राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए एक ग्राफ़िक ट्वीट किया. ग्राफ़िक में राजीव गांधी के हवाले से एक विवादित कोट दिया गया है, “जब एक बड़ा पेड़ गिरता है, तो ज़मीन हिलती है. (When a big tree falls, the ground shakes)” ज्ञात हो कि पूर्व प्रधानमंत्री ने ये बयान इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए सिख नरसंहार को लेकर दिया था.

बाद में उन्होंने ये विवादित ट्वीट डिलीट कर दिया और ऐसे ही इन्फ़ोग्राफ़िक में राजीव गांधी का विकास को लेकर दिए गए बयान को कोट किया.
— Adhir Chowdhury (@adhirrcinc) May 21, 2022
इस ट्वीट के बाद अधीर रंजन चौधरी ने आरोप लगाया कि इस विवादास्पद ट्वीट का उनसे कोई लेना-देना नहीं है. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि उनके विरोधियों ने उनके खिलाफ दुर्भावनापूर्ण अभियान शुरू किया है. (आर्काइव लिंक)
a malicious campaign is propagated by those forces inimical to me.
— Adhir Chowdhury (@adhirrcinc) May 21, 2022
कई लोगों ने वायरल स्क्रीनशॉट को फ़र्जी बताया.
विवादास्पद ट्वीट की सच्चाई क्या है?
हमने देखा कि पत्रकार आदित्य मेनन ने अधीर रंजन के पुराने ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा था, “क्या इस शर्मनाक कोट को मनाया जाना चाहिए?” (आर्काइव लिंक)

हमने ट्वीट के लिंक को सर्च किया तो पाया कि कई लोगों ने इसे कोट ट्वीट किया था. ध्यान देने वाली बात ये है कि जिन्होंने भी इस ट्वीट को कोट ट्वीट किया था, उनके कोट्स तो मौजूद हैं, लेकिन असल ट्वीट डिलीट हो चुका है.

वायरल स्क्रीनशॉट में टाइम (11:27 AM) देखा जा सकता है. वहीं दूसरी ट्वीट का टाइमिंग (11:54 AM) है. हमने UNIX Epoch Time की मदद से ट्विटर पर 11:27 AM से 11:54 AM के बीच के टाइमफ़्रेम में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी के ट्वीट पर दिए गए जवाब ढूंढे. हमें उनके डिलीटेड ट्वीट पर किये गए कई जवाब मिलें.

इस ट्वीट पर टाइम्स नाउ के पत्रकार सिद्धार्थ शेखर ने भी जवाब दिया था. इन्होंने अधीर रंजन चौधरी के ट्वीट (अब डिलीटेड) के जवाब में ‘ट्वीट स्टाम्प’ को मेंशन किया. ट्वीट स्टाम्प ने अधीर रंजन चौधरी के ट्वीट का स्नैपशॉट कैप्चर कर उसका लिंक दिया था. (ट्वीट स्टाम्प का लिंक). ज्ञात हो कि ‘ट्वीट स्टाम्प’ एक ट्विटर बाॅट है जिसे मेंशन करने पर बाॅट उस ट्वीट का डाटा कैप्चर कर लेता है जिसके रिप्लाय में इसे मेंशन किया जाता है.

ऑल्ट न्यूज ने ‘ट्वीट स्टाम्प’ का लिंक चेक किया तो उसमें डिलीटेड ट्वीट के अन्य डीटेल्स के साथ वायरल ग्राफ़िक का लिंक भी दिया गया था. ये वही ग्राफ़िक है जिसे अधीर रंजन चौधरी के आधिकारिक हैंडल से ट्वीट किया गया था और बाद में डिलीट कर दिया गया. इस लिंक पर उनका डिलीटेड इन्फ़ोग्राफ़िक देखा जा सकता है जो इस आर्टिकल के लिखे जाने तक लाइव है.

कुल मिलाकर, ऑल्ट न्यूज़ ने पाया कि कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने जिस ट्वीट के बारे में दावा किया कि विवादित ट्वीट उनका नहीं है, असल में वो ट्वीट उनके आधिकारिक हैंडल से किया गया था. लेकिन बाद में उन्होंने इसे डिलीट कर बिलकुल वैसे ही ग्राफ़िक के साथ दूसरा ट्वीट किया. एक रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने नई दिल्ली में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और कहा कि उनका ट्विटर अकाउंट हैक कर लिया गया था.





