉलेज के छात्र अरक्कोनम जाने वाली ट्रेन में यात्रा कर रहे थे. प्रेसीडेंसी कॉलेज के छात्रों ने कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया और यात्रियों को शिकायत करने और ट्रेन रोकने के लिए मजबूर किया. इसके बाद ये छात्र नीचे उतरे और पचैयप्पा कॉलेज के छात्रों को टारगेट करते हुए अरक्कोनम जा रही ट्रेन पर पथराव करने लगे. इस वजह से चालक ने ट्रेन रोक दी. इसके बाद दोनों गुटों में मारपीट हुई.”

FGN की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में चार युवकों को पास के एक सिनेमा हॉल से ग़िरफ्तार किया गया था, जहां वे फ़िल्म “बीस्ट” के लिए टिकट खरीदने का इंतज़ार कर रहे थे.

कुल मिलाकर, चेन्नई में 2 अलग कॉलेज के छात्रों के बीच हुई झड़प की घटना का वीडियो झूठे दावे के साथ शेयर किया गया कि मुसलमानों ने ट्रेन पर पथराव किया.

ग़लत
दावा:
ट्रेन के हॉर्न से नमाज़ पढ़ने में हो रही दिक्कत की वजह से मुसलमानों ने ट्रेन पर पथराव किया

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