पूर्व क्रिकेटर और भाजपा सांसद गौतम गंभीर 15 नवम्बर को दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को लेकर बुलाई गई बैठक में शामिल नहीं हुए थे। यह बैठक शहरी विकास मंत्रालय से जुड़ी संसद की स्थायी समिति ने बुलाई थी। 15 नवम्बर को ही वीवीएस लक्ष्मण ने जतिन सप्रू और गंभीर के साथ इंदौर में जलेबी का नाश्ता करते हुए कुछ तस्वीरें ट्वीट की थी। तस्वीर सामने आने के बाद प्रदूषण पर होने वाली बैठक में गैरमौजूदगी के लिए गंभीर लगातार आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं।

इसी बीच आम आदमी पार्टी के सोशल मीडिया टीम की सदस्य आरती चड्डा ने गौतम गंभीर का एक वीडियो ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा है, “दिल्ली वासियों ; सुनिए आपके एमपी क्या कह रहे हैं – Pollution पर बैठक ज़रूरी है या Cricket Commentary? अगली बार किसी सेलिब्रिटी को वोट देने से पहले 2 बार सोचियेगा। “

विडियो 8 सेकंड का है, जिसमें गौतम गंभीर से पत्रकार कहते हैं, “लेकिन आप बैठक में नहीं आए, बुलाया गया था तो…” गंभीर- “भाईसाब अगर आप… बैठक ज़रूरी है या मेरा काम ज़रूरी है, 5 महीने में मैंने अपने काम।” (आर्काइव)

यहाँ गौतम गंभीर के शब्द “बैठक ज़रूरी है या मेरा काम ज़रूरी है” से ‘काम’ शब्द की तुलना उनके व्यक्तिगत काम से की गई है। यह दर्शाने की कोशिश की गई है कि गंभीर कह रहे हैं कि उनके लिए किसी बैठक से ज़्यादा ज़रूरी उनका व्यक्तिगत काम या व्यावसायिक कांट्रैक्ट है।

आरती ने फेसबुक पर भी यह वीडियो समान संदेश से पोस्ट किया है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रिय मीडिया कोऑर्डिनेटर विकास योगी ने इस वीडियो को ट्वीट किया है।

आप के उप जिला अध्यक्ष भगवत बिष्ट ने फेसबुक पर इसे शेयर किया है। खुद को पार्टी के सोशल मीडिया टीम के सदस्य बताने वाले विकास ने यह वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा है, “पूर्वी दिल्ली से सांसद गौतम गंभीर कह रहे हैं कि प्रदूषण पर किसी बैठक से ज़्यादा ज़रूरी उनका काम है।”

क्लिप्पड वीडियो

यह वीडियो असली है, लेकिन गौतम गंभीर के 1.30 मिनट के बयान का सिर्फ 8 सेकंड का एक हिस्सा क्लिप कर गलत संदर्भ में पेश किया गया है। पूरे वीडियो में गंभीर ने कहीं भी ‘क्रिकेट कमेंट्री’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया है।

इस वीडियो में 55 सेकंड पर वायरल वीडियो का हिस्सा है, जहां गंभीर कहते हैं, “भाईसाब अगर आप… बैठक ज़रूरी है या मेरा काम ज़रूरी है, 5 महीने में मैंने अपने काम आपको गिनवा दिए, आप 5 साल की भी तो काम गिनिए ना… कि जो उन्होंने 5 साल में काम किए हैं। मैंने बैठक इसीलिए नहीं अटेंड करी क्योंकि 11 को जब हमारे को मेल आया था , हमने उसी दिन कन्वेय कर दिया था कि जो मेरा कॉन्ट्रैक्ट है वो मुझे अटेंड करना पड़ेगा ठीक है और 11 तारिक को ही उनको ये मेल जा चूका था। ऐसा नहीं है कि मैंने 13 तारिक को बोला  कि मैं नहीं आऊंगा। आप मेरे 5 महीने का काम देखिए। “

यहाँ गंभीर जब कहते हैं “बैठक ज़रूरी है या मेरा काम” तो उनका सन्दर्भ संसदीय काम से था ना कि उनके व्यक्तिगत कॉन्ट्रैक्ट या काम से। उनके शब्दों को गलत तरीके से पेश करने के लिए वीडियो के आगे का हिस्सा क्लिप कर दिया गया जहां वो कहते हैं, “5 महीने में मैंने अपने काम आपको गिनवा दिए, आप 5 साल की भी तो काम गिनिए ना… कि जो उन्होंने 5 साल में काम किए हैं।”

इस तरह गंभीर के पूरे बयान को क्लिप कर सिर्फ 8 सेकंड का हिस्सा सोशल मीडिया पर गलत संदर्भ से शेयर किया गया है।

ग़लत
दावा:
प्रदूषण पर बैठक से ज़्यादा क्रिकेक कमेंट्री ज़रूरी है - गौतम गंभीर

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