नरेंद्र मोदी के विरोध में नारे लगाते और खालिस्तान समर्थक झंडे लिये सिखों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफ़ी शेयर किया जा रहा है. वीडियो में नारेबाज़ी के अलावा, कई लोग भारतीय झंडे को तोड़ते हुए देखे जा सकते हैं. कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने ये वीडियो किसान आंदोलन से जोड़ते हुए पोस्ट किया.

किसान आंदोलन को बदनाम करने के लिए ट्विटर यूज़र @sandeep_titan ने इस वीडियो को पोस्ट करते हुए लिखा, ”हम तो पहले दिन से कह रहे हैं की है किसान आंदोलन नहीं है परंतु कुछ लोगों के चश्मा बहुत बड़ा चढ़ा हुआ है…” इस वीडियो को करीब एक लाख बार देखा गया.

इस वीडियो को अरुण पुदुर ने भी ट्वीट किया था. उन्होंने पहले भी कई ग़लत सूचनाएं शेयर की हैं.

ऑल्ट न्यूज़ के व्हाट्सऐप नंबर (+91 76000 11160) और आधिकारिक मोबाइल एप्लिकेशन (iOS और एंड्रॉयड) पर इस दावे की सच्चाई जानने के लिए कई रिक्वेस्ट मिलीं.

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वीडियो वेरिफ़िकेशन

वायरल वीडियो में 17 सेकेंड पर हमें नीले रंग का पुलिस बैरिकेड दिखा. गूगल पर एक कीवर्ड सर्च ‘blue police barricade’ से हमें यूएस के कई शहरों की तस्वीरें अलग-अलग स्टॉक इमेज वेबसाइटों पर मिलीं. नीचे, वायरल वीडियो में दिख रहे बैरिकेड और अलेमी पर दी गई तस्वीर में समानता देखी जा सकती है. शिकागो और बॉस्टन पुलिस के बैरिकेड्स भी इसी तरह के हैं.

कई रिवर्स इमेज सर्च करने के बाद भी हमें इस वीडियो से सबंधित कुछ नहीं मिला. हालांकि कीवर्ड सर्च से हमें @nriherald नामक यूज़र का एक ट्वीट मिला. जिसमें लिखा है कि वीडियो पीएम नरेंद्र मोदी की तीन दिवसीय यात्रा (22 से 25 सितंबर) के दौरान न्यूयॉर्क का है. अपनी यात्रा के अंतिम दिन नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया था.

हमने फ़ेसबुक पर उर्दू में एक और कीवर्ड सर्च किया जिससे हमें पाकिस्तान स्थित न्यूज़ आउटलेट HUM न्यूज़ का एक प्रसारण मिला.

पाकिस्तान की मीडिया आउटलेट HUM न्यूज़ के 26 सितंबर को पब्लिश किये गए वीडियो में 26 सेकंड पर हमने उन दो लोगों की पहचान की. (पहला व्यक्ति गहरे हरे और काले रंग की कैमोफ़्लाज टी-शर्ट में है और दूसरा हरे रंग की चेक शर्ट में) जिसे वायरल वीडियो के पहले फ़्रेम में देखा गया था. रिपोर्ट के मुताबिक, ये विरोध  प्रदर्शन न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र कार्यालय के पास हुआ था.

हमने फ़ेसबुक पेज VOSA TV द्वारा प्रसारित वीडियो में भी 1 मिनट 21 सेकेंड पर उसी व्यक्ति को देखा. इस रिपोर्ट के अनुसार भी ये घटना न्यूयॉर्क में हुई थी.

कुल मिलाकर, खालिस्तान समर्थकों द्वारा न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र कार्यालय में पीएम मोदी की यात्रा के आसपास विरोध प्रदर्शन का एक वीडियो भारत में किसान आंदोलन से जोड़कर शेयर किया गया.


मीडिया ने राकेश टिकैत का अधूरा बयान दिखाकर कहा कि उन्होंने मीडिया को धमकी दी, देखिये :

ग़लत
दावा:
किसान प्रदर्शन के दौरान पीएम मोदी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे खालिस्तानी समर्थक.

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