एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. इसमें मेट्रो स्टेशन पर एक आदमी हाथ ऊपर कर सरेंडर की पोज़ीशन में बैठा है. वर्दी में बंदूक ताने सेना के जवानों ने उसे चारों ओर से घेर रखा है. इस वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि फरीदाबाद के एक मेट्रो स्टेशन पर सेना के जवानों ने आतंकी हमले को नाकाम किया और एक आतंकी को पकड़ने में कामयाब हुई.

ट्विटर यूज़र यमुनाशंकर पांडे ने ये वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा, “फरीदाबाद में बाटा मेट्रो स्टेशन पर आज एक बहुत बड़े आतंकी हमले को अपने फौजी भाइयों ने नाकाम कर उस आतंकी को गिरफ्तार किया, देखना ये भी इस्लामिस्ट ही होगा स्योर है.” (आर्काइव लिंक)

एक अन्य यूज़र ने भी ये वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा कि दिल्ली फरीदाबाद मेट्रो वायलेट लाइन में आतंकी को पकड़ा गया. (आर्काइव लिंक)

फ़ेसबुक पेज 24 network ने ये वीडियो पोस्ट करते हुए फरीदाबाद मेट्रो स्टेशन से एक संदिग्ध के गिरफ़्तार होने का दावा किया.

कई यूज़र्स ने ये वीडियो फ़ेसबुक और ट्विटर पर शेयर किया है.

फ़ैक्ट-चेक

ऑल्ट न्यूज़ ने देखा कि वायरल वीडियो के कमेंट सेक्शन में कुछ यूजर्स ने पॉइंट आउट किया था कि ये मॉक-ड्रिल का वीडियो है. जब हमने इससे जुड़े की-वर्ड्स से ट्विटर पर सर्च किया तो हमें फरीदाबाद पुलिस के ऑफ़िशियल हैंडल का ट्वीट मिला. पुलिस ने साफ तौर पर वायरल दावे का खंडन करते हुए कहा कि ये CISF के ‘मॉक ड्रिल’ अभ्यास का वीडियो है जिसे ग़लत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है. पुलिस के जवाब के बाद ऐसा दावा करने वाले यूज़र्स ने अपना ट्वीट डिलीट कर लिया.

वायरल दावे में इसकी लोकेशन फरीदाबाद का ‘बाटा’ मेट्रो स्टेशन बताया गया है. वीडियो में स्टेशन के सामने एक बिल्डिंग दिखाई देती है. इसकी लोकेशन वेरीफाई करने के लिए हमने गूगल मैप पर मौजूद ‘बाटा चौक’ की तस्वीरें देखी. लेकिन हमें वहां वायरल वीडियो से मेल खाती कोई तस्वीर नहीं मिली.

हमने इससे जुड़ी जानकारी इकट्ठा करने के लिए दिल्ली मेट्रो के ‘वायलेट लाइन’ पर मौजूद बाटा चौक के आगे-पीछे के कई स्टेशन को गूगल मैप पर देखा. हमें ‘NHPC चौक‘ मेट्रो स्टेशन के गूगल मैप पर मौजूद 2017 की एक तस्वीर मिली. ये तस्वीर वायरल वीडियो के एक फ्रेम से मेल खा रही थी.

हमने बेहतर रिजोल्यूशन वाली तस्वीर खोजने के लिए आस-पास की लोकेशन की तस्वीर को गूगल मैप पर खोजना शुरू किया. हमें एकता नगर, फरीदाबाद, हरियाणा की लोकेशन पर एक बेहतर तस्वीर मिली. इसे एक यूज़र ने इस आर्टिकल के लिखे जाने से 4 दिन पहले अपलोड किया था. नीचे दिए गए विज़ुअल कम्पेरिज़न में इसे देखा जा सकता है.

ट्विटर पर की-वर्ड्स सर्च की मदद से हमें प्रेस इन्फ़ोर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फ़ैक्ट-चेकिंग विंग का एक ट्वीट मिला. इसमें भी वीडियो के साथ वायरल दावे को फ़र्ज़ी बताते हुए इसे CISF का मॉक-ड्रिल बताया है.

कुल मिलाकर, CISF के मॉक-ड्रिल का वीडियो फरीदाबाद में आतंकी के पकड़े जाने के दावे के साथ शेयर किया गया.

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Abhishek is a journalist at Alt News.