सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफ़ी वायरल है. वीडियो में पुलिस ने एक बुज़ुर्ग व्यक्ति के हाथ रस्सी से बांधे हुए हैं. वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि राजस्थान में गौ-तस्करों के खिलाफ़ अभियान चला रहे 80 साल के एक बुज़ुर्ग संत को पुलिस ने पकड़ लिया और उनपर वसूली का केस कर दिया. वीडियो के साथ शेयर किये जा रहे मेसेज में लिखा है कि राजस्थान में अशोक गहलोत की सरकार है जो हिंदुओं का अपमान कर रही है. फ़ेसबुक यूज़र हरीपाल सिंह ने ये वीडियो इसी दावे के साथ पोस्ट किया. (आर्काइव लिंक)

 

राजस्थान में एक संत ने गौ तस्करों के खिलाफ अभियान छोड़ा गौ तस्करों ने उनके ऊपर ही वसूली का केस करवा दिया

यहां तक तो ठीक था यह जांच का विषय है की कौन सही कौन गलत

लेकिन 80 साल के बुजुर्ग हिंदू संत को इस तरह से हथकड़ी पहनाकर लाना क्या उचित है ???

क्या यह पुलिसकर्मी में इतनी हिम्मत होगी कि वह किसी मौलवी को यू हथकड़ी डाल कर लाएगा ??

दरअसल जब अशोक गहलोत मुख्यमंत्री है तब हिंदुओं का ऐसे ही अपमान होगा

Posted by Haripal Singh Nauhwar on Wednesday, 8 September 2021

एक फ़ेसबुक यूज़र ने ये वीडियो कुछ ग्रुप्स – ‘I Support Namo’, ‘अंतरराष्ट्रीय हिन्दू संगठन ग्रुप में अपने सभी हिंदू भाइयों को जोड़ें’, ‘पुष्पेन्द्र कुलश्रेष्ठ’, ‘रामायण‘ – में इसी दावे के साथ पोस्ट किया.

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ट्विटर पर ये वीडियो पोस्ट करते हुए दावा किया गया कि कुछ राजस्थानी गौ-तस्करों को छोड़ पुलिस ने गौरक्षक बाबा गरीबदास को ही गिरफ़्तार कर लिया. (लिंक 1, लिंक 2, लिंक 3, लिंक 4)

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फ़ैक्ट-चेक

फ़ेसबुक पर की-वर्ड्स सर्च करते हुए ऑल्ट न्यूज़ को आचार्य मुमुक्षु कृष्णा शास्त्री का पोस्ट मिला जिसमें ये वीडियो शेयर किया गया था. इस पोस्ट पर कमेन्ट करते हुए एक यूज़र ने 1 सितंबर 2021 का लाइव हिंदुस्तान का आर्टिकल शेयर किया था. इस आर्टिकल में बताया गया है कि उत्तर प्रदेश के बदायूं ज़िले के ईखखेड़ा गांव के खेतिहर इलाके में राजस्थान के कुछ लोग गाय ले जा रहे थे. उस वक़्त गौरक्षा संघर्ष समिति के ज़िलाअध्यक्ष सहित 3 लोग वहां पहुंचे. खंडवा निवासी बाबा गरीबदास ने कुछ साथियों के साथ मिलकर गाय ले जा रहे लोगों से 5 हज़ार की मांग की. दूसरे दिन इसके मद्देनज़र गांव के प्रधान सहित कुछ लोगों ने गरीबदास और उनके साथियों के खिलाफ़ वसूली करने की शिकायत दर्ज करवाई. आर्टिकल के मुताबिक, पुलिस इस मामले की जांच कर रही थी.

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इस पूरे मामले की असलियत जानने के लिए ऑल्ट न्यूज़ ने उघैती के थानाअध्यक्ष से बात की. थानाध्यक्ष बीरेन्द्र सिंह राणा ने बताया, “सोशल मीडिया पर किया जा रहा दावा गलत है. दरअसल राजस्थान के कुछ लोग ईखखेड़ा गांव से गाय, बैल, गधे ले जा रहे थे. उस दौरान, गरीबदास और 2 अन्य लोगों ने गाड़ी को रोका था. इस मामले में गांववालों ने गरीबदास और उनके साथियों पर वसूली करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करवाया है.” उन्होंने आगे बताया कि गरीबदास पर पहले भी इस तरह के आरोप लगे हैं. पुलिस के मुताबिक, फ़िलहाल गरीबदास को गिरफ़्तार कर लिया गया है और इस मामले में जांच चल रही है.

आगे, ऑल्ट न्यूज़ को थानाअध्यक्ष बीरेन्द्र से मिली FIR कॉपी में दिखा कि गरीबदास ने राजस्थान से पशु खरीदने आए लोगों को धमकी दी थी कि अगर वो उन्हें पैसे नहीं देंगे तो पुलिस में गोकशी के मामले में फंसा देंगे.

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कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में बदायूं ज़िले के एक गांव में राजस्थान के कुछ चरवाहे गाय, गधे ले जा रहे थे. तब कथित रूप से कुछ गौरक्षकों ने उनकी गाड़ी रोककर पैसे की मांग की थी. गांववालों की शिकायत पर गौरक्षक गरीबदास को गिरफ़्तार किया गया था. इसका वीडियो राजस्थान का बताते हुए झूठा दावा किया गया कि अशोक गहलोत की सरकार के राज में पुलिस गौरक्षकों को झूठे आरोपों में फंसा रही है.


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