1 अप्रैल से शुरू हुए कुम्भ मेले में लोगों का भारी जमावड़ा देखने को मिल रहा है. कोरोना महामारी की दूसरी लहर देश में भय का माहौल पैदा कर रही हैं जिस वजह से कुम्भ मेला में लोगों के इकट्ठा होने पर आपत्तियां जताई जा रही है. अमर उजाला की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 10 से 14 अप्रैल के बीच कुम्भ मेले में 1300 लोग कोरोना से संक्रमित पाए गए थे. इस बीच, कई लोगों ने इस आयोजन की तस्वीरें शेयर करते हुए प्रशासन पर सवाल उठाया है.

इस दौरान, भाजपा महिला मोर्चा की नेशनल सोशल मीडिया इनचार्ज प्रीति गांधी ने 15 अप्रैल को एक वीडियो ट्वीट किया. वीडियो में एक व्यक्ति बैकग्राउंड में बोलता है कि पूरा हरिद्वार खाली है. कुम्भ मेले के दौरान लोग स्नान के लिए वहां पर नहीं आये हैं. वीडियो में दिख रहा है कि एक गाड़ी किसी फ्लाईओवर से गुजर रही है और नीचे नदी के तट पर भीड़ नहीं है. ये वीडियो ट्वीट करते हुए प्रीति गांधी ने लिखा है कि कुम्भ मेले में कोरोना वायरस के बढ़ने का दावा सिर्फ प्रोपगेंडा है. उन्होंने इस वीडियो को हरिद्वार की असली स्थिति बताकर शेयर किया है. (आर्काइव लिंक)

ट्विटर हैन्डल ‘@rajivtuli69’ ने भी ये वीडियो ट्वीट किया है. (आर्काइव लिंक)

ट्विटर यूज़र ऋषि बागरी ने भी ये वीडियो इसी दावे के साथ ट्वीट किया है. (आर्काइव लिंक)

फ़ेसबुक पर भी ये वीडियो इसी मेसेज के साथ शेयर किया गया है.

ऑल्ट न्यूज़ के ऑफ़िशियल मोबाइल ऐप पर इस वीडियो की हकीकत जानने के लिए कुछ रीक्वेस्ट भी आई हैं. व्हाट्सऐप पर भी ये वीडियो शेयर किया जा रहा है.

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फ़ैक्ट-चेक

वायरल वीडियो की सच्चाई क्या है?

वीडियो को फ़्रेम बाय फ़्रेम देखने पर हमें कुछ बिलबोर्ड दिखें. इनपर “होटल गंगा व्यू” और “होटल गंगेश पार्क” लिखा है.

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गूगल मैप से हम इन दोनों होटलों की लोकेशन ट्रैक कर पाए. ये दोनों होटल हरिद्वार के ‘श्री गोविंद घाट’ के आसपास है.

वीडियो के फ़्रेम और गूगल मैप पर मौजूद होटल गंगा व्यू की तस्वीर की कंपेरिज़न आप नीचे देख सकते हैं.

इस वीडियो के लोकैशन की जानकारी इकट्ठा करने के लिये हमने होटल गंगेश पार्क में कॉन्टेक्ट किया. वहां पर हमारी बात प्रदीप चौहान से हुई. उन्होंने बताया, “ये वीडियो हमारी होटल के सामने वाले फ्लाईओवर से रिकार्ड किया गया है. ये श्री गोविंद घाट है. इस वीडियो में भीड़ के कम दिखने का कारण है कि इसे शायद दोपहर के वक़्त रिकार्ड किया गया था. शाही स्नान का समय सुबह का होता है. और ज़्यादातर लोग शाही स्नान के लिए हर की पौड़ी घाट जाते हैं. श्री गोविंद घाट पर सिर्फ़ कुछ ही लोग आते हैं. और ये लोग सुबह के वक़्त स्नान कर आरती में हिस्सा लेने के बाद चले जाते हैं. उसके बाद वो शाम की आरती के लिए आते हैं. इस दौरान दोपहर को वैसे भी घाटों पर कम भीड़ दिखाई देती है.”

आगे, फ्लाइओवर पर भीड़ क्यों नहीं है? ये पूछने पर प्रदीप ने कहा, “उस रोड पर आगे पुलिसकर्मी लोगों को रोक कर पूछताछ कर रहे थे इस कारण भीड़ कम दिख रही है. वैसे भी हर की पौड़ी घाट के मुकाबले श्री गोविंद घाट के आसपास कम ही भीड़ रहती है.”

इसके अलावा, हमने हरिद्वार के एक स्थानीय व्यक्ति से भी बात की. उन्होंने बताया, “ये वीडियो श्री गोविंद घाट का है. वीडियो में भीड़ नहीं होने की जो बात कही जा रही है, वो दरअसल गलत है. माना कि पिछले सालों के मुकाबले इस साल घाट पर शाही स्नान के लिए भीड़ कम थी लेकिन फिर भी काफी लोग कुम्भ मेले में शामिल होने के लिए आए थे. फ्लाइओवर को सेफ़्टी के कारणों की वजह से बंद किया गया था. बड़ी गाड़ियों के लिए फ्लाइओवर से पहले ही एक पार्किंग व्यवस्था बनाई गई है. वहां पर गाड़ियां पार्क करने के बाद लोग पैदल या ई-रिक्शा के ज़रिए हर की पौड़ी घाट तक पहुंचते हैं. ये वीडियो मेरे हिसाब से शायद दोपहर के आसपास रिकार्ड किया गया होगा. शाही स्नान का वक़्त सुबह के 4 बजे से शुरू होता है. दोपहर होते-होते भीड़ कम होने लगती है लेकिन बाद में शाम की आरती में भीड़ फ़िर से बढ़ती है. लाउड स्पीकर के ज़रिए अलग-अलग अखाड़ों के स्नान की घोषणा की जाती है. और आम जनता के लिए घाट पर रहने का वक़्त भी 15 से 20 मिनट तक का ही रखा गया था.”

गूगल मैप पर भी होटल गंगेश पार्क के सामने एक फ्लाइओवर दिखता है जिससे ये वीडियो रिकार्ड किया गया था.

श्री गोविंद घाट और हर की पौड़ी के बीच का अंतर 6 किमी से 7 किमी के बीच का है.

हमने एक स्थानीय पत्रकार से भी बात की जिन्होंने बताया, “ये वीडियो शायद उस वक़्त रिकार्ड किया गया हो जब सभी भक्त शाम 6 बजे से शुरू होने वाली आरती में शामिल होने के लिए हर की पौड़ी में गए हो. गोविंद घाट पर हर की पौड़ी से कम भीड़ देखने को मिलती है. ज़्यादातर स्थानीय लोग ही गोविंद घाट पर आते हैं. और इस समय कोरोना वायरस की वजह से कम भीड़ देखने को मिल रही है.” हमें ये भी बताया गया कि जिस फ्लाइओवर से ये वीडियो रिकार्ड किया गया है वो जगह खाली इस लिए दिख रही है क्योंकि वो एक ज़ीरो ज़ोन है. वहां पर ऑफ़िशियल और मीडिया कर्मचारी को जाने की अनुमति दी गई है. आम जनता को सुबह के 5 बजे से शाम के 6 बजे तक फ्लाइओवर पर जाने की अनुमति नहीं है क्योंकि ये रोड 13 अखाड़ों के लिए रिज़र्व किया गया है.”

यहां गौर करें कि शाही स्नान 11 मार्च को शिवरात्रि के मौके पर हुआ था. उसके बाद दूसरा शाही स्नान 12 अप्रैल और 14 अप्रैल को हुआ था.

कुम्भ मेला 2021 – हरिद्वार के दृश्य

14 अप्रैल (जिस तारीख की बात वायरल वीडियो में की जा रही है) को बैसाखी पर्व का शाही स्नान था. हरिद्वार के हर की पौड़ी में काफ़ी भक्त और साधु डुबकी लगाने के लिए पहुंचे थे. दूरदर्शन नेशनल ने 14 अप्रैल को हरिद्वार से कुम्भ मेले का लाइव प्रसारण किया था. 7 घंटे के इस प्रसारण में आप हर की पौड़ी पर जमा भीड़ देख सकते हैं.

कुम्भ पुलिस हरिद्वार ने 14 अप्रैल के शाही स्नान की कुछ तस्वीरें ट्वीट की हैं. इन तस्वीरों में आप भीड़ साफ़ तौर पर देख सकते हैं.

इसके अलावा, स्वामी अवधेशानन्द ने भी 14 अप्रैल के शाही स्नान की तस्वीरें ट्वीट की थीं.

कुम्भ पुलिस ने दिल्ली-हरिद्वार ब्रिज और देहरादून-हरिद्वार ब्रिज के खुलने के बारे में 14 अप्रैल को शाम 7 बजकर 29 मिनट पर ट्वीट किया था. गौर करें कि इस ब्रिज के बंद होने के बारे में हमें हरिद्वार के एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया था. और इसी ब्रिज से ये वीडियो रिकार्ड किया गया था. यहीं वजह है कि वीडियो में ब्रिज पर गाड़िया नहीं दिखती है.

कुल मिलाकर, श्री गोविंद घाट से उस वक़्त वीडियो रिकार्ड किया गया जिस वक़्त भीड़ नहीं होती है और ये दिखाने की कोशिश की गई कि हरिद्वार में कुम्भ मेले के दौरान भीड़ जमा नहीं हुई है. कुम्भ मेले 2021 में लोगों के जमावड़े को लेकर लोग प्रशासन पर सवाल उठा रहे हैं कि कोरोना महामारी के दौरान कुम्भ क्यों आयोजित किया गया है. लेकिन इन सवालों को दबाने के लिए प्रीति गांधी समेत कुछ लोगों ने एक भ्रामक वीडियो शेयर किया जो कि हरिद्वार में आयोजित कुम्भ मेले की आधी-अधूरी स्थिति दिखाती है.


हरियाणा के करनाल में हो रही एब सीरीज़ की शूटिंग के दृश्य को लोगों ने असली घटना बताकर शेयर किया :

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