“बड़ी मुश्किल से विडियो ढूंढा है, ये 1998 का इन्टरव्यू है जिसमे साहब खुद कह रहे है हाई स्कूल तक पढा हूँ, लेकिन आज साहब के पास ग्रेजुएशन की डिग्री है जो 1979 मे किया था !!” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुराने इंटरव्यू के क्लिप के साथ कांग्रेस पार्टी के सोशल मीडिया प्रमुख दिव्या स्पंदना ने ट्वीट किया। अब तक, उनके ट्वीट को 11,000 से अधिक लाइक और 5,300 रीट्वीट मिले हैं। इसे 92,000 से अधिक बार देखा गया है।
बड़ी मुश्किल से विडियो ढूंढा है, ये 1998 का इन्टरव्यू है जिसमे साहब खुद कह रहे है हाई स्कूल तक पढा हूँ, लेकिन आज साहब के पास ग्रेजुएशन की डिग्री है जो 1979 मे किया था !! pic.twitter.com/zr2DLBDv6i
— Divya Spandana/Ramya (@divyaspandana) September 18, 2018
स्पंदना ने जो वीडियो क्लिप शेयर किया है, ऑल्ट न्यूज़ ने इसपर छह महीने पहले ही रिपोर्ट लिखी थी, जिसमें दिखाया गया था कि पीएम द्वारा खुद हाई स्कूल तक अध्ययन करने का दावा दिखलाने के लिए इस वीडियो को क्लिप किया गया था। यह क्लिप किया गया वीडियो कम से कम तीन वर्षों से सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। हमें नवंबर 2015 के वीडियो क्लिप का उदाहरण मिला। उसी वीडियो के लंबे संस्करण में, मोदी कहते हैं कि उन्होंने दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से बीए और एमए किया था।
ऑल्ट न्यूज़ द्वारा लेख पोस्ट करने के बाद दिव्या स्पंदना ने अपनी गलती को स्वीकार किया कि यह वास्तव में मूल वीडियो का एक क्लिप संस्करण था, लेकिन उन्होंने उस ट्वीट को नहीं हटाया।
So that’s not the entire clip! Whatsapp 🤦🏽♀️ https://t.co/NwfJWQcbsQ
— Divya Spandana/Ramya (@divyaspandana) September 18, 2018
एआईसीसी की संयुक्त सचिव और एनएसयूआई प्रभारी रुचि गुप्ता ने 17 सितंबर, 2018 को वही वीडियो शेयर किया था, जिसे एनएसयूआई के आधिकारिक हैंडल से रीट्वीट किया गया था।

राजनीतिक दल अक्सर झूठे आरोप लगाने के लिए जल्दबाजी में सोशल मीडिया पर शेयर की गई असत्यापित सामग्री का उपयोग कर बैठते हैं। यह उदाहरण कोई अलग नहीं था। इंटरनेट पर अगर थोड़ी सी खोज की जाती तो इस वीडियो की सच्चाई सामने आ जाती।





