भारतीय मीडिया ने शुक्रवार, 9 जनवरी को रिपोर्ट किया कि पाकिस्तानी डिप्लोमैट ‘आगा’ हिलाली ने माना है कि 26 फ़रवरी, 2019 को हुई बालाकोट एयरस्ट्राइक में पाकिस्तान में 300 मौतें हुई थीं. बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद मीडिया ने ‘शीर्ष सरकारी स्रोतों’ का हवाला देते हुए दावा किया था कि पाकिस्तान की तरफ़ इस हमले में 300 आतंकी मारे गए थे. बता दें कि रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने साफ़ तौर पर ये कहा था कि हताहतों की संख्या जारी नहीं की जाएगी. इसके बाद अंतर्राष्ट्रीय मीडिया ने रिपोर्ट किया था कि इस हमले में किसी की मौत नहीं हुई थी.

ये स्टोरी ANI, रिपब्लिक, द टाइम्स ऑफ़ इंडिया, मनी कंट्रोल, WION, हिंदुस्तान टाइम्स, नॉर्थईस्ट नाउ, ओडिशा टीवी,जागरण, स्वराज्य, लोकमत, वन इंडिया, डेक्कन हेरल्ड, बिज़नेस टुडे, लाइव मिंट, DNA, द क्विंट,न्यूज़18 इंडिया, HW न्यूज़, इंडिया टुडे, CNBC TV18, ABP न्यूज़, NDTV, इंडिया टीवी,ज़ी न्यूज़,दैनिक भास्कर, फ्री प्रेस जर्नल और पत्रकार दीपक चौरसिया समेत कई अन्य आउटलेट्स ने रिपोर्ट की. इनमें से कई रिपोर्ट्स ANI की स्टोरी ही हैं जिसे दोबारा पब्लिश कर दिया गया है.

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रिपोर्ट्स में लिखा है कि आगा हिलाली ने एक टीवी न्यूज़ डिबेट के दौरान कहा, “भारत ने इंटरनेशनल बाउंड्री क्रॉस करके जो किया वो एक ऐक्ट ऑफ़ वॉर था जिसमें कम से कम 300 लोगों की मौत हुई थी. हमारा टार्गेट उनसे अलग था. हमने उनके हाई कमांड को टारगेट किया था. वो हमारा मुख्य टार्गेट था क्यूंकि वहां सेना के लोग थे. हमने चुपचाप ये क़ुबूल कर लिया कि जो सर्जिकल स्ट्राइक हुई, जो थोड़ा सा ऐक्शन हुआ, उसमें कोई मारा नहीं गया. इस तरह से हमने उन्हें ये बता दिया कि वो चाहे जो करें, हम मामला बड़ा होने ही नहीं देंगे.”

वीडियो का एक हिस्सा काट कर, एडिट कर दिखाया गया

हमने इस डिबेट का पूरा वीडियो यूट्यूब पर देखा जिसे HUM न्यूज़ ने अपलोड किया है. ये बहस एक शो, ‘एजेंडा पाकिस्तान’ का हिस्सा थी. इस बहस का विषय था, “क्या सर्जिकल स्ट्राइक के अल्फ़ाज़ पाकिस्तान को इस्तेमाल करने चाहिए?” ज़फ़र हिलाली ने वीडियो में 4:17 मिनट के आस-पास जवाब देना शुरू किया. करीब 5:14 मिनट पर वो कहते हैं, “भारत ने जो किया इंटरनेशनल बाउंड्री क्रॉस करके वो एक ऐक्ट ऑफ़ वॉर था जिसमें उन लोगों ने कम-से-कम 300 लोगों ने मारना था.”

इसके बाद 5:29 मिनट पर अगले वाक्य में वो भारतीय सेना के हमले को विफल बताते हुए कहते हैं, “इत्तेफ़ाकन वो नहीं मरे, हमने (भारत ने) एक फ़ुटबॉल फ़ील्ड को बॉम्ब किया.”

शुरू से वीडियो देखने पर हमें पता चलता है कि भारत मीडिया में जो हिस्सा वायरल हुआ उससे पहले ज़फ़र हिलाली ने 4:30 मिनट पर कहा, “आपने आके एक मदरसा को, बकौल आपके, आपका इंटेंशन ये था कि एक मदरसा में जिधर 300 बच्चे, बकौल आपके, पढ़ रहे थे, उधर आके अपने स्ट्राइक करना था. इसके माने 300 लोगों को आपने मारने का इरादा रखा था, आपने. 300 लोगों का. वो थे नहीं, वो ग़लत था, वो हुआ नहीं तो इसलिए हम जाके एक… फ़ुटबॉल फ़ील्ड में जाके… अपना बम फेंक दिया हमने.” यहां ज़फ़र हिलाली भारतीय सेना के कथित इरादों की बात कर रहे थे. यानी, ज़फ़र को ऐसा लगता है कि भारतीय सेना 300 लोगों को मारने के इरादे से आई थी और ऐसा नहीं हो सका.

वीडियो में ये हिस्सा सुनकर पता चल जाता है कि पाकिस्तानी डिप्लोमैट ने किसी भी मौके पर बालाकोट एयरस्ट्राइक में 300 लोगों के मारे जाने की बात नहीं कही है.

इस दावे की शुरुआत कैसे हुई?

किसी भी मीडिया ऑर्गेनाइज़ेशन ने अपनी रिपोर्ट में ओरिजिनल वीडियो का कोई ज़िक्र नहीं किया है. लेकिन रिपब्लिक और नॉर्थ-ईस्ट नाउ ने अपनी रिपोर्ट्स में एक ट्विटर यूज़र का वीडियो ट्वीट लगाया है. अगर हम ओरिजिनल वीडियो और ट्विटर के इस वीडियो को गौर से देखते हैं तो पता चलता है कि 7 से 9 सेकंड के बीच एक कट लगा हुआ है. इसकी वजह से ऐसा लग रहा है कि ज़फ़र हिलाली ‘मारना’ के बजाय ‘मारा’ बोल रहे हैं. ‘मारना’ में से ‘ना’ हटा दिया गया है.

इसके ठीक बाद जो उन्होंने कहा है, वायरल वीडियो में वो हिस्सा भी डिलीट किया गया है. यहां ज़फ़र हिलाली दावा कर रहे थे कि इंडियन ऑपरेशन फ़ेल हो गया था और भारतीय वायुसेना ने फ़ुटबॉल फ़ील्ड में बम गिरा दिया. इस हिस्से को भी नहीं दिखाया गया.

इसके अलावा, वायरल वीडियो एक स्क्रीन की रिकॉर्डिंग है जिसे पलट दिया गया है. ओरिजिनल वीडियो में बालाकोट के पेड़ों को दिखाया जा रहा था जिन्हें नुकसान पहुंचा थ. जबकि वायरल वीडियो में पीएम नरेंद्र मोदी मिलिट्री पोशाक में नज़र आ रहे हैं. एडिट किये गये वीडियो में पैनल में बैठे लोगों का नाम नहीं दिखाया जा रहा है और इसमें गुलाबी बॉर्डर भी दिख रहा है, जो कि ओरिजिनल वीडियो में नहीं है.

ज़फर हिलाली ने खुद ट्वीट करते हुए इसकी पुष्टि की कि इस वायरल वीडियो में काट कर हिस्सों को जोड़ा गया है.

तकरीबन सभी मीडिया ऑर्गेनाइज़ेशन ने रिपोर्ट किया कि पाकिस्तानी डिप्लोमैट ज़फर हिलाली ने ये बात कुबूली है कि भारतीय सेना द्वारा बालाकोट एयरस्ट्राइक में पाकिस्तान के 300 लोग मारे गये थे. ये रिपोर्ट्स एक वायरल वीडियो पर आधारित थीं. वो वायरल वीडियो जो एक डिबेट को एडिट कर सोशल मीडिया पर शेयर किया गया था.


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I’m a journalism student, based out of Noida, Uttar Pradesh. I grew up in Nagaland, and as a teenager I spent my days in Assam. I spend most of my time on the Internet, and one can say I was raised by the Internet or am an Internet child.