नेशनल दस्तक के यूट्यूब पर 1 करोड़ सब्स्क्राइबर्स, X पर 2 लाख 45 हज़ार और फ़ेसबुक पर 13 लाख से ज़्यादा फ़ॉलोवर्स हैं. और इतनी बड़ी फॉलोइंग के साथ इस चैनल को अक्सर अपने दर्शकों को गुमराह करते हुए देखा गया है. सिर्फ 2 मार्च से 4 मार्च के बीच ऑल्ट न्यूज़ ने नेशनल दस्तक को 12 बार पुराने वीडियो से लेकर AI वीडियो शेयर कर भ्रामक दावा करते हुए पकड़ा है.

अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला के बाद, ईरान ने भी पश्चिम एशिया में कई स्थानों पर जवाबी कार्रवाई करते हुए लगातार मिसाइलें और ड्रोनों से हमला किया. एक ओर इन पश्चिम एशिया देशों के संघर्ष के बीच मिसाइल ड्रोन हमले से होने वाले नुक़सान की असली खबर सामने आ रही है तो वहीं दूसरी ओर भारतीय न्यूज़ मीडिया से लेकर सोशल मीडिया में गलत खबरों, भ्रामक दावों, असंबंधित और पुराने वीडियो, गेमिंग क्लिप, AI क्लिप का भरमार लग गया है. इन्हें पश्चिम एशिया संघर्ष से जोड़कर चलाया और शेयर किया जा रहा है.

नेशनल दस्तक खुद को मुख्यधारा की मीडिया से अलग बताते हुए सत्य दिखाने का दावा करता है. लेकिन जब ऑल्ट न्यूज़ ने नेशनल दस्तक के ऑफिशियल X-हैंडल को खंगाला, तो हमें अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर हमले और ईरान द्वारा जवाबी कार्रवाई हमले बताकर कई असंबंधित और पुराने वीडियो, गेमिंग क्लिप, AI क्लिप शेयर किये हुए मिले.

1. मिलिट्री सिमुलेशन वीडियो गेम ArmA 3

नेशनल दस्तक ने 2 मार्च को Breaking news बताते हुए लिखा. “ईरान जिस तरह इजरायल पर हमला कर रहा है, अब इजरायल इस हमले को सदियों तलक याद रखेगा. अमेरिका लड़ा कर अब मज़े ले रहा है.”

 फैक्ट-चेक 

ऑल्ट न्यूज़ ने वीडियो के कुछ की-फ्रेम को रिवर्स इमेज सर्च किया. हमें यही वीडियो 27 अप्रैल 2024 को “Compared Comparison” नामक यूट्यूब चैनल पर अपलोडेड मिला. वीडियो का कैप्शन है, “रात्रिकालीन मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम – शक्तिशाली MLRS फायरिंग ड्रिल – सैन्य सिमुलेशन – ArmA 3.” कैप्शन में साफ़ लिखा है कि वीडियो ArmA 3 सैन्य सिमुलेशन क्लिप है.

इसके अलावा, यूट्यूब चैनल Compared Comparison के डिस्क्रिप्शन के अनुसार, ये ArmA 3 और DCS सैन्य सिमुलेशन गेम को इंजन के रूप में उपयोग करके आधुनिक सैन्य कंटेंट वीडियो तैयार करता है जो दिखने में वास्तविक घटना के रूप नजर आते है.

यानी, नेशनल दस्तक द्वारा इज़राइल पर ईरानी मिसाइल का हमला बताकर जो वीडियो शेयर किया गया असल में एक ArmA 3 सैन्य सिमुलेशन गेमिंग क्लिप है.

2. दावा: ईरानी मिसाइलों ने तेल अवीव को खंडहर बनाया

नेशनल दस्तक ने 3 मार्च को एक टूटे फूटे वाहनों और जर्जर इमारत के बीच रेस्क्यू करते लोगों का वीडियो शेयर किया और लिखा, “ईरानी मिसाइलों ने तेल अवीव को खंडहर बना दिया.”

फैक्ट-चेक

हमने जब वीडियो के फ्रेम को रिवर्स इमेज सर्च किया तो हमें यह वीडियो लेबनान की राजधानी बेरूत में स्थित अल-मयादीन मीडिया नेटवर्क के आधिकारिक एक्स-हैंडल Al Mayadeen English पर मिला. इसे 14 जून 2025 को पोस्ट किया गया था. कैप्शन के अनुसार, जून 2025 में ईरान द्वारा मिसाइलों की पहली लहर के बाद तेल अवीव में अभूतपूर्व तबाही देखी गई थी.

3. दावा: इज़राइल की राजधानी पर हमले का दृश्य

नेशनल दस्तक ने एक्स-हैंडल पर 4 मार्च को ईरान द्वारा इज़राइल पर हमले का दृश्य बताते हुए एक और वीडियो शेयर किया. वीडियो में टूटे फूटे जर्जर इमारतों के बीच राहत बचाव का कार्य करते लोग दिख रहे हैं. इस वीडियो का एक हिस्सा ऊपर दिए जून 2025 वाला वीडियो का भी है. इस पोस्ट को शेयर करते हुए नेशनल दस्तक ने लिखा, “इज़राइल की राजधानी.

फैक्ट-चेक

हमने दूसरे दावे वाले वीडियो के फ़्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च किया. हमें ये वीडियो 15 जून 2025 को Bar Peleg नामक एक्स-अकाउंट में शेयर किया गया मिला. इसके मुताबिक, “15 जून 2025 को बैत याम में मिसाइल हमले वाली जगह पर होने से चार लोगों की मौत हो गई. बैत याम के मेयर ज़्विका ब्रूट ने बताया कि लगभग 20 लोग मलबे के नीचे दब गए, जो पूरी तरह से लापता नहीं हैं, लेकिन संभवतः अस्पतालों में भर्ती हैं. बचाव दल का आकलन था कि कुछ लोग लापता भी हैं, जिनकी संख्या अभी स्पष्ट नहीं है.

15 जून 2025 को प्रकाशित रिपोर्ट में Vinnews और The Economic Times ने वीडियो के स्क्रीनग्रैब का इस्तेमाल करते हुए बताया कि ईरानी मिसाइल ने इज़राइल के स्थित शहर बैत याम (Bat Yam) और रेहोवोट (Rehovot) के ऊँचे इमारते को निशाना बनाया.

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ये सच है कि हाल ही में ईरान ने अमेरिका-इज़राल के हमले का जवाबी कार्रवाई करते हुए इज़राल के तेल अवीव और अन्य जगहों को पार हमला किया है.

यानी, जून 2025 में ईरान-इज़राइल के बीच हुए संघर्ष के पुराने वीडियो को नेशनल दस्तक ने ईरान द्वारा इज़राइल की राजधानी और तेल अवीव पर हमले के हालिया दृश्य बता दिया.

4. दावा: ईरान ने किया परमाणु हथियार परीक्षण

नेशनल दस्तक ने एक्स-हैंडल पर 4 मार्च को एक वीडियो पोस्ट किया. इसमें हाईवे पर ट्रक को हिलते और रेतीले पहाड़ से धूल उड़ते हुए दिखता है. इस वीडियो के जरिए नेशनल दस्तक ने सूत्रों का हवाला देते हुए दावा, “ईरान ने परमाणु बम फोड़ा” और यह वीडियो उस घटना का है.

फैक्ट-चेक

ऑल्ट न्यूज़ ने ईरान में परमाणु बम परीक्षण के दावे के बारे में ढूंढा. हालांकि हमें कोई ऐसे आधिकारिक बयान या रिपोर्ट्स नहीं मिली जो परमाणु बम परीक्षण के दावे की पुष्टि कर सके. लेकिन कई रिपोर्ट्स में अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के हवाले से बताया गया कि 3 मार्च को ईरान के गेराश क्षेत्र में 4.3 तीव्रता के झटके महसूस किए गए. भूकंप दोपहर लगभग 12:24 बजे 10 किलोमीटर (6.21 मील) की गहराई पर आया.

न्यूज़ 24 की एक रिपोर्ट के अनुसार, भूकंप से किसी बड़े नुकसान या हताहत की कोई खबर नहीं है साथ ही स्थानीय अधिकारियों ने स्थिति को सामान्य बताया. आगे रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरान के परमाणु परीक्षण के दावे को विशेषज्ञों द्वारा खारिज कर दिया गया. इसके अलावा, व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि संगठन (सीबीटीबीटीओ) के उदाहरण का हवाला देकर कहा गया कि परमाणु परीक्षण विशिष्ट भूकंपीय तरंग पैटर्न उत्पन्न करते हैं जो प्राकृतिक भूकंपों से भिन्न होता है.

हमने जब वीडियो के फ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च किया. हमें यही वीडियो China Global Television Network के अंग्रेजी भाषा के यूट्यूब न्यूज़ चैनल CGTN America पर 15 नवंबर 2021 को अपलोडेड मिला. जिसके कैप्शन और डिस्क्रिपशन में बताया गया है कि ईरान में दो भूकंप आए, जिनमें से एक की तीव्रता 6.4 थी. इसमें कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई. यह वीडियो उस भूकंप के दौरान पहाड़ों से धूल उड़ती और राजमार्ग के किनारे खड़े ट्रक के हिलने को दिखाता है.

यानी, नेशनल दस्तक ने ईरान द्वारा परमाणु बम के परीक्षण के झूठे दावे से नवंबर 2021 में, ईरान में आये भूकंप का पुराना वीडियो शेयर किया.

5. दावा: ईरान हमले से इज़रायल पर कहर

नेशनल दस्तक ने 4 मार्च को एक्स-हैंडल पर वीडियो पोस्ट किया जिसमें कई बड़ी इमारतें टूट-फूट कर ज़मीन पर मलबा बन गई हैं. इसे इज़राइल बताकर पोस्ट किया गया.

फैक्ट-चेक

ऑल्ट न्यूज़ ने वीडियो के फ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च किया. हमें यह वीडियो तुर्की स्थित मीडिया “Daily Sabahके एक्स हैंडल पर 6 फरवरी 2023 को पोस्ट किया मिला. कहरामनमारास के पज़ारसिक जिले में 7.4 तीव्रता का भूकंप आया था, जिससे इमारतें नष्ट हो गईं, दर्जनों लोग मारे गए और सैकड़ों घायल हो गए.

6 फरवरी 2023 को प्रकाशित रिपोर्ट में Anadolu Agency (AA) न्यूज़ ने तुर्की के आपदा एवं आपातकालीन प्रबंधन प्राधिकरण (एएफएडी) ने बताया कि 7.4 तीव्रता का भूकंप 6 फरवरी की सुबह 4.17 बजे आया और इसका केंद्र तुर्की के दक्षिणी प्रांत कहरामनमारास के पज़ारसिक जिले में था. दक्षिणी तुर्की में आए एक भयावह भूकंप के बाद कम से कम 76 लोग के मारे जाने और 440 अन्य घायल होने की जानकारी दी गई थी.

यानी, नेशनल दस्तक जिस वीडियो को ईरान हमले के बाद इज़राइल का बताया वो असल में फरवरी 2023 में तुर्की के पज़ारसिक जिले में आए भूकंप का दृश्य था. और इसका हाल ही में चल रहे पश्चिम एशिया संघर्ष से किसी प्रकार का संबंध भी नहीं है.

6. बहरीन की राजधानी मनामा में ईरान का कहर

नेशनल दस्तक ने एक्स-हैंडल पर 4 मार्च को एक वीडियो शेयर किया जिसमें एक ऊँची इमारत को मिसाइल हमले से नष्ट होते दिखाया गया है और हमले के बाद लोग भागते नज़र आ रहे हैं. नेशनल दस्तक ने इस वीडियो को बहरीन की राजधानी मनामा में ईरान का कहर बताया. साथ ही इसे मनामा का बिल्कुल असली वीडियो बताते हुए लिखा कि X के AI-ग्रोक से वेरीफाई कर पोस्ट किया है.

 फैक्ट-चेक

हमने वीडियो के कुछ की-फ़्रेम को रिवर्स इमेज सर्च किया. हमें यही वीडियो 15 सितंबर 2025 को गाजा के पत्रकार Ismail AL Dahdouh के इंस्ग्राटाम पेज पर अपलोडेड मिला. जिसके कैप्शन में लिखा है, “टावर गिर गया”.

 

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आगे जांच में हमें TRT World न्यूज़ के एक्स-हैंडल पर इस घटना का दूसरे एंगल से लिया गया वीडियो मिला. जानकारी के मुताबिक, “15 सितंबर 2025 को इजरायल ने गाजा शहर की सबसे ऊंची इमारत अल ग़ाफ़री टावर पर हवाई हमला किया. इस टावर में कई मीडिया संस्थान और विदेशी समाचार एजेंसियां ​​स्थित थीं.”

बता दें हालिया संघर्ष में बहरीन में इजरायली दूतावास व बहरीन के मनामा के कई क्षेत्रों और ऊंचे इमारतों को भी निशाना बनाया गया है.

यानी, वीडियो इजरायल द्वारा गाज़ा शहर के अल ग़ाफ़री टावर पर हमला कर नष्ट किये जाने की घटना का है. नेशनल दस्तक ने इसे बहरीन के मनामा हमला का वीडियो बताकर शेयर किया.

7.  दावा: ईरानी मिसाइलें तेल अवीव पर गिरीं

नेशनल दस्तक ने एक्स-हैंडल पर 3 मार्च को एक और वीडियो शेयर किया, जिसमें कुछ जलती हुईं कारें नज़र आ रही हैं और किसी महिला की रोने की आवाज़ भी सुनाई दे रही है. नेशनल दस्तक ने ब्रेकिंग न्यूज़ बताकर वीडियो को इज़राइल के तेल अवीव का बताते हुए लिखा. “ईरानी मिसाइलें तेल अवीव पर गिरीं, ध्यान से सुनो फ़िलिस्तीन के लोगों को रुलाने वालों के रोने की आवाज़ आ रही है”

फैक्ट-चेक

ऑल्ट न्यूज़ ने वीडियो के की-फ्रेम को रिवर्स इमेज सर्च किया. हमें यही वीडियो 9 अक्टूबर 2023 को @AzukaDM नामक एक्स-हैंडल पर अपलोडेड मिला, जिसके कैप्शन में लिखा है, “हमास के रॉकेटों ने इज़राइली शहर अशदोद पर हमला किया”.

साथ ही स्काई न्यूज ने भी 9 अक्टूबर 2023 को इसी वीडियो के साथ इजराइल-हमास युद्ध में अशदोद में रॉकेट गिरने से गाड़ियां जलने की ख़बर दी थी.

हाल में भी ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इज़राइल के तेल अवीव समेत कई क्षेत्रों पर मिसाइल से हमला किया, हमले से कई जान-माल नुकसान की भी खबर भी सामने आयी.

लेकिन ये वीडियो अक्टूबर 2023 में हमास द्वारा इज़राइली शहर अशदोद रॉकेट हमले के बाद का है.

8. दावा: इजरायल के लिए मरने वाले अमेरिकन सैनिक की पत्नी

नेशनल दस्तक ने एक्स-हैंडल पर 4 मार्च को एक वीडियो शेयर किया, जिसमें एक अमेरिकी आर्मी यूनिफार्म पहने व्यक्ति अपने हाथों में एक लेटर और अमेरिकी झंडा लेकर एक महिला के घर जाकर लेटर देता नजर आ रहा है. लेटर देख महिला रो देती है. इस वीडियो को नेशनल दस्तक हालिया पश्चिम एशिया संघर्ष से जोड़कर लिखा, “दुखद, इजरायल के लिए मरने वाले अमेरिकन सैनिक की पत्नी को देखिए.

 फैक्ट-चेक

हमने जब वीडियो के की-फ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च किया, हमें यह वीडियो सोशल मीडिया पर कई सालों से शेयर किया हुआ मिला.

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जांच के दौरान हमें यह वीडियो Kenyon W नामक कंटेंट क्रिएटर के फेसबुक पेज पर 1 सितंबर 2022 को अपलोडेड मिला. यहां कैप्शन में साफ़ लिखा हुआ है कि वीडियो सिर्फ मनोरंजन के उद्देश्य बनाया गया है साथ ही इस पेज के वीडियो में स्क्रिप्टेड ड्रामा, सटायर, पैरोडी, मैजिक ट्रिक्स, पहले से रिकॉर्ड किए गए वीडियो और मनोरंजन के दूसरे तरीके शामिल हैं.

Military wife gets the worst news ever (entertainment purposes only)

Military wife gets the worst news ever (entertainment purposes only)

She got a knock at the door from a fellow soldier of her husband’s. She saw the folded flag and his dogtags and knew this wasn’t good news.

Please be advised that this page’s videos are intended for entertainment purposes only. The videos on this page include scripted dramas, satires, parodies, magic tricks, pre-recorded videos, and other forms of entertainment. Names, characters and incidents are often the product of the director’s imagination, so any resemblance to actual persons or actual events is purely coincidental. This original video was produced by Network Media, LLC and Kenyon W.

Posted by Kenyon W. on Wednesday 31 August 2022

कंटेंट क्रिएटर Kenyon W के फ़ेसबुक पेज को खंगालने पर सेना वाले स्क्रिप्टेड वीडियो के साथ साथ ऐसे ही कई स्क्रिप्टेड वीडियोज़ मौजूद है. इसके अलावा इसमें दिख रही महिला कलाकार के और भी एक्टिंग वाले वीडियो फेसबुक पेज पर अपलोडेड हैं.

यानी, वीडियो कोई वास्तविक घटना का नहीं बल्कि स्क्रिप्टेड है जिसे नेशनल दस्तक द्वारा शेयर करते हुए इजरायल के लिए मरने वाले अमेरिकन सैनिक की पत्नी के रोने का भ्रामक दावा किया गया.

9. AI वीडियो को बताया इज़राइल के तेल अवीव पर हमला

3 मार्च को नेशनल दस्तक ने अपने एक्स-हैंडल पर ईरान द्वारा इज़राइल के शहर तेल अवीव पर हमला का बताकर एक वीडियो शेयर किया. वीडियो में किसी के द्वारा अपने बालकनी से शहर पर कई मिसाइल के हमले और विस्फोट को शूट करते हुए दिखाया गया है.

फैक्ट-चेक

ऑल्ट न्यूज़ ने जब वीडियो को गौर से देखा तो इसमें कई त्रुटियां मिलीं जो अक्सर हमें AI जनरेटेड वीडियो में देखने को मिलती हैं. उदाहरण के लिए वीडियो में दिख रही सड़क पर खड़ी कई कार एक-दूसरे से जुटकर आपस में मिलते हुए दिखाई देती हैं. साथ ही वीडियो में मौजूद बिल्डिंग और उसके छत पर लगे सोलर सभी एक पैटर्न व साफ़-साफ नजर आ रहे हैं जबकि बिल्डिंग से पहले खड़ी कार धुंधली दिख रही हैं. इसके अलावा, मकान के बालकनी में इज़राइल का झंडा दो अलग-अलग हिस्सों में कटा हुआ नज़र आता है. इन सबके अलावा मिसाइल हमलों में मिसाइलों के नीचे गिरने के बनने वाले धुएँ और विस्फोट से बनने वाले धुएँ में एक समान पैटर्न देखने को मिलता है जो कि अन्य मिसाइल हमले के समय निकलने वाले या विस्फोट से निकलने वाले धुएँ से अप्राकृतिक दिखता है.

AI डिडेक्टर टूल की मदद से जाँच करने पर इसे AI जनरेटेड बताया गया.

10. AI वीडियो को बताया इज़राइल पर ईरान के हमले का दृश्य

4 मार्च को नेशनल दस्तक ने अपने एक्स-हैंडल पर इज़राइल पर ईरान द्वारा जवाबी हमला बताकर एक वीडियो शेयर किया. वीडियो में एक व्यक्ति अपने बालकनी से मिसाइल हमले से होने वाले विस्फोट को शूट करते हुए नजर आता है.

फैक्ट-चेक

इस वीडियो में भी ऊपर शेयर किए गए AI वीसीयो जैसा ही समान पैटर्न देखने को मिला. वीडियो में इज़राइली झंडे का दिखना, मिसाइल हमले से होने वाले ब्लास्ट और धुएँ का दिशा, वीडियो में दिख रहा धुआँ से अलग दिशा में जाते हुई दिखता है. साथ ही, धमाके के बाद बनने वाले धुएँ में भी अप्राकृतिक संरचना देखने को मिलती है.

इसके अलावा गौर करने की बात यह हैं कि अक्सर जब भी आसमानी बिजली या धमाके में लाइट (प्रकाश) और साउंड (ध्वनि) निकलती हैं तो पहले प्रकाश दिखता है और उसके कुछ सेकंड बाद ध्वनि या आवाज़ आती है. प्रकाश और ध्वनि में बीच जो समय का अंतर होता है वो दूरी पर निर्भर करता है. क्योंकि प्रकाश ध्वनि से लगभग 10 लाख गुना तेज चलता है. जैसे उदाहरण के रूप में आसमान में बिजली का चमकना जिसके थोड़ी देर बाद गड़गड़ाहट की आवाज़ का आना, तो वही आसमानी रॉकेट फटाके जो आसमान में फुटकर रंग बिरंगी रोशनी देता है और जिसके सेकंड बाद ही फटाके के फूटने की आवाज़ आती है, लेकिन ऐसा कुछ हमें इस वीडियो में देखने को नहीं मिला जहाँ शहर में मिसाइल से ब्लास्ट होने की जगह वीडियो शूट कर रहे जगह में दूरी है, लेकिन वीडियो में मिसाइल ब्लास्ट से एक तेज प्रकाश निकलता है और उसी समय ही धमाके की ध्वनि भी निकलती है.

वीडियो को AI डिडेक्टर टूल की मदद से जाँच करने पर इसे AI जनरेटेड बताया.

11. अमेरिकी सैनिकों के रोने का AI वीडियो

2 मार्च को नेशनल दस्तक ने एक्स-हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें सैनिक हाथ में टूटा मोबाइल फ़ोन लेकर रोता हुआ नज़र आ रहा है. नेशनल दस्तक ने वीडियो के साथ लिखा, “अमेरिकी सैनिक रो रोकर बता रहा है इस्लामाबाद से लेकर बगदाद तक अमरीकी दूतावास में आग लगा दी गई तेहरान में अमेरिकी मिलिट्री बेस पर ईरान का कहर जारी है.”

फैक्ट-चेक

वीडियो को ध्यान से देखने पर हमने पाया कि इसमें दिख रहे सैनिक के चेहरे पर लगे धूल और स्कीन व हाथों की बनावट अप्राकृतिक है. साथ ही रो रहे सैनिक के आँखों से आँसू का बहना भी पानी की धारा सा नज़र आता है जो कि प्राकृतिक आँसू की तरह नहीं हैं. इसके अलावा, टूटे हुए फ़ोन की लंबाई बाक़ी फ़ोन की तुलना में ज़्यादा है. इतना ही नहीं, वीडियो में पीछे दिख रहे दो सैनिक हवा में बैठे नजर आते हैं. AI जनरेटेड वीडियो में अक्सर ऐसी त्रुटियां या ख़ामी देखने को मिलती हैं.

वीडियो को AI डिडेक्टर टूल की मदद से जाँच करने पर इसे AI जनरेटेड बताया गया.

इसके अलावा, बता दें किवीडियो में दिख रहे सैनिक का यूनिफ़ॉर्म, US आर्मी के यूनिफ़ॉर्म से बहुत अलग है. नीचे तस्वीर में आप दोनों यूनिफार्म की तुलना देख सकते है.

12. इज़राइली सैनिकों के रोने का AI वीडियो

4 मार्च को नेशनल दस्तक ने एक्स-हैंडल पर पोस्टेड एक वीडियो में कुछ सैनिक बंकर जैसे स्थान पर डरे-सहमे से बैठे हुए दिख रहे हैं. और बंकर के बाहर मिसाइलें चल रहीं हैं और विस्फोट होते नज़र आ रहे हैं. वीडियो में कुछ सेकंड बाद एक सैनिक रोते हुए दिखाई देता है. नेशनल दस्तक ने वीडियो के साथ बताया कि ईरान के जवाबी हमले के बाद इजरायली सैनिक अब रो रहे हैं.

फैक्ट-चेक

हमने इस वीडियो में भी अक्सर AI जनरेटेड में पायी जानी वाली कई त्रुटियाँ देखी. जैसे सैनिक के हाथ की बनावट अप्राकृतिक दिख रही है, जबकि हाथ और बंदूक (हथियार) दोनों एक दूसरे में समाये हुए नजर आते हैं. बंदूक दिखने में किसी प्लास्टिक खिलौने वाला बंदूक सा नजर आ रहा है. इसके अलावा, जो गौर करने वाली बात है वो है रोते हुए सैनिक के स्किन और चेहरे की बनावट. ये अक्सर AI द्वारा निर्मित किरदार का स्टाइल है. वही कुछ सेकेंड में वीडियो पर जब तीसरा बैठा सैनिक दिखता है तो उसके यूनिफ़ॉर्म में इज़राइली झंडा नहीं बना होता है लेकिन आगे वीडियो में जब उसे रोता दिखाया जाता है तो यूनिफार्म में इज़राइली दिखने वाला एक झंडा बना होता है, जो कि इज़राइली झंडा नहीं है.

वीडियो को AI डिडेक्टर टूल की मदद से जाँच करने पर इसे भी AI जनरेटेड बताया.

हमने जितने भी AI जनरेटेड वीडियो फैक्ट-चेक कियें, उन सभी में हमें एक पैटर्न सामान्य रूप से देखने को मिला. जिस देश पर हमले का वीडियो या जिस देश अमेरिका या इज़राइल के सैनिकों के रोने का वीडियो बताया गया उन सभी AI जनरेटेड वीडियो में उस देश का झंडा कहीं ना कहीं किसी फ्रेम में दिखाया गया है. ऐसा अक्सर AI जनरेटेड वीडियो में कुछ चीज़ों को बार-बार दिखाने या जानबूझकर कुछ अलग दिखाने के लिए अक्सर एक खास प्रॉम्ट का इस्तेमाल करके निर्माण किया जाता है.

नेशनल दस्तक अपने दर्शकों, पाठकों को यह बताता है कि ये हाशिए पर खड़े समाज की आवाज़ बनने का एक प्रयास है. लेकिन इस तरह बिना जिम्मेवारी से सत्यता जांचे भ्रामक और ग़लत खबरों को हाशिए पर खड़े समाज के लोगों तक पहुंचाना ग़लत मेसेज देता है.

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