क्या कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के पक्ष में करीब 6 लाख वोट रिकॉर्ड में से गायब हो गए हैं? भारतीय इलेक्शन कमिशन की वेबसाइट के स्क्रीनशॉट पर से यह दावा सोशल मीडिया पर किया गया है।

स्क्रीनशॉट में देखा जा सकता है कि राहुल गांधी को 1276945 मत मिले हैं। इसी पोस्ट को ज़ूम करके नीचे दिखाया गया है। राहुल गांधी ने वायनाड लोकसभा सीट रिकॉर्ड वोट के साथ जीती है, मगर अमेठी की अपनी पारंपरिक लोकसभा सीट स्मृति ईरानी से हार गए है।

हालांकि जब अंतिम परिणाम आया, तब पता चला कि राहुल गांधी को 706,367 वोट मिले हैं।

एक अन्य स्क्रीनशॉट के अनुसार, राहुल गांधी को 13 लाख से अधिक वोट मिले थे, जो बाद में 7 लाख वोट के करीब हो गए।

उपरोक्त स्क्रीनशॉट को एक यूट्यूब चैनल ने अपने ‘वीडियो रिपोर्ट’ में उपयोग किया है, जिसमें चुनावी प्रक्रिया पर आरोप लगाया गया है। वीडियो को 23 मई को पोस्ट करने के बाद, अब तक इसे 15 लाख से अधिक लोग देख चुके हैं।

तो क्या मतों में हुई बढ़ोतरी निर्वाचन आयोग के रिकॉर्ड से गायब हो गयी? क्या इसके पीछे कोई शरारत की गई है, जैसा कि सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने स्क्रीनशॉट के ज़रिये दावा किया है?

रिकॉर्ड में कोई भिन्नता नहीं है

13 लाख वोट राहुल गांधी के पक्ष में डाले गए हैं, यह दावा गलत है। 24 अप्रैल के द हिन्दू के एक लेख के मुताबिक यह कहा जा सकता है कि मतदान क्षेत्र के कूल मतदाताओं की संख्या 10,89,819 है।

इस प्रकार से, यह मुमकिन नहीं है कि सभी 13 लाख मतदाता कांग्रेस के पक्ष में वोट डाले। इसके आलावा वायनाड लोकसभा सीट में 2014 के लोकसभा चुनाव में 915,138 वोट डाले गए थे। इन जानकारी को आप केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर देख सकते हैं। इस बार की संख्या (10,89,819), 2014 के लोकसभा चुनाव की संख्या से बढ़ी है। इसके अतिरिक्त इस बार मतदाताओं के प्रतिशत (74.14%) में 2014 के संसदीय चुनाव के प्रतिशत (73.26%) से इज़ाफा हुआ है।

सोशल मीडिया में चल रहे दावों की वज़ह चुनाव आयोग की वेबसाइट में हुई त्रुटि है, जिसे बाद में ठीक किया गया। अंत में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, राहुल गांधी को 706367 वोट मिले हैं। उन्होंने 64.67% वोट से वायनाड सीट जीता है।

ग़लत
दावा:
राहुल गांधी के 6 लाख वोट में हेराफेरी, चुनाव आयोग ने की है धांधली

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