सोशल मीडिया पर 2 तस्वीरें शेयर करते हुए दावा किया गया कि बांग्लादेश के क्रिकेटर शाकिब अल हसन और उनकी पत्नी ने अपने शहर में एक मस्जिद बनवाई है. पहली तस्वीर शाकिब अल हसन और उनकी पत्नी की शादी के वक़्त की है जबकि दूसरी तस्वीर में एक बड़ी ईमारत दिखती है. दावा किया जा रहा है कि ये मस्जिद बनवाने के लिए शाकिब ने 90 लाख रुपये दिए. ये तस्वीरें शेयर कर यूज़र्स शाकिब की खूब तारीफ़ कर रहे हैं. फ़ेसबुक ग्रुप ‘मौलाना साद साहब के चाहने वालों का ग्रूप’ में ये तस्वीरें इसी दावे के साथ शेयर की गई हैं. आर्टिकल लिखे जाने तक इस पोस्ट को 10 हज़ार बार लाइक और 500 से ज़्यादा बार शेयर किया जा चुका है.

ट्विटर यूजर डॉ. मोहम्मद शाकिर खान ने ये तस्वीरें इसी दावे के साथ ट्वीट की. (आर्काइव लिंक)

फ़ेसबुक पर ये तस्वीरें वायरल है. व्हाट्सऐप पर भी ये तस्वीरें इसी दावे के साथ शेयर की गई हैं.

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फ़ैक्ट-चेक

गूगल पर की-वर्ड्स सर्च करने पर हमें ऐसी कोई मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली जिसमें बांग्लादेश के क्रिकेटर शाकिब अल हसन और उनकी पत्नी के मस्जिद बनवाने की खबर दी गई हो. आम-तौर पर मीडिया आउटलेट्स जाने-माने लोगों से जुड़ी खबरें ज़रूर पब्लिश करते हैं.

इसके अलावा, मस्जिद की बताकर जो तस्वीर शेयर की जा रही है वो असल में यूक्रेन के एक रेलवे स्टेशन की है. रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें मालूम हुआ कि ये तस्वीर यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर हुरकीव (हारकीव) के रेलवे स्टेशन की है. गूगल पर इस रेलवे स्टेशन की काफ़ी तस्वीरें मौजूद हैं जिन्हें देखने पर साफ़ हो जाता है कि ये किसी मस्जिद की तस्वीर नहीं बल्कि यूक्रेन के रेलवे स्टेशन की तस्वीर है.

‘iuic.info’ जो अलग-अलग शहरो से जुड़ी जानकारियां शेयर करती है, ने हुरकीव रेलवे स्टेशन की एक तस्वीर शेयर की है. ये तस्वीर वायरल तस्वीर से हूबहू मिलती है. ये बात आप नीचे इन दोनों तस्वीरों की तुलना में भी देख सकते हैं.

गूगल स्ट्रीट व्यू की मदद से भी ये बात साफ़ होती है ये कि ये तस्वीर यूक्रेन के हुरकीव रेलवे स्टेशन की ही है.

कुल मिलाकर, यूक्रेन के रेलवे स्टेशन की तस्वीर शेयर करते हुए झूठा दावा किया गया कि बांग्लादेश के क्रिकेटर शाकिब अल हसन ने अपने शहर में मस्जिद बनवाई है. जबकि शाकिब के मस्जिद बनवाने की कोई भी खबर मीडिया में नहीं है.


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