राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की 125वीं जयंती के मौके पर राष्ट्रपति भवन में उनकी एक पेंटिंग का अनावरण किया. इसके बाद एक ट्वीट ने ट्विटर पर हड़कंप मचा दिया जिसमें दावा किया गया कि ये पेंटिंग सुभाष चन्द्र बोस की नहीं बल्कि बंगाली ऐक्टर प्रोसेनजीत चटर्जी की है. प्रोसेनजीत ने 2019 में श्रीजीत मुखर्जी की फ़िल्म ‘गुमनामी’ में सुभाष चन्द्र बोस का किरदार निभाया था.

सबसे पहले ये दावा करने वालों में डॉक्टर आदिल हुसैन (@adilhossain) शामिल हैं. (आर्काइव लिंक)

इस दावे को सच मानते हुए जल्द ही इसपर राजनीति शुरू हो गयी और कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस भाजपा पर तंज कसते नज़र आये. पश्चिम बंगाल कांग्रेस, TMC नेता महुआ मोइत्रा, तमिलनाडु कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष मोहन कुमारमंगलम और छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव, इन सभी ने ये दावा शेयर करते हुए ट्वीट किया.

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कांग्रेस के डिजिटल कम्युनिकेशंस और सोशल मीडिया के नेशनल कोऑर्डिनेटर गौरव पांधी ने भी ये दावा ट्वीट करते हुए प्रोसेनजीत चटर्जी की फ़िल्म से ली गयी तस्वीरें शेयर की.

बरखा दत्त, शिव अरूर, स्वाति चतुर्वेदी, राजदीप सर्देसाई, सागरिका घोष समेत कई पत्रकारों ने भी इस दावे को सच मानते हुए ट्वीट किये. ऋचा चड्ढा और तहसीन पूनावाला भी इसे शेयर करने वाले नामी-गिरामी हस्तियों में शामिल थीं.

फ़ैक्ट चेक

ऑल्ट न्यूज़ ने पेंटिंग को क्रॉप कर यांडेक्स पर रिवर्स इमेज सर्च किया. हमें सुभाष चन्द्र बोस की ऐसी ही एक तस्वीर मिली. इसे 2019 में भाजपा नेता चन्द्र कुमार बोस ने ट्वीट किया था. चन्द्र कुमार शुभाष चन्द्र बोस के पोते हैं.

पेंटिंग और ट्वीट की तस्वीर की तुलना करने पर कई समानताएं नज़र आती हैं- एक जैसी टोपी, टोपी पर पत्ते जैसा डिज़ाइन, आंख के पास झुर्रियां और कोट पर बनी सिलवटें वगैरह.

राष्ट्रपति भवन में परेश माइति की इस पेंटिंग की परफे़क्शन को लेकर लोगों की अलग-अलग राय हो सकती है. लेकिन ये भी साफ़ है कि उन्होंने सुभाष चन्द्र की तस्वीर की पेंटिंग बनाई है. पेंटिंग में फ़िल्म ‘गुमनामी’ के अभिनेता प्रोसेनजीत चटर्जी नहीं हैं. परेश माइती की इस पेंटिंग की पूरी तस्वीर नीचे देखी जा सकती है.

 

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दोनों को देखकर मालूम होता है कि पेंटिंग इसी तस्वीर की है.

यांडेक्स और बिंग पर दोबारा रिवर्स इमेज सर्च करने पर रिफ़रेन्स तस्वीर के कई वर्ज़न मिलते हैं (तीसरी और चौथी). हमें एक और ऐसी तस्वीर (पांचवीं) मिली जो रिफ़रेन्स तस्वीर जैसी ही है. ये सब हिंट्स बताते हैं कि पेंटर ने सुभाष चन्द्र बोस की असली तस्वीर देखकर ही पेंटिंग बनाई है.

पत्रकार निस्तुला हेबर ने ट्वीट कर बताया कि सुभाष चन्द्र बोस की पोती जयंती बोस रक्षित ने परेश माइती को पेंटिंग बनाने के लिए तस्वीर दी थी. बरखा दत्त, शिव अरूर, गौरव पांधी, ऋचा चड्ढा और महुआ मोइत्रा समेत कई लोगों ने अब अपने ट्वीट्स डिलीट कर लिए हैं.


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असत्य
दावा:
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सुभाष चन्द्र बोस की जगह अभिनेता प्रोसेनजीत चटर्जी की पेंटिंग का अनावरण नहीं किया

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