कर्नाटक भाजपा ने कांग्रेस को निशाना बनाने के लिए फर्ज़ी पत्र ट्वीट किया

कथित रूप से, कर्नाटक कांग्रेस के नेता एम बी पाटिल द्वारा सोनिया गांधी को जुलाई 2017 में लिखा गया एक पत्र, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कर्नाटक राज्य इकाई के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से शेयर किया गया है। इस ट्वीट के अनुसार, इस पत्र में कांग्रेस पार्टी की फूट डालो और राज करो की नीति उजागर हुई है– जिसने कर्नाटक में हिंदू समुदाय के भीतर लिंगायत समुदाय के लिए अलग दर्जा की बात करके हिन्दू समुदाय में अलगाव पैदा किया।

16 अप्रैल की सुबह किए गए इस ट्वीट के अब तक 2,500 से अधिक रिट्वीट और 3,000 से अधिक लाइक हो चुके हैं। इस पत्र का एक अंश यहां नीचे दिया गया है।

“सर्वसम्मत राय है कि 2019 के लोकसभा चुनाव जीतने के लिए, कर्नाटक में आरएसएस को बढ़ने से रोकना और 2018 के विधानसभा चुनावों में भाजपा को हराना आवश्यक है। यह, मुसलमानों और ईसाइयों को उनकी आस्था के आधार पर एकजुट करके; हिंदुओं को जाति/उप-जाति और संप्रदाय और उप/संप्रदाय के आधार पर विभाजित करके प्राप्त किया जा सकता है।”-(अनुवाद)

पहले से खारिज यह झूठा पत्र

यही पत्र, कर्नाटक में विधानसभा चुनाव से पहले, मई 2018 में, व्यापक रूप से प्रसारित किया गया था। फ़र्ज़ी समाचार वेबसाइट पोस्टकार्ड न्यूज ने विशुद्ध रूप से इसी नकली पत्र पर आधारित एक लेख भी प्रकाशित किया था। यह लेख और इस बारे में पोस्टकार्ड न्यूज के संस्थापक महेश विक्रम हेगड़े का ट्वीट भी, बाद में डिलीट कर दिया गया था।

यह पत्र फ़र्ज़ी है। न केवल भाषा और सामग्री ऐसा सुझाते हैं, बल्कि एक त्वरित गूगल खोज से पता चलता है कि ‘ग्लोबल क्रिश्चियन काउंसिल’ और, ‘वर्ल्ड इस्लामिक ऑर्गनाइजेशन’ नामक संगठनों — जिनके साथ राज्य को राजनीतिक रूप से विभाजित करने की कांग्रेस की योजना बताई गई है — का कोई अस्तित्व ही नहीं हैं। इन संगठनों के नाम मनगढ़ंत हैं।

इसके अलावा, ऑल्ट न्यूज़ से एक बातचीत में एम बी पाटिल ने पुष्टि की कि यह पत्र फ़र्ज़ी है। ऑल्ट न्यूज़ की पहले की तथ्य-जांच यहां पढ़ी जा सकती है।

रिपब्लिक टीवी ने लेख प्रकाशित किया, हटाया

अंग्रेजी समाचार चैनल रिपब्लिक टीवी ने शुरू में इस पत्र के बारे में इन शब्दों के साथ एक लेख प्रकाशित करके बताया, “सनसनीखेज : भाजपा ने जाति और धर्म को बांटने और जीतने की विस्फोटक योजना रखते हुए सोनिया गांधी को संबोधित 2017 के कांग्रेस के कथित रणनीतिक पत्र को पत्र साझा किया।” – (अनुवाद)

यह लेख अब रिपब्लिक TV के वेबसाइट पर नहीं है। कुछ ही समय बाद, रिपब्लिक टीवी ने पत्र को ‘फ़र्ज़ी’ कहते हुए अपने रिपोर्ट को अपडेट किया। यह ध्यान देने योग्य है कि यह पत्र पहले खारिज किया जा चुका है — इस तथ्य के बावजूद, यह अद्यतन करने की प्रकृति में था।

लोकसभा चुनाव चल रहा है और कर्नाटक में दूसरे चरण में 18 अप्रैल को और आगे मतदान होने वला है ऐसे में इस तरह की पहले से खारिज़ सूचनाओं को फैलाए जाने का प्रयास किया जा रहा है।

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