[डिस्क्लेमर: बाल शोषण से सबंधित इस वीडियो में काफ़ी हिंसा होने की वज़ह से इस रिपोर्ट में वीडियो को शामिल नहीं किया गया है.]

एक बच्ची की पिटाई कर रहे एक व्यक्ति का वीडियो व्हाट्सऐप पर काफ़ी शेयर किया जा रहा है. व्यक्ति को बच्ची के पैर, छाती और हाथ पर खड़े होते हुए देखा जा सकता है. हालांकि, अपराधी का चेहरा नहीं दिखता है, उसके बाएं पैर पर एक टैटू देखा जा सकता है. सोशल मीडिया पर किए गये दावे के मुताबिक, वीडियो में दिख रहा व्यक्ति गुजरात के वलसाड के डीपीएस राजबाग में पढ़ाने वाला शकील अहमद अंसारी है. व्हाट्सऐप ने इस मेसेज़ और वीडियो को “कई बार फ़ॉरवर्ड” किए जाने का लेबल दिया है.

ऑल्ट न्यूज़ के व्हाट्सऐप नंबर (+91 76000 11160) और आधिकारिक मोबाइल अप्लिकेशन (iOS और एंड्रॉइड) पर इस दावे की सच्चाई जानने के लिए कई रिक्वेस्ट मिलीं.

[वायरल टेक्स्ट: आप के व्हाट्सऐप पे जितने भी नंबर एवं ग्रुप हैं एक भी छूटने नही चाहिए, ये वीडियो सबको भेजिए ये वलसाड के DPS SCHOOL Rajbag का टीचर शकील अहमद अंसारी है इसको इतना शेयर करो की ये टीचर और स्कूल दोनों बंद हो जाए. वीडियो वायरल होने से काफी फ़र्क पड़ता है ओर कार्यवाही होती है जिसे दया न आये वो अपना मुंह (टाइपिंग) बंद रखे]

ऊपर बताए गए दावे के अलावा कुछ अन्य मेसेज़ से भी यूज़र्स से इस वीडियो को शेयर करने का अनुरोध किया है ताकि इसे पीएम नरेंद्र मोदी के ध्यान में लाया जा सके.

वीडियो भारत का नहीं है

चूंकि वीडियो में बच्ची को पुरुष नहीं बल्कि महिला पीट रही है, इसलिए शकील अहमद अंसारी के अपराधी होने का दावा ग़लत है. आगे जांच करने पर हमने देखा कि वीडियो भारत का भी नहीं है.

2019 में यूके स्थित मीडिया आउटलेट्स मेट्रो और मिरर ने वायरल वीडियो पर रिपोर्ट पब्लिश की थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, उस समय ये वीडियो इस दावे के साथ काफ़ी शेयर किया गया था कि ये यूएस के शहर टेक्सस में कॉर्पस क्रिस्टी का है. मेट्रो की रिपोर्ट के मुताबिक, हो सकता है कि महिला ने ये वीडियो एक निजी फ़ेसबुक ‘वॉच’ पार्टी पर अपलोड किया हो जिसमें दर्शकों को ज्वाइन होने के लिए इनवाइट किया जाता है.

मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक, कॉर्पस क्रिस्टी पुलिस का मानना ​​था कि ये घटना 2018 में मैक्सिको के न्यूवो लियोन में हुई थी. पुलिस ने इस बात पर भी जोर दिया कि महिला के बाएं पैर पर आसानी से पहचाना जा सकने वाला टैटू है.

8 नवंबर, 2019 को कॉर्पस क्रिस्टी पुलिस ने ट्वीट कर इस शख्स की पहचान करने में लोगों से मदद मांगी.

तीन दिन बाद पुलिस ने एक अपडेट शेयर किया, “इस समय घटना के बारे में सभी संकेत यही बता रहे हैं कि ये घटना हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं बल्कि मेक्सिको के न्यूवो लियोन में हुई थी. हमें ये भी जानकारी मिली है कि घटना एक साल पहले हुई होगी.”

इससे पहले बनारस में CAA विरोध प्रदर्शन के दौरान एक कार्यकर्ता के इंटरव्यू की क्लिप को इस झूठे दावे के साथ शेयर किया गया था कि वो गुजरात के वलसाड के डीपीएस राजबाग के शिक्षक शकील अहमद अंसारी हैं. डीपीएस राजबाग गुजरात में नहीं बल्कि जम्मू-कश्मीर में स्थित है. 2019 में, ऑल्ट न्यूज़ ने डीपीएस स्कूल राजबाग के बारे में तीन झूठे दावों को ख़ारिज किया था.


मीडिया ने राकेश टिकैत का अधूरा बयान दिखाकर कहा कि उन्होंने मीडिया को धमकी दी, देखिये :

ग़लत
दावा:
जरात के 'DPS राजबाग' का शिक्षक शकील अहमद अंसारी बच्ची पर अत्याचार कर रहा.

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