हल्दीराम कंपनी को लेकर सोशल मीडिया पर एक दावा वायरल है. वायरल दावे के मुताबिक, हल्दीराम कंपनी अब मुसलमानों के अधीन है. यानी, अब इस कंपनी का मालिक मुस्लिम व्यक्ति है. मेसेज में लिखा है कि हल्दीराम की नमकीन बनाने की दुकान थी. उनके बेटे घासी लाल ने बाद में नमकीन की फैक्ट्री खोल दी. आगे दावा किया गया है कि अब घासी लाल के बेटे योगेश व नरेश खण्डेलवाल ने ये फैक्ट्री एक मुस्लिम व्यक्ति को बेच दी है. ये मेसेज शेयर करते हुए लोगों से हल्दीराम का आर्थिक बहिष्कार करने की अपील की जा रही है.

एक फ़ेसबुक यूज़र ने ‘कंगना रनौत’ नाम के एक ग्रुप में ये मेसेज शेयर किया.

और भी कई फ़ेसबुक यूज़र्स ने ये मेसेज पोस्ट किया है. (लिंक 1, लिंक 2)

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ट्विटर पर भी ये मेसेज काफी शेयर किया गया है.

फ़ैक्ट-चेक

इस दावे की असलियत का पता लगाने के लिए ऑल्ट न्यूज़ ने की-वर्ड्स सर्च किया. लेकिन हमें हल्दीराम कंपनी को बेचने के दावे की पुष्टि करती कोई ख़बर नहीं मिली.

आगे, ऑल्ट न्यूज़ ने हल्दीराम कंपनी की वेबसाइट चेक की. वेबसाइट के अबाउट सेक्शन में बताया गया है कि गंगा बिशन अग्रवाल (हल्दीराम जी) ने बीकानेर में एक छोटी सी नमकीन की दुकान खोली थी. नमकीन की लोकप्रियता को देखते हुए गंगा बिशन अग्रवाल के पोते शिव किशन अग्रवाल ने इसे एक बड़े व्यवसाय में बदल दिया. उन्होंने 1970 में नागपूर में पहला पूरा प्रॉडक्शन यूनिट खोला था. और बाद में ये सिलसिला बढ़ता ही गया.

गूगल पर हल्दीराम कंपनी के मालिक के बारे में सर्च करते हुए हमें फ़ोर्ब्स की एक रिपोर्ट मिली. आर्टिकल में गंगा बिशन अग्रवाल का फ़ैमिली ट्री भी दिया गया है. उनके परिवार में घासी लाल के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है. और न ही नरेश और योगेश खण्डेलवाल के बारे में कुछ बताया गया है. यानी, मेसेज में शामिल नाम काल्पनिक हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक, गंगा बिशन (हल्दीराम) के 2 बेटे थे. हल्दीराम ने अपने दोनों बेटे, मूलचंद और रामेश्वरलाल के साथ मिलकर 1950 की दशक में कोलकाता में बिजनेस को फैलाया. ये काफी सफल रहा. और आगे के 3 दशक में मूलचंद के बेटे शिव किशन अग्रवाल ने नागपुर और फिर दिल्ली में मूलचंद के छोटे बेटे मनोहर लाल अग्रवाल और मधुसूदन अग्रवाल ने बिजनेस फैलाया.

14 अप्रैल 2022 की मनीकंट्रोल की रिपोर्ट में हल्दीराम के चेयरमैन मनोहरलाल अग्रवाल के हवाले से बताया गया था कि कंपनी जल्द ही IPO लॉन्च करेगी. मनोहरलाल अग्रवाल ने CNBC-TV18 को दिए एक इंटरव्यू में ये बातें कही थी. उन्होंने कंपनी को बेचने की कोई बात नहीं कही है. इससे अलग उन्होंने कंपनी को आगे बढ़ाने की बात कही थी.

मिनिस्ट्री ऑफ़ कॉर्पोरेट अफ़ैर्स की वेबसाइट चेक करने पर ऑल्ट न्यूज़ को दिल्ली, नागपूर और कोलकाता में मौजूद हल्दीराम की 3 कंपनियों के डायरेक्टर्स की लिस्ट मिलीं. डायरेक्टर्स की लिस्ट में एक भी नाम मुस्लिम व्यक्ति का नहीं है.

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कुछ दिनों पहले इस सुदर्शन न्यूज़ के एडिटर-इन-चीफ़ सुरेश चव्हाणके ने हल्दीराम पर आरोप लगाया कि कंपनी ने पैकेट पर उर्दू में लिखकर कोई जानकारी छुपाने की कोशिश की है. और इसके पीछे किसी साजिश की आशंका जताई गई. जबकि पश्चिमी एशियाई देशों में निर्यात करने की वजह से अरबी भाषा में जानकारी लिखना एक आम बात है.

कुल मिलाकर, सोशल मीडिया पर हल्दीराम कंपनी का मालिक मुस्लिम समुदाय से होने का झूठा दावा किया गया. और साथ में इस झूठे दावे का हवाला देकर लोगों से इस कंपनी के उत्पादों का बहिष्कार करने की अपील की.

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