सोशल मीडिया पर आम आदमी पार्टी का एक कथित बिलबोर्ड वायरल है. इस बिलबोर्ड पर गुजराती में लिखा है, “નમાજ પઢશે ગુજરાત” जिसका मतलब है गुजरात नमाज़ पढ़ेगा. आगे, पोस्टर पर लिखा है, “ભાગવત સપ્તાહ અને સત્યનારાયણની કથા જેવી ફાલતુ પ્રવૃત્તિ છોડો” जिसका मतलब है ‘भागवत सप्ताह और सत्यनारायण जैसी फालतू चीज़े छोड़ें’. आम आदमी पार्टी ने अगले साल गुजरात में होने वाले विधानसभा चुनाव में सभी सीट से अपने उम्मीदवार खड़े करने की बात कही है. ‘सिर्फ़ न्यूज़’ के एडिटर-इन-चीफ़ सुरजीत दासगुप्ता ने ये तस्वीर ट्वीट की थी. इस ट्वीट को बाद में डिलीट कर दिया गया लेकिन इसका आर्काइव वर्ज़न आप यहां पर देख सकते हैं.

ट्विटर यूज़र्स – @RenukaJain6, @ramnikmann, @ssoninb – ने ये तस्वीर ट्वीट की है.

This slideshow requires JavaScript.

फ़ेसबुक पर ये तस्वीर वायरल है.

फ़ैक्ट-चेक

ऑल्ट न्यूज़ ने फ़ेसबुक पर संबंधित की-वर्ड्स से सर्च किया. हमें कई फ़ेसबुक पोस्ट्स मिलीं जिसमें ऐसे ही बिलबोर्ड की तस्वीर शेयर की गई थी. ट्विटर पर आम आदमी पार्टी डांग ज़िले ने 10 जुलाई को इस पोस्टर की कुछ तस्वीरें ट्वीट की थीं. आम आदमी पार्टी भरूच ज़िले ने भी इस पोस्टर की कुछ तस्वीरें ट्वीट की थीं.

इस बिलबोर्ड में 3 लोगों की तस्वीर दिखती है. तस्वीर के साथ पोस्टर में इन लोगों के नाम भी दिए गए हैं जो बाएं से दाए इस प्रकार हैं – इसुदान गढ़वी, गोपाल इटालिया और अरविंद केजरीवाल. नीचे ओरिजिनल पोस्टर के एडिट किया गया हिस्सा दिखाया गया है.

1. “હવે બદલાશે ગુજરાત” (अब बदलेगा गुजरात) को “નમાજ પઢશે ગુજરાત” (नमाज़ पढ़ेगा गुजरात) कर दिया गया.

2. वैसे ही “ભાગવત સપ્તાહ અને સત્યનારાયણની કથા જેવી ફાલતુ પ્રવૃત્તિ છોડો” (भागवत सप्ताह और सत्यनारायण जैसी फालतू चीज़े छोड़े) पोस्टर में जोड़ा गया है.

3. गोपाल इटालिया की तस्वीर को दाढ़ी और मुस्लिम समुदाय से जुड़ी टोपी पहने व्यक्ति की तस्वीर से बदला गया है.

असलियत में मुस्लिम जैसे दिखने वाले व्यक्ति और कोई नहीं बल्कि गोपाल इटालिया ही हैं. रिवर्स इमेज सर्च करने पर मालूम हुआ कि गोपाल की तस्वीर को इस्लामी सशस्त्र ग्रुप अंसर अल-इस्लाम के फ़ाउन्डर मुल्ला क्रेकरी के साथ मर्ज किया गया है.

इस तरह, पत्रकारों समेत कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने आम आदमी पार्टी के बिलबोर्ड की एडिट की हुई तस्वीर झूठे दावे के साथ पोस्ट की कि आम आदमी पार्टी गुजरात में हिन्दू पूजाओं को बढ़ावा न देकर नमाज़ को बढ़ावा दे रही है.


दिलीप कुमार की मौत के बाद शेयर किये गए ग़लत दावे, वक़्फ़ बोर्ड को नहीं दान किये 98 करोड़ रुपये :

डोनेट करें!
सत्ता को आईना दिखाने वाली पत्रकारिता का कॉरपोरेट और राजनीति, दोनों के नियंत्रण से मुक्त होना बुनियादी ज़रूरत है. और ये तभी संभव है जब जनता ऐसी पत्रकारिता का हर मोड़ पर साथ दे. फ़ेक न्यूज़ और ग़लत जानकारियों के खिलाफ़ इस लड़ाई में हमारी मदद करें. नीचे दिए गए बटन पर क्लिक कर ऑल्ट न्यूज़ को डोनेट करें.

Donate Now

बैंक ट्रांसफ़र / चेक / DD के माध्यम से डोनेट करने सम्बंधित जानकारी के लिए यहां क्लिक करें.
Tagged:
About the Author

Aqib is monitoring and researching mis/disinformation at Alt News