सोशल मीडिया में भाजपा का झंडा जलाए जाने की एक तस्वीर काफ़ी शेयर की जा रही है. जाने-माने धार्मिक गुरु और कांग्रेस से जुड़े राजनेता आचार्य प्रमोद ने 15 जुलाई 2020 को ये तस्वीर ट्वीट करते हुए लिखा, “ब्राह्मणों ने जलाया “भाजपा” का झंडा…………जय जय परशुराम.” आर्टिकल लिखे जाने तक इस ट्वीट को 19 हज़ार से ज़्यादा बार लाइक और 4 हज़ार से ज़्यादा बार रीट्वीट किया जा चुका है. आचार्य प्रमोद ने ये तस्वीर अपने फ़ेसबुक पेज पर भी इसी मेसेज के साथ पोस्ट की है. (ट्वीट का आर्काइव लिंक)

खुद को इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश के कन्हैया लाल जगदीश प्रसाद शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान के निर्देशक बताने वाले नागेंद्र शुक्ला ने यही तस्वीर इसी मेसेज के साथ शेयर की.

इस तस्वीर और मेसेज को ट्विटर और फ़ेसबुक पर धड़ल्ले से शेयर किया जा रहा है.

इसके अलावा, ये तस्वीर बिहार की बताते हुए भी शेयर हो रही है. यूज़र्स दावा कर रहे हैं कि गृहमंत्री अमित शाह की डिजिटल रैली के बाद बिहार की जनता ने गुस्सा व्यक्त करते हुए भाजपा झंडे जलाए हैं. फ़ेसबुक पेज ‘बीआरसीएस इन्टरनेशनल’ ने ये तस्वीर 13 जून 2020 को बिहार की बताते हुए शेयर की थी जबकि इसी पेज ने 16 जुलाई 2020 को ब्राह्मण समाज के झंडा जलाने के मेसेज के साथ ये तस्वीर फिर से पोस्ट की थी. इस तस्वीर को ट्विटर पर ख़ूब शेयर किया गया है.

फ़ैक्ट-चेक

आचार्य प्रमोद के ट्वीट पर रिप्लाई करते हुए एक यूज़र ने 20 नवंबर 2018 की एक न्यूज़ पेपर क्लिप को शेयर किया. इस क्लिप में वायरल तस्वीर को देखा जा सकता है. क्लिप में तस्वीर के ऊपर एक हेडलाइन लिखी हुई है – “Zila News News – सोमवार को भाजपा की पांचवी सूची में कोटपूतली सीट पर जब मुकेश गोयल का नाम आया तो हंसराज पटेल ने बागी उम्मीदवार के…”

तस्वीर के ऊपर ‘भास्कर न्यूज़ नेटवर्क’ लिखा हुआ है. की-वर्ड्स सर्च करने पर हमें 20 नवंबर 2018 की भास्कर की एक रिपोर्ट मिली. फ़िलहाल ये रिपोर्ट खुल नहीं रही है.

यूट्यूब पर सर्च करने पर हमें इस घटना के कई वीडियोज़ मिले हैं. यूट्यूब चैनल ‘Lokvarta’ ने हंसराज पटेल के समर्थकों द्वारा भाजपा झंडे जलाने का वीडियो 20 नवंबर 2018 को अपलोड किया था. इन वीडियोज़ के मुताबिक, ये पूरा मामला कुछ इस तरह है – जयपुर की कोटपूतली सीट पर भाजपा ने हंसराज पटेल का टिकट काटकर मुकेश गोयल को उम्मीदवार बना दिया. इसका विरोध करते हुए हंसराज पटेल ने पार्टी छोड़ कर कार्यालय के बाहर भाजपा के झंडे जलाए. हंसराज पटेल ने इस चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल किया.

इसके अलावा, उपरोक्त वीडियो और वायरल इमेज एक ही घटना के हैं. ये बात नीचे दिए गए तस्वीर और वीडियो के एक फ़्रेम के मिलान को देखने से साफ़ हो जाती है.

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19 नवंबर 2018 को ज़ी राजस्थान ने भी हंसराज पटेल के भाजपा झंडे जलाने की खबर ट्वीट की थी. 2018 के विधानसभा चुनाव में हंसराज पटेल ने निर्दलीय चुनाव लड़ा और हार गए. कोटपूतली सीट से कांग्रेस के राजेंद्र सिंह यादव ने चुनाव जीता.

इस तस्वीर का फ़ैक्ट-चेक विश्वास न्यूज़ ने पहले भी 7 मई 2019 को किया था जब ये सिवान ज़िले में ब्राह्मणों द्वारा भाजपा के झंडे जलाने के दावे से शेयर हो रही थी.

इस तरह नवंबर 2018 में भाजपा से टिकट न मिलने से नाराज़ हुए हंसराज पटेल और उनके समर्थकों ने भाजपा के झंडे जलाए जिसकी तस्वीर अब शेयर की जा रही है. इसे शेयर करते हुए झूठा दावा किया गया है कि ब्राह्मणों ने बीजेपी के झंडे जलाए हैं. ऐसे सभी दावे ग़लत हैं.

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